सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

सेना में स्थायी कमीशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, महिलाओं अधिकारियों को दिया हक; जानें पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय सेना में स्थायी कमीशन को लेकर अहम फैसला सुनाया है। इस निर्णय में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन का हक दिया गया है। इस आर्टिकल में जानें कि स्थायी कमीशन का ये पूरा मामला क्या है।नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल करते हुए, महिलाओं अधिकारियों को मिले स्थायी कमीशन को बरकरार रखने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा उसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। सर्वोच्च अदालत ने अपने फैसले में कहा कि वे महिला अधिकारी SSCOs और हस्तक्षेपकर्ता, जिन्हें कार्यवाही के दौरान किसी भी स्तर पर सेवा से हटा दिया गया था, उन्हें यह माना जाएगा कि उन्होंने 20 साल की अपनी सेवा पूरी कर ली है और वे पेंशन के हकदार होंगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन्हें वेतन का बकाया नही मिलेगा।

पूरी मानी जाएगी न्यूनतम 20 साल की अर्हता सेवा
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने फैसला सुनाया कि अधिकारियों को पेंशन के लिए जरूरी न्यूनतम 20 साल की अर्हता सेवा पूरी कर ली गई मानी जाएगी, भले ही उन्हें सर्विस से पहले मुक्त कर दिया गया हो। बता दें कि यह निर्णय विंग कमांडर Sucheta Edan और अन्य की तरफ से दायर याचिकाओं समेत कई याचिकाओं पर आया है, जिनमें 2019 में पॉलिसी चेंज और पिछले सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) के निर्णयों के आधार पर स्थायी कमीशन (PC) से इनकार को चैलेंज दिया गया था।

वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में लापरवाही का जिक्र
निर्णय के अहम अंशों को पढ़ते हुए, CJI सूर्यकांत ने कहा कि महिला अफसरों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (Annual Confidential Reports) अक्सर इस धारणा के अंतर्गत लापरवाही से ग्रेड की जाती थी कि वे करियर में प्रगति या स्थायी कमीशन के लिए पात्र नहीं होंगी।

ओवरऑल मेरिट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट को इस धारणा के साथ लिखा गया था कि उनको करियर में प्रगति नहीं मिलेगी। इससे उनकी ओवरऑल मेरिट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। बेंच ने थल सेना, वायु सेना और नौसेना की एसएससी महिला अधिकारियों को पीसी से वंचित किए जाने के केस पर अलग से विचार किया।

संबंधित समाचार

मलेरिया के बुखार में तपते हुए दीपिका पादुकोण ने शूट की अक्षय कुमार की फिल्म, सालों बाद लारा दत्ता ने किया खुलासा

लारा दत्ता का हाल के दिनों में दीपिका पादुकोण को लेकर खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मलेरिया होने पर भी दीपिका पादुकोण ने काम...

मिडिल ईस्ट में फिर से हमला हुआ तो…ट्रंप से बातचीत के बीच पुतिन ने कर दी ऐसी बात, खुश हो जाएगा ईरान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच लंबी बातचीत हुई। इस बातचीत में कई खास मुद्दों पर चर्चा हुई, पुतिन ने...

आवारा कुत्ते के हमले के बाद ‘रेबीज’ से लड़की की मौत, इलाज में हुई लापरवाही, चार सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज

कुत्ते के काटने से सात साल की लड़की की मौत का मामला कोर्ट पहुंचा। जहां कोर्ट ने आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ एक्शन लेने का...

ताज़ा समाचार

मिडिल ईस्ट में फिर से हमला हुआ तो…ट्रंप से बातचीत के बीच पुतिन ने कर दी ऐसी बात, खुश हो जाएगा ईरान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के...

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img