सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

महाराष्ट्र की राजनीति में तलवारें खिंची लेकिन दुश्मन एक है

महाराष्ट्र की राजनीति में आ रहा भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा । अब एक नया मोड़ आया है जब सरकार चला रही शिंदे शिवसेना और बीजेपी ही आपस में भिड़ गये हैं। वो भी गृहमंत्री अमित शाह के नांदेड़ के दौरे के अगले ही दिन। इससे सवाल ये भी उठने लगा है कि क्या शाह को ये सब पता है और वो उसे होने दे रहे हैं?

असल में शिंदे सरकार ने पिछले दिनों राज्य से सारे अखबारों मे एक विज्ञापन देकर कहा था कि राष्ट्र में मोदी और महाराष्ट्र में शिंदे। इसी विज्ञापन में दावा किया गया है कि राज्य में एक सर्वे कराया गया जिसमें सामने आया है कि भाजपा को 30.2 प्रतिशत लोग और शिंदे शिवसेना को 16.2 प्रतिशत यानि कुल मुलाकर इस गठबंधन सरकार को 46.4 फीसदी लोग पसंद करते है।

इसी में आगे कहा गया है कि मुख्यमंत्री के तौर पर एकनाथ शिंदे को 26.1 प्रतिशत और फणनवीस को 23 प्रतिशत लोग पसंद करते हैं यानि कि मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शिंदे अब फणनवीस से आगे है जबकि बीजेपी मानती है कि फणनवीस ही उनके नेता है और वहीं मुख्यमंत्री का चेहरा हैं।

अब सवाल ये उठ रहा है कि ये सब शिंदे खुद अपने मन से कर रहे हैं या दिल्ली के आका से पूछकर। क्योंकि लगता नहीं कि शिंदे अपने दम पर ये कर सकते हैं। इस समय शिंदे का पूरा पब्लिसिटी काम तो दिल्ली के इशारे पर आयी एजेंसी ही कर रही है साथ ही शिंदे के ओएसडी आनंद मढिया भी गुजरात के हैं और शाह के करीबी हैं तो क्या इसका मतलब है कि बीजेपी की लीडरशिप ही देवेंद्र फणनवीस को छोटा करके दिखाना चाहती है और ये तय हो गया है कि अब शिंदे ही चेहरा होंगे। ये सब सवाल महाराष्ट्र बीजेपी के नेताओँ को परेशान कर रहे हैं।

एक चर्चा ये भी है कि कुछ दिन पहले अखबारों में एक खबर छपवाई गयी थी कि बीजेपी आलाकमान शिंदे गुट के पांच मंत्रियों के काम से खुश नहीं है और ये मंत्री माल कमा रहे हैं इसलिए उनको हटाने की बात चल रही है। इस पर शिंदे गुट के मंत्री भड़क गये थे। असल में शिंदे अपने साथ आये 42 विधायकों में से किसी को नाराज करने का खतरा मोल नहीं लेना चाहते इसलिए कहा जा रहा है कि ये विज्ञापन जवाबी हमला है। इस तरह शिवसेना और बीजेपी खुद ही एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं।

एक तीसरी खबर दिल्ली के गलियारों से आ रही है कि शिंदे चाहते है कि फणनवीस को दिल्ली बुलाकर केंद्रीय मंत्री बना लिया जाये और वो ये बात दिल्ली के सामने ऱख चुके हैं इसलिए ये खींचतान हो रही है लेकिन सवाल ये है कि क्या बीजेपी ऐसा करेगी और फिर फणनवीस नहीं तो कौन होगा बीजेपी का चेहरा । इस बीच राज्य के अखबारों के सर्वे मे आ रहा है कि शिंदे और फणनवीस की जोड़ी लगातार अपना जनाधार खो रही है और बीजेपी को भी ये गठबंधन रास नही आ रहा है।

जानकारों का मानना है कि अगर अभी लोकसभा चुनाव हुये तो पिछली बार शिवसेना के साथ मिलकर 48 में से 42 सीटें जीतने वाले गठबंधन के बजाय नये शिंदे और बीजेपी गठबंधन को 20 सीट भी नहीं मिलेगी। बीजेपी ये नुकसान सहन नहीं कर सकती है। तो क्या आने वाले दिनों में महाराष्ट्र में अभी और भी कई भूचाल आना बाकी है। मानसून के तेज हवाओँ से तो यही लगता है कि राज्य की राजनीती में बहुत कुछ होने वाला है।

संबंधित समाचार

मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहा पर्यटन, हर आयु के लोगों को आकर्षित करने की है क्षमता

भारत का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश अप्रतिम सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक सम्मोहित करने वाला राज्य है।...

भारत में AI के लिए रिलायंस और गूगल क्लाउड ने हाथ मिलाया

• जामनगर में रिलायंस को समर्पित ‘एआई-केंद्रित क्लाउड रीजन’ बनेगा • गूगल क्लाउड विश्वस्तरीय, नवीनतम पीढ़ी की जनरल एआई कंप्यूटिंग लाएगा तो रिलायंस अत्याधुनिक क्लाउड...

रिलायंस और मेटा की भारत में एंटरप्राइज़ एआई सॉल्यूशंस के लिए साझेदारी

रिलायंस और मेटा लामा-आधारित एजेंटिक एंटरप्राइज़ एआई प्लेटफ़ॉर्म और टूल विकसित करने के लिए एक संयुक्त उद्यम बनाएंगे संयुक्त उद्यम भारतीय उद्यमों के लिए वर्टिकल...

ताज़ा समाचार

मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहा पर्यटन, हर आयु के लोगों को आकर्षित करने की है क्षमता

भारत का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश अप्रतिम सौंदर्य से समृद्ध...

भारत में AI के लिए रिलायंस और गूगल क्लाउड ने हाथ मिलाया

• जामनगर में रिलायंस को समर्पित ‘एआई-केंद्रित क्लाउड रीजन’...

रिलायंस और मेटा की भारत में एंटरप्राइज़ एआई सॉल्यूशंस के लिए साझेदारी

रिलायंस और मेटा लामा-आधारित एजेंटिक एंटरप्राइज़ एआई प्लेटफ़ॉर्म और...

अगले साल पहली छमाही में आएगा जियो का आईपीओ- मुकेश अंबानी

• निवेशकों के लिए होगा बड़ा मौका- अंबानी • जियो...

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img