सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

भारतीय एक्सपोर्टर्स पर दिखने लगा अमेरिका के 50% टैरिफ का असर! ज्वैलरी, ऑटो पार्ट्स, मरीन सेक्टर ने दूसरे देशों की ओर किया रुख

अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ का असर अब ठोस रूप में दिखाई देने लगा है। 27 अगस्त 2025 से लागू हुए इन भारी शुल्कों ने शुरुआत में भारतीय निर्यातकों को झटका जरूर दिया, लेकिन भारतीय उद्योगों ने तेजी से अपनी रणनीति बदलकर नए बाजारों की ओर रुख कर लिया है।

अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत के टैरिफ का असर अब साफ-साफ दिखाई देने लगा है। 27 अगस्त 2025 से लागू हुए इन हाई टैरिफ ने भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार का गणित बदल दिया है। हालांकि शुरुआती झटका बड़ा था, लेकिन भारतीय कंपनियों की फुर्ती और रणनीति ने स्थिति को संभाल लिया। कई बड़े सेक्टरों ने तुरंत अपने शिपमेंट को एशिया, मिडिल ईस्ट और यूरोप की ओर मोड़कर नुकसान को काफी हद तक कंट्रोल कर लिया है।

ज्वैलरी सेक्टर
इंडियन एक्सप्रेस के डेटा एनालिसिस के मुताबिक, सितंबर में अमेरिका को जेम्स और ज्वैलरी का एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 76 प्रतिशत गिरा, जो बेहद गंभीर झटका था। लेकिन कुल वैश्विक एक्सपोर्ट सिर्फ 1.5 प्रतिशत ही गिरा। इसकी बड़ी वजह रही—निर्यातकों का नया रुख। UAE को शिपमेंट 79 प्रतिशत, हांगकांग को 11 प्रतिशत और बेल्जियम को 8 प्रतिशत बढ़ाया गया। इससे सेक्टर ने तेज़ी से बैलेंस बनाया और अमेरिकी मार्केट के नुकसान से बड़ी राहत मिली।

ऑटो कंपोनेंट्स
ऑटो कंपोनेंट्स उद्योग ने भी स्मार्ट रिकवरी दिखाई। जहां सितंबर में अमेरिका को एक्सपोर्ट 12% गिरा, वहीं जर्मनी, UAE और थाईलैंड से बढ़ती डिमांड के चलते कुल एक्सपोर्ट 8% बढ़ गया। यह साफ दिखाता है कि भारतीय कंपनियां एक ही बाजार पर निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से बढ़ रही हैं।

मरीन प्रोडक्ट्स
मरीन सेक्टर अमेरिकी टैरिफ के बाद सबसे सफल री-डायवर्टेड सेक्टर बनकर उभरा है। सितंबर में एक्सपोर्ट 25% और अक्टूबर में 11% बढ़ा। चीन, जापान, थाईलैंड और यूरोपियन यूनियन की बढ़ती मांग ने सेक्टर को नई गति दी। अप्रैल-अक्टूबर 2025 के दौरान कुल समुद्री निर्यात 16.18% बढ़कर 4.87 अरब डॉलर पहुंच गया। हालांकि अमेरिका को निर्यात 7.43% गिरा, लेकिन चीन और वियतनाम को झींगा व प्रॉन का एक्सपोर्ट क्रमशः 24.54% और 123.63% की अविश्वसनीय बढ़ोतरी के साथ इस कमी की पूरी भरपाई कर गया।

चुनौतियां अब भी बरकरार
कुछ सेक्टरों में स्थिति उतनी मजबूत नहीं रही। स्पोर्ट्स गुड्स का एक्सपोर्ट अक्टूबर में 6% गिर गया क्योंकि इसका 40% निर्यात अमेरिकी बाजार पर निर्भर है और उद्योग को इसके विकल्प नहीं मिले। कॉटन गारमेंट्स और लेदर फुटवियर को भी अमेरिकी डिमांड में भारी गिरावट का सामना करना पड़ा।

संबंधित समाचार

दुनिया की सबसे लंबी स्लैग रोड बनाकर जिंदल स्टील ने रचा इतिहास, बना गिनीज रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जिंदल स्टील ने देश के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने फैक्ट्रियों से निकलने...

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img