आईपीएल 2023 में इस बार भारतीय क्रिकेट के युवा सितारों की असली चमक देखने को मिली। चाहे फिनिशर की भूमिका निभानी हो या दबाव वाले हालातों में आखिरी ओवर में गेंदबाज़ी करनी हो, चाहे लीड स्पिनर का रोल अदा करना हो या नई गेंद के साथ तेज़ गेंदबाज़ी की शुरुआत या फिर सलामी बल्लेबाज़ी में अपनी टीम को विस्फोटक शुरुआत देने की ज़िम्मेदारी हो, हर भूमिका में भारत के युवा और जोशिले क्रिकेटर्स खरे उतरे।
एक दौर था जब आईपीएल में विदेशी क्रिकेट खिलाड़ियों से अधिक उम्मीद की जाती थी। शेन वार्न और एडम गिलक्रिस्ट की कप्तानी में टीमों ने खिताबी जीत भी दर्ज की लेकिन वो दौर गुजर चुका है और समय भी बदल चुका है। अब समय है भारतीय क्रिकेट के युवा कंधों को अधिक ज़िम्मेदारी देने का। इस बार के आईपीएल में विदेशी खिलाड़ियों के मुकाबले घरेलू प्रतिभाओं पर सभी की नज़रें थीं। दबाव वाले मैचों में भी इन खिलाड़ियों की प्रतिभा निखर कर सामने आई और मैच के आखिरी लम्हें हों या पारी की पहली गेंद, इनके जूझारू रवैये और बुलंद हौसलों में कोई कमी देखने को नहीं मिली। इतना ही नहीं इन युवा खिलाड़ियों ने हारने जैसे हालात में भी बिना आत्मविश्वास खोए, विपक्षी टीम के जबड़े से जीत छीन निकाल लेने का जज़्बा भी दिखाया।
यशस्वी जायसवाल, जितेश शर्मा, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, साई सुदर्शन, शिवम दुबे, नेहाल वढेरा, प्रभसिमरन सिंह, शाहरुख खान, ध्रुव जुरेल जैसे युवा बल्लेबाजों की बात हो या आकाश मधवाल, आवेश खान, तुषार देशपांडे, मोहसिन खान और मुकेश कुमार जैसे युवा तेज़ गेंदबाज़ों से उम्मीदें हों या फिर सुयश शर्मा, कर्ण शर्मा और हरप्रीत बरार जैसे युवा फिरकी गेंदबाज़, इन सभी खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के चलते क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। ये फेहरिस्त उन खिलाड़ियों की हैं जिनका ये पहला या दूसरा आईपीएल था और इतने पड़े स्टेज का अनुभव भी इन युवाओं के पास नहीं था। इस बार आईपीएल में 10 टीमों ने शिरकत की थी और हर टीम में कोई ना कोई भारतीय खिलाड़ी ऐसा था, जिसने दिल जीत लेने वाला प्रदर्शन किया और वो अपनी टीम का ही नहीं बल्कि क्रिकेट प्रेमियों का भी हीरो बन गया।
आईपीएल का धुआंधार प्रदर्शन और घरेलू क्रिकेट के ठोस और प्रभावी खेल की दोहरी सफलता ने कई खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाज़े भी खोल दिए। इसकी सबसे ताजा मिसाल रही यशस्वी जायसवाल की, जिन्हें पहले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए भारतीय दल में शामिल किया गया और फिर हाल ही में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ भी दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ के लिए एक बार फिर भारतीय क्रिकेट टीम में जगह दी गई है। यही नहीं लंबे समय बाद वापसी करने वाले अजिंक्य रहाणे का घरेलू क्रिकेट और आईपीएल के दौरान दोनों ही टूर्नामेंटो में जमकर चला और उन्हें टेस्ट टीम के लिए बुलावा आया।
ऋतुराज गायकवाड़, संजू सैमसन और मुकेश कुमार भी उन खिलाड़ियों में से हैं जो आईपीएल के दौरान चमके, हालांकि इनके खाते में अनुभव ज़्यादा है लेकिन अपनी टीम के विदेश खिलाड़ियों के मुकाबले इनके हुनर ने ज़्यादा प्रभावी प्रदर्शन कर दिखाया।
कुल मिलाकर कहा जाए तो भारतीय क्रिकेट अब भविष्य की ओर देख रहा है। इस वर्ष अक्टूबर-नवंबर में 50 ओवर का आईसीसी क्रिकेट विश्व कप भारत की मेज़बानी में ही होने जा रहा है लिहाजा इन सभी खिलाड़ियों को इस बार फिर नीली जर्सी में खेलता हुआ देखा जा सकता है। साथ ही भारत की टेस्ट और टी20 टीमों में भी अब युवा खिलाड़ियों को ज्यादा तरजीह दी जा सकती है क्योंकि इन युवा कंधों ने साबित कर दिया है कि अगर इन पर ज़िम्मेदारियों का बोझ डाला जाता है तो ये निखर कर और कामयाब होकर अपना लक्ष्य हासिल करने से नहीं चूकते हैं।
