भारत में सबसे बड़ा सम्बद्ध हेल्थकेयर इकोसिस्टम बनाने का लक्ष्य
विश्व के सबसे बड़े एकीकृत हेल्थकेयर प्रदाता, अपोलो ने अपने अद्वितीय सम्बद्ध केयर प्रोग्राम के अखिल-भारतीय विस्तार की घोषणा की है। अपोलो कनेक्ट नामक इस प्रोग्राम के द्वारा अपोलो का लक्ष्य भारत में सबसे बड़े सम्बद्ध हेल्थकेयर इकोसिस्टम का निर्माण करना है। इससे विभिन्न मेट्रो और गैर-मेट्रो शहरों में अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को समग्रतापूर्ण और बेहतर पेशेंट केयर प्रदान करने की शक्ति प्राप्त होगी। इस सम्बद्ध केयर पार्टनर नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करने के लिए अपोलो कनेक्ट ने सम्पूर्ण भारत में ईआईसीयू, नैदानिक, सर्जिकल परामर्श, रिमोट निगरानी, क्लिनिकल और क्वालिटी संबंधी प्रशिक्षण तथा प्रमाणन (आधिकारिक मान्यता) संबंधी सहयोग जैसी सेवायें आरम्भ की है।
अपोलो कनेक्ट का लक्ष्य सहयोग के माध्यम से एक मजबूत सम्बद्ध केयर पार्टनर नेटवर्क बनाकर भारत में हेल्थकेयर इकोसिस्टम को मजबूत करना है। इस दिशा में यह अंतिम बिंदु तक रोगी की पहुँच, वहन क्षमता, और अनुभव में सुधार करेगा। इस प्रोग्राम के माध्यम से अपोलो के साझेदार अस्पतालों के रोगी-सेवा में सुधार करने, बेहतर चिकित्सीय परिणाम प्राप्त करने, रोगी प्रतिधारण (रीटेंशन) को बेहतर करने, लागत बचाने और व्यावसायिक प्रदर्शन मजबूत करने की क्षमता हासिल होगी। अपोलो कनेक्ट से आप-पास के अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को भी फ़ायदा होगा। इसके इकोसिस्टम सपोर्ट से इन्हें मरीजों को ज़रूरी और गुणवत्तापूर्ण हेल्थकेयर शीघ्र उपलब्ध कराने तथा उनके आने-जाने तथा लॉजिस्टिक्स का वित्तीय बोझ कम करने में मदद मिलेगी।
इस प्रोग्राम की दूरदृष्टि के बारे में अपोलो के फाउंडर और चेयरमैन, डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने कहा कि, “देखभाल सेवा प्रदान करने वाले के रूप में हमारे लिए परस्पर सहयोग अनिवार्य है, ताकि क्वालिटी केयर की सुलभता की कमी के कारण किसी बीमार व्यक्ति को उपचार से वंचित नहीं रहना पड़े। इसी प्रतिबद्धता के साथ हमने अपोलो कनेक्ट प्रोग्राम तैयार किया है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य हेल्थकेयर प्रदाताओं को एक प्लैटफॉर्म पर लाकर साझा हेल्थकेयर का निर्माण करना है जिससे की हम मिल-जुलकर मरीजों के घर के नजदीक ही बेहतर देखभाल उपलब्ध करा सकें। हमने भारत के सबसे बड़े हॉस्पिटल चेन का निर्माण और संचालन किया है और इस नाते हम हेल्थकेयर की वास्तविकताओं तथा चुनौतियों को समझते हैं। इस समझ के साथ हमने अपोलो कनेक्ट को डिजाईन किया है। इसका लक्ष्य विभिन्न अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को अपोलो का असाधारण सेवा सहयोग देकर उनकी परिचालन और व्यवसाय सम्बन्धी कार्यकुशलता को और बेहतर बनाना है। सहयोग एक अत्यंत शक्तिशाली साधन है और हमें यकीन है कि हम एक साथ मिलकर भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम को वास्तव में मजबूत कर सकते हैं तथा प्रत्येक व्यक्ति को उनकी ज़रुरत का सही सपोर्ट सुनिश्चित कर सकते हैं।”
अपोलो पिछले दो वर्षों से सम्पूर्ण भारत में स्पेशल्टी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स के साथ अपोलो कनेक्ट का आरंभिक प्रयोग कर रहा है। इस दौरान इसे हर जगह शानदार सफलता मिली है – उदाहरण के लिए, मुरादाबाद में एक सुपर स्पेशल्टी हॉस्पिटल ने अपोलो डायग्नोस्टिक्स के सहयोग से अपना खुद का इन-हाउस लैब स्थापित किया है, अपोलो के ईआईसीयू की साझेदारी में छत्तीसगढ़ में एक मल्टीस्पेशअल्टी हॉस्पिटल के आईसीयू ऑक्यूपेंसी में 50% तक वृद्धि हुई है, बेंगलुरु में एक सुपर स्पेशल्टी हॉस्पिटल चेन ने अपोलो के क्रिटिकल केयर टीम द्वारा बार-बार प्रशिक्षण और परामर्श के सहारे अब ज्यादा जटिल इमरजेंसी केस लेने में सक्षम है।
अपोलो की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर, डॉ. संगीता रेड्डी ने कहा कि, “हम अपनी शुरुआत से ही सर्वश्रेष्ठ हेल्थकेयर समाधान तैयार और प्रदान करके स्वस्थ भारत के निर्माण के प्रति वचनबद्ध रहे हैं। हमारे लिए अपोलो कनेक्ट उस दिशा में एक और कदम है। इसके माध्यम से हम मरीजों को उनके यथासंभव निकटतम स्थान पर क्वालिटी हेल्थकेयर प्राप्त करने में मदद करते हैं। अपोलो कनेक्ट के तहत आपात स्थिति की देखभाल के साथ-साथ नैदानिक, रिमोट निगरानी और सर्जिकल परामर्श के अलावा अनेक दूसरे सेवाएं उपलब्ध हैं। हेल्थकेयर इकोसिस्टम को ज्यादा से ज्यादा मरीजों तक पहुँचाने और ज्यादा-से-ज्यादा जीवन को बचाने के लिए प्रत्येक अस्पताल और नर्सिंग होम एक संभावना है। हमें पक्का विश्वास है कि इन संस्थानों को सशक्त करके हम भारत में एक विश्व-स्तरीय हेल्थकेयर सिस्टम बनाने में सफल होंगे, जहां हर किसी को सर्वश्रेष्ठ उपचार के लिए बेहतर सुविधायें और अवसर आसानी से उपलब्ध होंगे। हम इकोसिस्टम में परस्पर सहयोग की शक्ति में यकीन करते हैं और इसे वास्तिक आकार देने के लिए अतिरिक्त प्रयास और परिश्रम करने को तत्पर हैं।”
अपोलो कनेक्ट साझेदार अस्पतालों को लाभ के चार प्रमुख क्षेत्रों में विविध सेवाएं प्रदान करता है। ये क्षेत्र हैं – आमदनी में वृद्धि और लागत में बचत, रणनैतिक व्यावसायिक सहायता, मरीजों के प्रतिधारण और प्रशिक्षण में मदद के लिए बेहतर देखभाल का मार्गदर्शन, और परामर्श प्रोग्राम एवं पाठ्यक्रम।
अपोलो के विषय में
डॉ. प्रताप रेड्डी ने पहला अपोलो अस्पताल वर्ष 1983 में चेन्नई में खोला था और इसके साथ ही भारत में हेल्थकेयर के क्षेत्र में क्रांति-सी आई। आज अपोलो विश्व का सबसे बड़ा एकीकृत हेल्थकेयर प्लैटफॉर्म है। इसके 71 अस्पताल हैं, जहाँ 10,000 से अधिक बेड हैं। यह करीब 6000 फार्मेसी, 200 क्लिनिक और नैदानिक केंद्र तथा 150 टेलीमेडिसिन केन्द्रों का संचालन करता है। यह विश्व का अग्रणी कार्डियक सेंटर है और 2,00,000 से अधिक हार्ट सर्जरी कर चुका है। साथ ही, यह विश्व का सबसे बड़ा कैंसर केयर प्रदाता भी है। अपोलो मरीजों को विश्व में सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, उपकरण और उपचार पद्धतियाँ प्रस्तुत करने के लिए अनुसंधान में लगातार निवेश कर रहा है। अपोलो परिवार के 1,00,000 सदस्य आपको सर्वश्रेष्ठ देखभाल प्रदान करने और विश्व को पहले से बेहतर बनाने के लिए समर्पित हैं।
