सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

सबके लिए गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा के मिशन में हाथ बंटा रहा है गिरनार फाउंडेशन

बुक बैंक प्रोग्राम के तहत जयपुर के स्‍कूलों में बांटी सिलेबस की 750 से अधिक पुस्‍तकें

मिलजुल कर सीखने और शिक्षा के दीर्घकालिक प्रभाव की साझी संस्‍कृति को बढ़ावा

जयपुर, जुलाई 2025- संयुक्‍त राष्‍ट्र के सतत् विकास लक्ष्‍य 4 यानी सभी के लिए समावेशी और समतामूलक गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने में गिरनार फाउंडेशन भी अपनी भूमिका बखूबी निभा रहा है। फाउंडेशन ने बुक बैंक कार्यक्रम के तहत जयपुर के विभिन्‍न स्‍कूलों में सिलेबस की 750 से अधिक पुस्‍तकें वितरिक की हैं। गिरनार फाउंडेशन अपनी इस पहल से मिलजुल कर सीखने और शिक्षा के दीर्घकालिक प्रभाव की सांझी संस्‍कृति को विकसित करना चाहता है।

गिरनार फाउंडेशन ने शिक्षा को न्‍यायसंगत और सुलभ बनाने की दिशा में एक प्रशंसनीय पहल करते हुए अपने बुक बैंक प्रोग्राम को जुलाई 2025 में सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसके अंतर्गत फाउंडेशन ने जयपुर के तीन स्‍कूलों एल.एन. सैकंडरी स्‍कूल (करतारपुरा), सत्‍यम सीनियर सैकंडरी स्‍कूल और सेंट जोसेफ एकेडमी में जरूरतमंद विद्यार्थियों को उनकी अकादमिक जरूरत के अनुसार सिलेबस से जुड़ी 750 से अधिक पुस्‍तकों का वितरण किया। इन पुस्‍तकों से न केवल वर्तमान विद्यार्थी लाभान्वित होंगे, बल्कि सतत् लेंडिंग मॉडल के जरिए भविष्‍य के बैच भी इन पुस्‍तकों का लाभ ले सकेंगे।

इस कार्यक्रम की एक महत्‍वपूर्ण सीख यह है कि बहुत सारे विद्यार्थियों में सीखने की ललक होती है, लेकिन पाठ्यपुस्‍तकों जैसी आधारभूत अकादमिक सामग्री का अभाव एक बड़ी बाधा बन जाती है। बहुत सारे ऐसे बच्‍चे थे जिनको पहली बार अकादमिक सत्र के प्रारंभ में ही पाठ्यक्रम की पुस्‍तकों का पूरा सैट मिला। पुस्‍तकें प्राप्‍त करने वाले विद्यार्थियों और पुस्‍तकें उपलब्‍ध करवाने वाले गिरनार फाउंडेशन दोनों के लिए ही यह भावुक कर देने वाला क्षण था।

गिरनार फाउंडेशन की प्रमुख, पीहू जैन ने कहा, ‘यह अनुभव केवल किताबें उपलब्‍ध करवाना नहीं था- यहसम्मान, आत्मविश्वास और भरोसा बहाल करना था कि उनके सपने मायने रखते हैं। हमने पुस्तक बैंक कार्यक्रम को एक घूमने वाले संसाधन के रूप में डिज़ाइन किया है। विद्यार्थियों को पुस्तकों की देखभाल करने और उपयोग के बाद उन्हें वापस करने के लिए प्रोत्साहित करके, हम न केवल एक बैच की मदद कर रहे हैं – बल्कि हम सीखने की एक साझा विरासत को भी सक्षम बना रहे हैं।’

बुक बैंक मॉडल गिरनार फाउंडेशन के समुदाय आधारित शैक्षणिक व्‍यवस्‍था के एक दीर्घकालिक नजरिए का हिस्‍सा है, जहां शिक्षण सामग्री को साझा संपत्ति के रूप में देखा जाता है। परोपकार से सशक्तिकरण की ओर यह बदलाव ही वह बात है जिसे फाउंडेशन अपने सभी कार्यक्रमों के माध्यम से प्रेरित करना चाहता है।

संबंधित समाचार

दुनिया की सबसे लंबी स्लैग रोड बनाकर जिंदल स्टील ने रचा इतिहास, बना गिनीज रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जिंदल स्टील ने देश के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने फैक्ट्रियों से निकलने...

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img