कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने एक पटवारी को गलत जानकारी देने पर कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद निलंबित करने का आदेश भी एसडीएम को दे दिया।मध्य प्रदेश के दतिया जिले में बुधवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने एक पटवारी को उसकी लापरवाही और गलत जानकारी देने पर कड़ी फटकार लगाई। यह घटना तब घटी जब कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े बसई गांव पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने पटवारी शैलेद्र शर्मा के खिलाफ गंभीर शिकायतें कीं। कलेक्टर वानखेड़े ने पटवारी को निलंबित करने का आदेश भी एसडीएम को दे दिया।
नेताओं के दबाव में काम करने का आरोप
दरअसल, दोपहर के समय कलेक्टर वानखेड़े जब बसई पहुंचे, तो वहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं बतानी शुरू कीं। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने पटवारी शैलेंद्र शर्मा के खिलाफ शिकायत की कि वह नेताओं के दबाव में काम करते हैं और आम जनता की बिल्कुल नहीं सुनते।
ग्रामीणों ने एक विशेष शिकायत यह भी की कि पटवारी ने सार्वजनिक नाली को बंद कर दिया था, जिससे गांव में पानी की निकासी की समस्या हो रही थी। जब कलेक्टर ने इस बारे में पटवारी से पूछा, तो उन्होंने कहा कि वहां कोई नाली नहीं थी। लेकिन जब वहां मौजूद पुलिस अधिकारी और कुछ स्थानीय लोग उस नाली की पुष्टि की, तो कलेक्टर गलत जानकारी देने पर नाराज हो गए और पटवारी को फटकार लगाई।
पटवारी को निलंबित करने का आदेश
इसके बाद कलेक्टर ने कहा, “हमें नेताओं के दबाव में नहीं, बल्कि जनता के हित में काम करना है।” कलेक्टर के इस बयान के बाद उन्होंने पटवारी को निलंबित करने का आदेश तुरंत एसडीएम को दे दिया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें कलेक्टर पटवारी को फटकारते हुए नजर आ रहे हैं।




