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शोभिता धुलिपाला ने सीरियल किलर के साथ खेला खतरनाक खेल, रोमांचक सीन्स ने बढ़ाया सस्पेंस

शोभिता धुलिपाला स्टारर ‘चीकाटिलो’ प्राइम वीडियो पर रिलीज हो गई है। क्या यह क्राइम थ्रिलर फिल्म आप अपने वीकेंड पर देख सकते हैं? यहां जानें क्या ये देखने लायक है या नहीं।शोभिता धुलिपाला की नई क्राइम थ्रिलर रिलीज हो चुकी है, जिसमें अपराध वाली जगह पर फूलों की माला, पायल और यौन उत्पीड़न से जुड़े कई सबूत देखने को मिलेंगे। एक पैटर्न से जुड़े कई मर्डर की कहानी दिखाई गई है। अब आप भी समझ गए होंगे कि ये किसी खतरनाक सीरियल किलर का काम है। प्राइम वीडियो की फिल्म ‘चीकाटिलो’, जिसमें शोभिता धुलिपाला और विश्वदेव रचाकोंडा हैं। यह एक जबरदस्त क्राइम थ्रिलर है, जो एक क्राइम जर्नलिस्ट की कहानी बताती है जो असल जिंदगी की क्राइम कहानियों को बताने के लिए मशहूर है। इस प्रोसेस में उसे एक सीरियल रेपिस्ट के पीछे की एक परेशान करने वाली सच्चाई पता चलती है, जो खून करने के बाद भी आजाद घूम रहा है।
चीकाटिलो की कहानी
फिल्म 1999 में राजाचंद्रपुरम गांव में शुरू होती है, जहां एक MRO ऑफिसर एक महिला डांसर को एक परेशान करने वाला प्रस्ताव देता है जो शोषण की ओर इशारा करता है। इसके तुरंत बाद डांसर का यौन उत्पीड़न किया जाता है और बाद में वह एक भयानक हालत में मिलती है, जब एक और महिला शिकायत दर्ज कराने की कोशिश करती है तो पुलिस सुनने से मना कर देती है और उन्हें गांव छोड़ने के लिए कहती है। फिर कहानी आज के समय में आ जाती है। संध्या (शोभिता धुलिपाला) एक थिएटर के अंदर डरी हुई जागती है, जिससे पता चलता है कि यह सीक्वेंस उसके अतीत का एक डरावना सपना था जो उसे अभी भी परेशान कर रहा है। इसके बाद कहानी में नया मोड़ देखने को मिलता है।फिल्म संध्या के इर्द-गिर्द घूमती है, जो तेलंगाना के एक जाने-माने टीवी चैनल में क्राइम एंकर है। कहानी तब शुरू होती है, जब एक न्यूज शो की स्क्रिप्ट पढ़ते समय संध्या को पता चलता है कि एडिटर ने स्क्रिप्ट बदल दी है। वह न्यूज प्रोड्यूसर से सवाल करती है और कहती है कि यह वह स्क्रिप्ट नहीं थी जो उसने तैयार की थी, जिससे उसके बॉस के साथ बहस हो जाती है। वह अपने बॉस से गुस्सा हो जाती है। बाद में, जब वह अपने इंटर्न बॉबी और उसके बॉयफ्रेंड के साथ इस घटना पर बात कर रही थी तो इंटर्न ने उसे एक पॉडकास्ट शुरू करने का सुझाव दिया, जहां वह बिना किसी एडिटोरियल दबाव के सच्ची क्राइम कहानियां सभी को बता सकती है।
‘चीकाटिलो’ जो एक सामान्य कहानी के रूप में शुरू होती है, जल्द ही एक खतरनाक मोड़ लेती है जब संध्या और उसके बॉयफ्रेंड को पता चलता है कि बॉबी और उसके बॉयफ्रेंड की उसके अपार्टमेंट में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई है। यह भी पता चलता है कि बॉबी की हत्या से पहले उसके साथ रेप किया गया था।
पुलिस अपनी जांच शुरू करती है, लेकिन संध्या जो खुद एक क्राइम जर्नलिस्ट है। वह इस मामले की खुद जांच करती है और सच्चाई का पता लगाने की कोशिश करती है। वह पुलिस की मदद करती है और उन्हें एक महत्वपूर्ण सुराग देती है जो बॉबी का गायब हार होता है। बाद में यह पता चलता है कि एक चौकीदार ने उसे चुराया था, जिससे वह इस मामले से संदिग्ध बन जुड़ जाता है।
जैसे-जैसे हत्याओं की संख्या बढ़ती है। यह मामला राष्ट्रीय हित का बन जाता है। क्या संध्या हत्यारे का पर्दाफाश कर पाएगी? क्या जांच के दौरान उसे कोई नुकसान होगा? महिलाओं की सिलसिलेवार हत्याओं के पीछे क्या कारण है? यही कहानी का मुख्य हिस्सा है।
चीकाटिलो कास्ट परफॉर्मेंस
शोभिता धुलिपाला ने संध्या के रूप में शानदार परफॉर्मेंस दी है। वह एक निडर, दृढ़ निश्चयी पत्रकार का किरदार निभाती है जो सच का पता लगाने के लिए सब कुछ जोखिम में डालने को तैयार है। फिल्म काफी हद तक उन्हीं के कंधों पर टिकी है और वह इसे आत्मविश्वास के साथ निभाती हैं। सहायक कलाकारों की बात करें तो इसमें चैतन्य कृष्णा, पायल राधाकृष्ण शेनॉय, थिरुवीर पी और जोरदार सुजाता शामिल हैं। सभी ने अच्छा काम किया है। राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों की भूमिका निभाने वाले कलाकार अपनी भूमिकाओं में अच्छी तरह फिट बैठते हैं और कहानी को बहुत ही शानदार बनाते हैं।
चीकाटिलो- लेखन, निर्देशन और टेक्निकल वर्क
फिल्म के लेखक कहानी को अंत तक दिलचस्प बनाए रखने में कामयाब रहते हैं, जिसमें कई चौंकाने वाले और रोमांचक पल हैं। हालांकि कुछ जगहों पर कहानी थोड़ी कमजोर पड़ जाती है। शरण कोप्पिसेट्टी का निर्देशन अच्छा है। हालांकि कुछ जगहों पर फिल्म की गति थोड़ी धीमी हो जाती है।
फिल्म का संगीत श्रीचरण पकाला ने दिया है, जो काफी हद तक कहानी को और भी शानदार बनाने की कोशिश करता है। फिल्म का डरावना और सस्पेंसफुल बैकग्राउंड स्कोर डर का माहौल बनाता है। मल्लिकार्जुन की सिनेमैटोग्राफी भी शानदार है। खासकर गांव के वो नजारे, जो असली और डरावने लगते हैं।
हालांकि, VFX उतना अच्छा नहीं था। कुछ सीन्स में खराब क्वालिटी के विजुअल इफेक्ट्स साफ दिखाई देते हैं, जो काफी निराशाजनक रहे और देखने का मजा खराब करता है।
चीकाटिलो कैसी है?
अगर आपको क्राइम थ्रिलर पसंद हैं तो ‘चीकाटिलो’ एक अच्छी फिल्म हो सकती है। रतसासन की तरह यह भी किलर के परेशान करने वाले अतीत को दिखाकर उसके कामों को समझाने की कोशिश करती है और आखिर तक रहस्य बनाए रखती है। शोभिता धुलिपाला फिल्म की जान हैं और उन्होंने अपनी जबरदस्त परफॉर्मेंस से दिल जीत लिया है। अपनी कमियों के बावजूद फिल्म में इस जॉनर के फैंस को इंटरेस्ट बनाए रखने के लिए काफी सस्पेंस है। चीकाटिलो को 5 में से 3 रेटिंग दी गई है।

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