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सैमसंग इनोवेशन कैंपस 2025 में छह गुना विस्तार करेगा, 20 हजार भारतीय स्‍टूडेंट्स को भविष्य की तकनीकों में मिलेगा प्रशिक्षण

गुरुग्राम, सितंबर, 2025 – भारत के सबसे बड़े कंज्‍यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, सैमसंग, ने आज अपने प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम, सैमसंग इनोवेशन कैंपस (एसआईसी) के विस्तार की घोषणा की। यह विस्‍तार भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कौशल प्रदान करने और सरकार के डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया विजन को सपोर्ट करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

इस स्किलिंग कार्यक्रम का विस्तार इस साल 10 राज्यों में होगा, 2024 में इसमें चार राज्‍य शामिल थे। यह 2025 में 20,000 स्‍टूडेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), बिग डेटा, और कोडिंग व प्रोग्रामिंग जैसे भविष्य के तकनीकी कौशल में प्रशिक्षित करेगा, पिछले साल के 3,500 स्‍टूडेंट्स की तुलना में इसमें छह गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ, स्‍टूडेंट्स को वर्कप्‍लेस की तैयारी बढ़ाने के लिए सॉफ्ट स्किल्स में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, और योग्य उम्मीदवारों को संबंधित उद्योगों में प्लेसमेंट सहायता प्रदान की जाएगी।

जेबी पार्क, प्रेसिडेंट और सीईओ, सैमसंग साउथवेस्ट एशिया ने कहा, “सैमसंग को भारत के विकास में लंबे समय से भागीदार होने पर गर्व है। सैमसंग इनोवेशन कैंपस भारत सरकार के स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया मिशन के साथ मिलकर काम करता है, ताकि तकनीक के जरिए युवाओं के लिए नए अवसर खोले जा सकें। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम भारत के युवाओं को भविष्य के लिए जरूरी कौशल सिखा रहे हैं, ताकि वे डिजिटल अर्थव्यवस्था में सफल हो सकें और देश की तरक्की में योगदान दे सकें। हम खासकर उन छात्रों के लिए स्किलिंग और नौकरी के अवसर बढ़ाना चाहते हैं, जो कमजोर समुदायों से आते हैं, और सरकार के डिजिटल भारत के सपने को पूरा करने में मदद करना चाहते हैं।”

स्केल और समावेशन पर रणनीतिक ध्यान- सैमसंग ने इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ईएसएससीआई-ESSCI) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में 10,000 स्‍टूडेंट्स को उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित किया जा सके। टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (टीएसएससी-TSSC) के साथ एक दूसरा समझौता ज्ञापन तमिलनाडु, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र में 10 हजार अन्य स्‍टूडेंट्स तक कार्यक्रम का विस्तार करेगा।

इस साल उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु पर विशेष जोर होगा, जहां प्रत्येक राज्य के 5,000 छात्रों को भविष्य की तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक पहुंचकर भविष्य के तकनीकी कौशल को सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है, ताकि भारत के डिजिटल परिवर्तन में वंचित समुदाय पीछे न छूटें।

इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ईएसएससीआई) और टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (टीएसएससी), दोनों राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी-NSDC) द्वारा अनुमोदित संस्थाएं, अपने मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण भागीदारों और केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से इस कार्यक्रम को लागू करेंगी। भारत में 2022 में लॉन्च होने के बाद से, सैमसंग इनोवेशन कैंपस ने 6,500 स्‍टूडेंट्स को भविष्य की तकनीकों में प्रशिक्षित किया है।

सैमसंग इनोवेशन कैंपस: भारत में सीएसआर का एक प्रमुख स्तंभ- सैमसंग इनोवेशन कैंपस, सैमसंग की सीएसआर रणनीति का एक हिस्सा है, जिसमें सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो जैसे कार्यक्रम भी शामिल हैं। ये कार्यक्रम युवाओं को इनोवेशन करने और सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए प्रेरित करते हैं। ये पहलें शिक्षा को बेहतर बनाने, रचनात्मकता को बढ़ाने और भारत की अगली पीढ़ी को तकनीक-संचालित भविष्य में सफल होने के लिए तैयार करने के लिए बनाई गई हैं।

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