सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

ये है दुनिया का सबसे महंगा आम, कीमत एक लाख रुपये प्रति किलो

आम को फलों के राजा राजा कहा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आमों में खास महाराजा कौन है? अल्फांजो से लेकर दशहरी, लंगड़ा, चौसा, अल्फांसो या हापुस जैसे कई तरह के आम हैं। लेकिन एक आम ऐसा भी है जो किसानों को करोड़पति तक बना सकता है। इस आम का नाम है ‘मियाजाकी’…

खास चर्चा में ‘मियाजाकी’ आम
देश में मिलने वाले मैंगो की इतनी वैरायटी हैं कि इंसान गिनते-गिनते थक जाए, लेकिन आमों की संख्या खत्म नहीं होती। इन्हीं आमों के बीच ‘मियाजाकी’ आम इन दिनों खास चर्चा में है। दरअसल, ‘मियाजाकी’ दुनिया के सबसे महंगा आम बताया जा रहा है।

मैंगो फेस्टिवल में नजर आया दुनिया का सबसे महंगा आम
जी हां, पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित मैंगो फेस्टिवल में नजर आया दुनिया का सबसे महंगा आम ‘मियाजाकी’ एक लाख रुपये प्रति किलो बिकने वाला आम है। इस बार मैंगो फेस्टिवल में इस आम की एक झलक पाने के लिए लोग बेकरार नजर आए।

कैसा दिखता है मियाजाकी आम ?
ये आम देखने में रूबी रंग यानी लाल रंग का होता है और खाने में इतना मीठा होता है कि चखने वाले इंसान को स्वाद हमेशा के लिए याद रह जाए। यह आम साउथ ईस्ट एशिया के कुछ-कुछ हिस्सों में भी पाया जाता है।

सिलिगुड़ी के माटीगारा में स्थित एक मॉल में आयोजित तीन दिवसीय मैंगो फेस्टिवल में आम की 262 से अधिक किस्मों के अलावा जापानी आम ‘मियाजाकी’ को भी प्रदर्शित किया गया। मियाजाकी को दुनिया का सबसे महंगा आम कहा जाता है।

जापान के मियाजाकी शहर से है रिश्ता
मियाजाकी आम की खेती मूलरूप से जापान के मियाजाकी शहर में की जाती है। कई जगह पर इसे एग ऑफ सेंट के नाम से जाना जाता है। वहीं स्थानीय भाषा में इसे ताइयोनो टोमागो कहा जाता है। लाल रंग के ये आम आमतौर पर 350 ग्राम से अधिक वजन के होते हैं।

कब की जाती है इसकी खेती ?
इस आम की खेती अप्रैल और अगस्त के बीच में की जाती है। अब भारत में भी इनकी खेती होने लगी है। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के एक किसान शौकत हुसैन ने मैंगो फेस्टिवल में 10 मियाजाकी आमों की प्रदर्शनी लगाई है। वे इसके संबंध में बताते हैं कि वे इस किस्म को बांग्लादेश से लेकर आए थे। इसे उन्होंने टेस्टिंग के लिए लगाया था। मात्र एक साल में उन्हें इसके अच्छे परिणाम देखने को मिले। मियाजाकी आमों का उत्पादन बेहतर हो रहा है।

मियाजाकी आम के फायदे
मियाजाकी आम स्वाद में मीठे होते हैं और ये एंटी ऑक्सीडेंट, बीटा कैरोटीन और फॉलिक एसिड जैसे कई जरूरी गुणों से समृद्ध होते हैं। एंटी ऑक्सीडेंट गुण शरीर को मुक्त कणों से बचाने में मदद करता है। मुक्त कणों के कारण ऑक्सीडेंटिफ स्ट्रेस होता है जिससे कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, अल्जाइमर और आंखों के रोग जैसी कई बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।

मियाजाकी आम में पाए जाने वाले बीटा कैरोटीन और फॉलिक एसिड को आंखों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। मियाजाकी आम की खेती भारत, बांग्लादेश, थाईलैंड और फिलीपींस में भी की जाती है। भारत में पश्चिम बंगाल के अलावा मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी इस आम के कुछ पेड़ हैं।

संबंधित समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

इटानगर में लोगों की बात सुनकर बोले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह– हर पीड़ित परिवार तक मदद पहुंचाकर ही चैन लेंगे

पूर्वोत्तर के दौरे में केंद्रीय मंत्री श्री किरन रिजिजू और मुख्यमंत्री भी साथ, अरुणाचल में अधिकारियों की बैठक भी लेंगे शिवराज सिंह चौहान*इटानगर/गुवाहाटी/नई दिल्ली,...

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

Jyotiraditya M. Scindia Reviews Flood Situation Across Northeast, Assures Full Central Support

*Ministry of Development of North Eastern Region Closely...

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img