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पंजाब सरकार प्ले-वे स्कूलों के पंजीकरण को पारदर्शी और ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च कर रही है: डॉ. बलजीत कौर

प्रदेश के सभी निजी प्ले-वे स्कूलों और ईसीसीई संस्थानों को छह महीनों के भीतर सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा

प्रारंभिक बाल शिक्षा और बच्चों के समग्र विकास के लिए विभाग द्वारा दो प्रमुख संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर किए गए हस्ताक्षर

चंडीगढ़, 17 मार्च:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार प्रदेश के बच्चों के समग्र विकास और उनकी प्रारंभिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि प्रदेश के निजी प्ले-वे स्कूलों के पंजीकरण को पारदर्शी बनाने और इसे ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए जल्द ही एक ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल लॉन्च किया जा रहा है।

इस संबंध में आगे जानकारी देते हुए मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि प्रदेश के सभी निजी प्ले-वे स्कूलों और अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ईसीसीई) संस्थानों को छह महीनों के भीतर सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि निजी प्ले-वे स्कूलों के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए ज़िला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि प्रारंभिक बाल शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा निजी प्ले-वे स्कूलों को नियमित करने के लिए नए दिशा-निर्देशों को मंज़ूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए एक मानक, खेल-आधारित पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।

डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि पंजाब सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक सेवाएं प्रदान करने और अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ईसीसीई) की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रदेश में साझा पाठ्यक्रम लागू करने हेतु सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा दो प्रमुख संस्थानों – प्रथम और रॉकेट लर्निंग के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य पूरे पंजाब में बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सीखने के परिणामों को सुनिश्चित करना, साथ ही निजी और सरकारी प्रारंभिक शिक्षा संस्थानों को एक एकीकृत ढांचे के अंतर्गत लाना है।

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