मध्य प्रदेश में इन दिनों सबसे बहुचर्चित अर्चना तिवारी केस में जीआरपी पुलिस ने ग्वालियर के भंवरपुरा थाना में पदस्थ राम सिंह तोमर को हिरासत में लिया है। कांस्टेबल से जीआरपी थाना पुलिस ने पूछताछ की है।ग्वालियरः नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच B3 से गायब युवती अर्चना तिवारी का अभी तक पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है लेकिन परिजनों ने मंगलवार को दावा किया कि अर्चना सकुशल है। जानकारी के मुताबिक अर्चना ने आज यानी मंगलवार को अपने परिवार को कॉल किया था। अर्चना की मां से बातचीत हुई। हालाँकि अर्चना ने कहां से कॉल किया यह कोई नहीं बता रहा है। परिवार का दावा अर्चना से हुई फोन पर बात
अर्चना तिवारी के मुंह बोले भाई अंशुल मिश्रा ने दावा किया है कि उसकी अर्चना तिवारी से बात हो गई है। अर्चना तिवारी सकुशल है और वह उसको लेने के लिए ग्वालियर रवाना हो गए हैं। हालांकि जीआरपी पुलिस को अभी तक अर्चना तिवारी का कोई सुराग नहीं मिला है।
जीआरपी ने कांस्टेबल को हिरासत में लेकर की पूछताछ
मामले की जांच कर रही जीआरपी पुलिस ने बताया है कि युवती की ग्वालियर के भंवरपुर थाने में पदस्थ पुलिस कांस्टेबल से फोन पर बात होती थी। अर्चना का टिकट ग्वालियर के एक पुलिस कांस्टेबल ने ही बुक किया था। जीआरपी ने पुलिस कांस्टेबल को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि कांस्टेबल को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। वहीं पुलिस कांस्टेबल ने माना है कि उसकी अर्चना से बात होती थी और ट्रेन का टिकट भी उसी ने बुक किया था हालांकि कास्टेबल ने अर्चना से मुलाकात से इनकार किया है।
आरक्षक राम तोमर का कहना है कि मैं अर्चना से कभी नहीं मिला। उसे कभी देखा तक नहीं। दोस्त विक्रम राजावत के जरिये उससे फोन पर मेरी बातचीत हुई थी। अर्चना से मेरी केवल मोबाइल पर बात हुई है, मेरा इस मामले में कोई लेना-देना नहीं है। मुझे फंसाया जा रहा है, मैं बेकसूर हूँ, मैंने केवल उसका टिकट कराया था, अर्चना कहां है मुझे नहीं पता।
7 अगस्त को ट्रेन से लापता हो गई अर्चना
बता दें कि सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना तिवारी 7 अगस्त को चलती ट्रेन से लापता हो गई थी। वह 6 अगस्त को नर्मदा एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के कटनी साउथ स्टेशन पर पहुंची तो वहां सिर्फ़ उसका बैग बचा था, जिसमें एक राखी, एक रूमाल और बच्चों के लिए उपहार थे। जिस महिला ने रक्षाबंधन की इन ज़रूरी चीज़ों को बड़ी सावधानी से पैक किया था, उसका कहीं पता नहीं चला।
29 वर्षीय अर्चना तिवारी के लापता होने के बाद कई राज्यों में तलाशी अभियान शुरू हो गया है और यह सवाल भी उठ रहे हैं कि घर पहुंचने के लिए 12 घंटे की सामान्य यात्रा के दौरान क्या हुआ। उसके लापता होने के लगभग दो हफ़्ते बाद कोई सुराग नहीं मिला है।