सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

रिलायंस और मेटा की भारत में एंटरप्राइज़ एआई सॉल्यूशंस के लिए साझेदारी

रिलायंस और मेटा लामा-आधारित एजेंटिक एंटरप्राइज़ एआई प्लेटफ़ॉर्म और टूल विकसित करने के लिए एक संयुक्त उद्यम बनाएंगे

संयुक्त उद्यम भारतीय उद्यमों के लिए वर्टिकल और सेक्टर-विशिष्ट सॉल्यूशंस को विकसित करेगा

मुंबई, 29 अगस्त, 2025: भारत और दुनिया के चुनिंदा बाजारों में उद्यमों के लिए ‘एंटरप्राइज़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (“एआई”) सॉल्यूशंस, बनाएंगी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और मेटा। इसके लिए रिलायंस और मेटा ने एक संयुक्त उद्यम (ज्वाइंट वेंचर) की घोषणा की है। इस संयुक्त उद्यम में रिलायंस की हिस्सेदारी 70% और मेटा की हिस्सेदारी 30% रहेगी। दोनों कंपनियां समान अनुपात में 855 करोड़ रुपये यानी करीब 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का शुरूआती निवेश करेंगी। लेन-देन नियामक अनुमोदनों के अधीन है और इसके 2025 की चौथी तिमाही में पूरा होने की उम्मीद है।

सयुंक्त उद्यम की योजना मेटा के ओपन सोर्स लामा मॉडल को आरआईएल के डिजिटल बैकबोन से जोड़ कर भारतीय उद्यमों और छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों (एसएमबी) के लिए किफायती मूल्य पर एंटरप्राइज़-ग्रेड एआई देने की है। बिजनेस संस्थानों को सेल्स एंड मार्केटिंग, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी डेवलेपमेंट और संचालन, ग्राहक सेवा, वित्त, और अन्य एंटरप्राइज़ वर्कफ़्लोज़ की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करेगा। क्रॉस-फ़ंक्शनल और उद्योग की विशिष्ट जरूरतों को ध्यान में रखकर इसे डिज़ाइन किया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण है कि लामा की लागत काफी कम होगी।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक, मुकेश डी. अंबानी ने कहा, “मेटा के ओपन सोर्स लामा मॉडल को विभिन्न उद्योगों में हमारी विशेषज्ञता के साथ जोड़कर, हम प्रत्येक भारतीय और उद्यम को एआई प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम महत्वाकांक्षी छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों (एसएमबी) से लेकर ब्लू चिप कॉर्पोरेट्स तक, प्रत्येक भारतीय संगठन के लिए एंटरप्राइज़-स्तरीय एआई का लोकतंत्रीकरण करेंगे, जिससे वे तेज़ी से इनोवेशन कर सकेंगे, अधिक कुशलता से काम कर सकेंगे और वैश्विक स्तर पर आत्मविश्वास से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।”

मेटा के फाउंडर और सीईओ, मार्क ज़करबर्ग ने कहा, “हम भारतीय डेवलपर्स और उद्यमों तक ओपन सोर्स एआई की ताकत पहुँचाने के लिए रिलायंस के साथ साझेदारी को और गहरा करने को उत्साहित हैं। इस संयुक्त उद्यम के माध्यम से, हम मेटा के लामा मॉडल्स को वास्तविक दुनिया में उपयोग में ला रहे हैं और मेटा द्वारा हम उद्यम क्षेत्र में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने की आशा कर रहे हैं।

संबंधित समाचार

दुनिया की सबसे लंबी स्लैग रोड बनाकर जिंदल स्टील ने रचा इतिहास, बना गिनीज रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जिंदल स्टील ने देश के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने फैक्ट्रियों से निकलने...

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img