बेल्लारी में हुई झड़प की जांच अब सरकार ने CID को सौंप दी है। बता दें कि इस मामले में एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हो गई थी। इसके बाद जिले में एसपी को निलंबित भी कर दिया गया था।कर्नाटक के बेल्लारी में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, सरकार ने बेल्लारी में 1 जनवरी की हिंसा की जांच औपचारिक रूप से आपराधिक जांच विभाग (CID) को स्थानांतरित कर दी है। बता दें कि कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और भाजपा विधायक जी. जनार्दन रेड्डी के समर्थकों के बीच हुई झड़प में 26 वर्षीय कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही दोनों दलों के बीच राजनीतिक गतिरोध पैदा हो गया है।
एक कार्यकर्ता की हुई थी मौत
दरअसल, नए साल के दिन अशांति तब शुरू हुई जब भाजपा विधायक जी. जनार्दन रेड्डी के आवास के पास बैनर लगाने को लेकर विवाद शुरू हो गया। दोनों दलों के बीच असहमति के बीच विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते पत्थरबाजी होने लगी। इसी बीच फायरिंग भी की गई, जिसमें अफरा-तफरी के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर को गोली लग गई और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस अधीक्षक निलंबित
इस घटना के बाद राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने के लिए बेल्लारी के पुलिस अधीक्षक पवन नेज्जूर को निलंबित कर दिया था। बाद में पुलिस ने ब्रूसपेट पुलिस स्टेशन में चार एफआईआर दर्ज की और अब तक दोनों पक्षों के 26 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब देखने वाली बात ये होगी कि सीबीआई इस मामले की जांच कब तक पूरी कर लेती है।
जनार्दन रेड्डी ने जान को बताया खतरा
हाल ही में इस घटना के बाद से भाजपा विधायक जी जनार्दन रेड्डी ने गृह मंत्री और सीएम को पत्र भी लिखा था। भाजपा विधायक ने खुद की जान को खतरा बताते हुए जेड श्रेणी की सुरक्षा की मांग की थी। इसके अलावा उन्होंने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से फेल होने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक नारा भरत रेड्डी के कहने पर सतीश रेड्डी और उसके लोगों ने सीधा हमला किया।




