“मध्यप्रदेश आज अन्याय और अत्याचार की राजधानी बन चुका है”— इसी सच्चाई को सामने लाने और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आज कांग्रेस परिवार ने रीवा में #न्याय_सत्याग्रह के माध्यम से एकजुट होकर आवाज़ बुलंद की।
इस आंदोलन में #वोट_चोरी के खिलाफ भाजपा की साजिशों को उजागर किया गया और चुनाव आयोग की संदिग्ध भूमिका पर ठोस सबूतों के साथ सवाल उठाए गए।
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ‘राहुल भैया’, कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य श्री कमलेश्वर पटेल, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री राजमणि पटेल, पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री सचिन यादव, श्री ओमकार मरकाम, श्री सुखदेव पांसे, श्री लखन घनघोरिया, विधायक श्री राजेन्द्र सिंह, श्री अभय मिश्रा, श्री सिद्धार्थ कुशवाहा, श्री नारायण पट्टा, श्री फून्देलाल मार्को, श्री कैलाश कुशवाहा, श्री चैन सिंह बरकड़े, श्री दिनेश गुर्जर, श्री हरीबाबू राय, जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री राजेन्द्र शर्मा, महापौर श्री अजय मिश्रा, पूर्व विधायक श्रीमति नीलम अभय मिश्रा, श्री नीरज दीक्षित, श्री लक्ष्मण तिवारी, श्री पज्जन चाचा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्रीमति विभा पटेल, प्रदेश महासचिव श्रीमति कविता पांडे सहित अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
श्री जीतू पटवारी का तीखा हमला
रीवा में सत्याग्रह को संबोधित करते हुए श्री जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर करारा प्रहार किया।
उन्होंने कहा—
“मोहन यादव की सरकार अली बाबा 40 चोर की सरकार है। जनता के पैसों का दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और पक्षपात चरम पर है।”
“मोहन यादव 250 रुपये की मिठाई भिजवाते हैं और जीजा जी को 5000 रुपये का बिल भेजते हैं। यही है इस सरकार की असलियत
राहुल गांधी की लड़ाई का समर्थन
श्री पटवारी ने कहा—
आज राहुल गांधी देश की संस्थाओं को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। उनकी लड़ाई सिर्फ कांग्रेस की नहीं, पूरे भारत के लोकतंत्र की है।”
नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने कहा—
यह आंदोलन जनता की आवाज़ को बुलंद करने, लोकतंत्र की रक्षा और न्याय दिलाने का संकल्प है। भाजपा की तानाशाही और अन्यायपूर्ण नीतियों के खिलाफ हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक प्रदेश की जनता को पूरा इंसाफ नहीं मिलता और सच्चाई की जीत सुनिश्चित नहीं होती।”
न्याय सत्याग्रह के इस ऐतिहासिक आयोजन में कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए उसका संघर्ष सड़क से सदन तक जारी रहेगा और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।