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मध्य प्रदेश में गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री पर बवाल, हिंदू संगठनों ने बनाए नए नियम

मध्य प्रदेश में हिंदू संगठनों ने गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री को रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। गरबा जिहाद रोकने हिंदू संगठन, विधायक, सांसद मंत्री मैदान में उतर गए हैं।मध्य प्रदेश में नवरात्रों से पहले अब गरबा की सनातनी क्रांति शुरू हो गई है। गरबा उत्सव कार्यक्रमों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को बैन करने को लेकर हिंदू संगठन से लेकर विधायक और सांसद तक सामने आ गए है। हिंदू संगठनों ने गरबा संचालकों से कहा है गरबा पंडाल के बाहर वराह अवतार की फोटो लगाकर उसकी पूजन कर ही लोगों को प्रवेश दें जिससे गैर हिंदू प्रवेश न कर सके।

मध्य प्रदेश में नवरात्रों से पहले अब गरबा की सनातनी क्रांति शुरू हो गई है। गरबा उत्सव कार्यक्रमों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को बैन करने को लेकर हिंदू संगठन से लेकर विधायक और सांसद तक सामने आ गए है। हिंदू संगठनों ने गरबा संचालकों से कहा है गरबा पंडाल के बाहर वराह अवतार की फोटो लगाकर उसकी पूजन कर ही लोगों को प्रवेश दें जिससे गैर हिंदू प्रवेश न कर सके।क्या है हिंदू संगठनों की मांग?
मध्य प्रदेश में लव जिहाद, लैंड जिहाद, धर्म जिहाद की खबरों के बीच अब हिंदू संगठन भाजपा के विधायक और सांसद गरबा जिहाद रोकने की बात कर रहे हैं। दरअसल, गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर एमपी में अब जमकर राजनीति शुरू हो गई है। हिंदू संगठन सख्त विरोध कर रहे हैं किसी भी कीमत पर गैर हिंदुओं को पंडालों में प्रवेश न दिया जाए। इसके लिए वह गरबा संचालकों के लिए नए नियम भी लेकर आ रहे हैं। भोपाल हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा है कि तमाम गरबा पांडाल संचालकों को गरबा पंडाल के आगे वराह अवतार की भगवान विष्णु की तस्वीर लगानी चाहिए। हर आने-जाने वाला शख्स उसके पांव पड़ कर तिलक लगाकर जाए, जो गैर हिंदू होगा वह पैर नहीं पड़ेगा।

भाजपा नेताओं ने क्या कहा?
नवरात्रि और गरबा में दूसरे धर्मों के लोगों की एंट्री को लेकर भाजपा सांसद आलोक शर्मा भी सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि जो योजना से नवरात्रि में टीका लगाकर, तिलक लगाकर, कलावा बांधकर, केसरिया गमछा पहनकर आते हैं उनको अब नहीं छोड़ा जाएगा। आप अपना त्योहार मनाएं हिन्दू अपना त्योहार मनाएं, कोई लव जिहाद की गलती करेगा, उसके मकान भी टूट रहे है, जेल में सड़ भी रहे हैं। वहीं, भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर बयान दिया है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि गरबे में गैर हिंदुओं का प्रवेश नहीं होना चाहिए। अगर आना है तो अपनी मां को, अपनी मामी, मौसी, पिता और चाचा को लेकर आओ, देवी का प्रसाद खाओ, आशीर्वाद दो और हिंदू धर्म स्वीकार करो।

सरकार के मंत्री भी बोले
गरबा आयोजन में गैर हिंदुओं के प्रवेश न करने देने पर सिर्फ विधायक सांसद या हिंदू संगठन ही नहीं मोहन यादव सरकार के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग भी सामने आए हैं। उन्होंने कहा है कि गैर हिंदुओं को गरबे में आने की अनुमति नहीं मिलेगी। गरबा हमारी सनातन परंपरा का वो पावन पर्व है जिसमें मां दुर्गा की स्तुति की जाती है। गरबे में जगत जननी मां दुर्गा की फोटो सामने रख कर उनकी स्तुति की जाती है। जो सनातनी है, जो हिंदू धर्म का पालन करता है उसे गरबे में आने की अनुमति है।

समितियों ने नए नियम भी बनाए
भोपाल में गरबा प्रवेश के लिए आयोजन समितियों ने किए कड़े इंतजाम भी किये हैं। भोपाल की भोजपाल समिति ने गरबा प्रवेश के लिए नए नियम भी बनाए हैं। समिति के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा है कि तिलक लगाकर, कलावा बांधकर आने वाले लोगों को ही एंट्री मिलेगी। धर्म की जांच के लिए बकायदा आधार कार्ड और परिचय पत्र देखे जाएंगे।

एमपी में गरबा का रंग अब से धार्मिक नहीं बल्कि सियासी भी हो गया है। हिंदू संगठन और भाजपा के नेता साफ कह रहे हैं कि गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री नहीं होगी। लेकिन सवाल उठता है कि क्या नवरात्र का उत्सव भक्ति और संस्कृति का त्योहार रहेगा या फिर गरबा जिहाद नाम की नई राजनीति भी इसमें जुड़ेगी।

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