मेरिका से करीब 60 बार गुहार लगाई थी कि सीजफायर करवा दिया जाए। इतना नहीं नहीं, पाकिस्तान ने ट्रंप प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए अलग-अलग 6 कंपनियों को लगभग 45 करोड़ रुपये दिए थे। ये दावा कि BJP के नेशनल इन्फॉर्मेशन & टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रभारी अमित मालवीय ने किया है।
पाकिस्तान के गिड़गिड़ाने का कैसे हुआ खुलासा?
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, ‘यह पाकिस्तान के सपोटर्स के लिए बुरी खबर है। अमेरिका के Foreign यानी FARA के तहत रिलीज किए गए दस्तावेजों से मालूम चलता है कि पिछले साल, भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को हिला दिया था।’
अमेरिका के आगे 60 बार गिड़गिड़ाया था पाकिस्तान
अपने पोस्ट में मालवीय ने आगे लिखा, ‘पाकिस्तान ने जंग को रोकने के लिए अमेरिका में अपने राजनयिकों के जरिए आक्रामक तौर पर पैरवी की थी। उसने सांसदों, शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों, पेंटागन और विदेश विभाग के अधिकारियों से लगभग 60 बार कॉन्टैक्ट किया था।’
सीजफायर के लिए पाकिस्तान ने की थी बात
FARA के तहत यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस में दायर किए गए दस्तावेजों से मालूम होता है कि पाकिस्तानी डिप्लोमैट्स ने अप्रैल के आखिर से लेकर 4 दिन के ऑपरेशन सिंदूर के बाद तक ईमेल, फोन कॉल और आमने-सामने की बैठकों के जरिए सीजफायर के लिए बातचीत की थी।
लॉबिंग में पाकिस्तान ने खर्च किए इतने करोड़
ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की कोशिश में पाकिस्तान ने ट्रंप प्रशासन तक तुरंत पहुंच हासिल करने के लिए 6 लॉबिंग फर्मों पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए थे। अब भारत में उन सभी लोगों की पहचान करिए जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों और प्रधानमंत्री मोदी पर शक किया। इनको एक बार फिर बेनकाब करना होगा।




