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सुपरस्टार का बेटा, कर्ज चुकाने के लिए छोड़ी पढ़ाई, सेट पर बनाई चाय, अब 6 ब्रैंड का है मालिक, कहलाता है विश्व सुंदरी का पति

सिनेमा की दुनिया हर किसी पर मेहरबान नहीं रहती, फिर चाहे वो सुपरस्टार के ही बच्चे क्यों न हों। एक स्टारकिड ऐसा था जो अपने पिता की छवि से निकलने के प्रयास में सालों तक जूझता रहा। काफी मुश्किल दौर भी झेले, लेकिन आज 6 ब्रांड्स का मालि है।बॉलीवुड की दुनिया में अगर किसी नाम ने दशकों तक सबसे गहरी छाप छोड़ी है, तो वह हैं अमिताभ बच्चन। परदे पर एंग्री यंग मैन से लेकर सदी के महानायक बनने तक का उनका सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। सुपरहिट फिल्मों, दमदार डायलॉग्स और बेमिसाल स्क्रीन प्रेजेंस के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी भी हमेशा सुर्खियों में रही, कभी सफलता के कारण तो कभी रेखा के साथ जुड़े किस्सों की वजह से। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे एक ऐसा दौर भी था, जिसे खुद अमिताभ बच्चन ने अपने जीवन का सबसे अंधकारमय समय बताया है। आज यह सोचना भी मुश्किल लगता है कि जिस शख्स को करोड़ों लोग भगवान की तरह पूजते हैं, वह कभी कर्ज़, अपमान और असहायता के भंवर में फंसा था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि उस संकट से उबरने के लिए उनके बेटे अभिषेक बच्चन को अपनी पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी।संघर्ष से स्टारडम तक
अमिताभ बच्चन का शुरुआती करियर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। एक के बाद एक फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें हतोत्साहित कर दिया था और ऐसा लगने लगा था कि शायद किस्मत उनका साथ नहीं दे रही। फिर आया साल 1973 और साथ आई फिल्म ‘जंजीर’। इस एक फिल्म ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। अमिताभ रातोंरात स्टार बन गए और इंडस्ट्री में उनका सिक्का चलने लगा। पैसा, शोहरत और पहचान, सब कुछ उनके कदमों में था, लेकिन सफलता का यह दौर स्थायी नहीं रहा। अपने करियर के शिखर पर रहते हुए अमिताभ ने एक बड़ा सपना देखा, अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ABCL)। यह सिर्फ एक बिजनेस नहीं था, बल्कि उनका विजन था, जिसके जरिए वह फिल्म और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को नई दिशा देना चाहते थे। मगर यह सपना जल्द ही एक भयावह हकीकत में बदल गया।जब घर की देहलीज तक पहुंचा कर्ज
ABCL बुरी तरह असफल रही और देखते ही देखते हालात हाथ से निकल गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमिताभ बच्चन करीब 90 करोड़ रुपये के कर्ज में डूब गए। इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस दौर को याद करते हुए कहा था, ‘मेरे 44 साल के करियर का यह सबसे काला समय था।’ उन्होंने बताया कि लेनदार उनके घर तक पहुंच जाते थे, धमकियां, गालियां और रोज का मानसिक दबाव। हालात इतने खराब हो चुके थे कि घर की कुड़की तक की नौबत आ गई थी। जिस सुपरस्टार को देश सिर आंखों पर बैठाता था, वह भीतर ही भीतर पूरी तरह टूट चुका था।

बेटे ने छोड़ी पढ़ाई, निभाई जिम्मेदारी
इसी दौरान अमिताभ के बेटे अभिषेक बच्चन अमेरिका में बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे। दूरी के बावजूद पिता की परेशानी उनसे छुपी नहीं रही। एक पॉडकास्ट में अभिषेक ने उस फैसले के बारे में खुलकर बात की, जिसने उनकी ज़िंदगी की दिशा बदल दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी, लिबरल आर्ट्स और परफॉर्मिंग आर्ट्स की डिग्री अधूरी रह गई क्योंकि उनके पिता बेहद कठिन आर्थिक हालात से गुजर रहे थे। स्टार किड होने के बावजूद, अभिषेक ने आराम और सुरक्षा को पीछे छोड़ दिया। फिल्मों में मौका पाने के लिए उन्होंने प्रोडक्शन बॉय तक का काम किया। सेट पर चाय बनाना, छोटे-छोटे काम करना और हर मौके को सीखने के रूप में लेना, अभिषेक ने सब कुछ किया, ताकि परिवार इस मुश्किल दौर से बाहर निकल सके।
गिरकर फिर उठने की मिसाल
बच्चन परिवार ने हार मानने से इनकार कर दिया। अमिताभ ने दोबारा काम करना शुरू किया, एक-एक प्रोजेक्ट लिया और धीरे-धीरे सारा कर्ज़ चुका दिया। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ ने उनके करियर को नई ऊंचाइयाँ दीं और वह पहले से भी ज्यादा मजबूती के साथ लौटे। आज अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित और प्रभावशाली सितारों में गिने जाते हैं। वहीं अभिषेक बच्चन ने भी अभिनय के साथ-साथ बिजनेस की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली है। उनकी नेट वर्थ करीब 280 करोड़ रुपये बताई जाती है। इस सफर में उनकी पत्नी विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय उनके साथ खड़ी नजर आईं।
बिजनेस की दुनिया में अभिषेक की मजबूत पकड़
अभिषेक बच्चन ने 2014 में स्पोर्ट्स एंटरप्रेन्योरशिप में कदम रखा, जब उन्होंने प्रो कबड्डी लीग की टीम जयपुर पिंक पैंथर्स खरीदी। खास बात यह रही कि इसी टीम ने उसी साल पहला PKL टाइटल जीत लिया। राज शमानी के साथ बातचीत में अभिषेक ने बताया कि इस निवेश से उन्हें 100 गुना से ज्यादा का प्रॉफिट हुआ है। इसी साल वह एमएस धोनी और वीटा दानी के साथ इंडियन सुपर लीग की फुटबॉल टीम चेन्नईयिन FC के को-ओनर भी बने। इस टीम ने 2015 और 2018 में ISL का खिताब जीता। अभिषेक अपने पिता के प्रोडक्शन हाउस AB Corp में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ‘पा’, ‘शमिताभ’ और ‘घूमर’ जैसी फिल्मों में वह एक सफल प्रोड्यूसर के तौर पर अपनी छाप छोड़ चुके हैं।
रियल एस्टेट और स्टार्टअप्स में निवेश
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार अमिताभ और अभिषेक बच्चन ने मिलकर देशभर में करीब 220 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी है। इसके अलावा, मुंबई के मुलुंड वेस्ट में ओबेरॉय रियल्टी के एटरनिया प्रोजेक्ट में 24.95 करोड़ रुपये के 10 अपार्टमेंट भी उनके पोर्टफोलियो में शामिल हैं। 2022 में अभिषेक ने फूड ब्रांड नागिन में करीब 8 करोड़ रुपये का निवेश कर फूड एंटरप्रेन्योरशिप में कदम रखा। उन्होंने कहा कि भारतीय ब्रांड्स को बढ़ावा देना उनके परिवार की फिलॉसफी का हिस्सा है। इसके अलावा 2015 में बच्चन परिवार ने सिंगापुर की क्लाउड स्टोरेज कंपनी Ziddu में निवेश किया, जिससे बाद में उन्हें करोड़ों का मुनाफा हुआ।

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