इस दोष को ज्ञानी,जो अपने आप को समझते है,ढूंढ ही लेते है पत्री में,तब जब उनको डराने के लिए ,आपको विचलित करने के लिए कुछ नही मिलता पत्री में। हस्त रेखा देखने वालों को वैसे भी कुछ नही मिलता, रेखाओं में। मेरे पास पिछले 25 सालो में अनगिनत लोग आए, जो अपनी परेशानियो का रोना रोते रोते कह नहीं देते है धीरे से, कहीं पित्र दोष तो नहीं। आप लोग सहमत हो न हो पर मेरी अक्ल कुछ ओर ही कहती है, पित्र दोष के लिए। जो मैंने सुना है, वो ये है कि इस दोष में आपके पूर्वज ही दुखी कर रहे हैं आपको। इसको समझने के लिए में आपको आप बीती बताता हूं। मेरे मिलने वाले एक साहेब ने, अपने बेटे को गलत हरकतों की वजह से घर, सम्पति से बेदखल कर दिया था। इस घटना के 5 साल बाद भी आज भी दबी जुबान में लोगो से पूछते दिखते है कि बेटा ठीक है, क्या करता है आजकल। कल मुझसे मिले तो पूछने लगे मैंने कहा अब अक्ल आ गयी है उसको, कहीं नौकरी करता है आजकल पर जरा आर्थिक तंगी में है,सुना है।
दो दिन बाद उसके दादा आये मेरे पास और 25 हज़ार दे गए कि उसको देना अपनी तरफ से उसको पता नहीं चलना चाहिए कि हमने दिए हैं। ये घटना क्या सिखाती है जो माँ बाप अपने जीते जी आपको दुखी नहीं देख सकते,जबकि उनके पास कर्म नाम का हथियार है, वो मरने के बाद कर्मविहीन हो कर आपको क्या कष्ट देंगे। हमारे अपने किसी भी हालत में न हमको दुखी देख सकते है न दुख दे सकते है। ये सब इन पीले कपड़ो वाले पंडितो के देन है जो आपको डराने में जुटे हुए है, क्योंकि अगर आप डरोगे नही तो इनका घर केसे चलेगा। ये तो मृत्य के डर को भी महामृत्युंजय यज्ञ से दूर कर देते है। अगर महामृत्युंजय मन्त्र से मृत्य टल जाती, तो बेचारे यमराज की तो नौकरी ही चली जाती, सब अमर ही हो जाते।
वैसे इन दोषों के डर की कालिख मेरे एक लेख से तो जाएगी नहीं,कई जन्म लेने पड़ेंगे, हाँ फिर भी अगर इस दोष का डर नहीं जाता तो एक काम करना किसी बहुदुखी गरीब आदमी की मदद कर देना यकीन करो कोई भी दुखी नही करेगा न तो तुम्हारे पूर्वज (जैसे कि लोग कहते है) न ही तुम्हारे खोटे कर्म। रही कालसर्प योग वो तो कुछ होता ही नहीं, दक्खीन वालो कि देन है।
जहां तक मुझे पता है राहु-केतु, जब मिलकर कोई सर्प की आकृति बना लेते है तो हो गया सर्प योग। वह भाई कल अगर शेर की आकृति बन गयी तो हो गया नया पैदा काल शेर योग। इन पत्री देखने वालों में सबसे बड़ा है मांगलिक दोष। मांगलिक की शादी मांगलिक से ही करना वरना दूसरा मर जायेगा। मौत की वजह है ये मांगलिक दोष।
अगर गलती से कोई अमीर रिश्ता मिल गया बेटा या बेटी के लिए तो दोष हटाने के लिए घड़े या पेड़ से शादी कर देना, मतलब ऊपर वाले को बेवकूफ बना दो, कि देखो हमने इसकी शादी कर दी है। अब जो भी मुसीबत आये वो पेड़ पर आए। बाहर के देशों में देखा क्या ये सब, वहां के लोग कितने सुखी है।
अब एक घटना ओर सुनो, मेरे पड़ोस में एक नए साहेब आये उन्होंने ज्ञानियों के कहने पर अपने वाले मकान के आगे शीशा लगवा दिया,और उसपर पता भी लिख दिया, जैसे मुसीबत, या नेगेटिव ऊर्जा पता पढ़कर कही और चली जाय। क्यों पढे़ लिखे होकर बेवकूफ बनते हो। अम्बानी से ज्यादा होशियार है ये लोग, क्योंकि ये लोग उनको भी बेवकूफ बना देते है।
इन पंडितो से बचकर रहना, इनके चक्करों में न पड़ना वरना चक्कर आने की बीमारी लग जाएगी। ऐसे लोगों को घर से दूर ही रखना वरना बेघर होने में देर नही लगेगी। इन विचारों के लिए आपके विचार सादर आमंत्रित है।
