सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

PM मोदी ने त्रिनिदाद में ‘बिहार की बेटी’ कहकर रचा कूटनीति और राजनीति का संगम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों कैरेबियाई देश त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने न सिर्फ द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूती दी, बल्कि एक ऐसा भावनात्मक संदेश भी दिया जो भारत खासकर बिहार की राजनीति में दूरगामी असर डाल सकता है।

अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला बिसेसर को “बिहार की बेटी” कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा,

“कमला जी के पूर्वज भारत के बिहार से हैं। वे आज त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री हैं, लेकिन उनका दिल आज भी भारत के लिए धड़कता है। वे बिहार की बेटी हैं और इस नाते हम सभी के लिए गर्व की बात है।”

यह बयान एक ओर जहां भारत और त्रिनिदाद के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को उजागर करता है, वहीं दूसरी ओर इसे बिहार में आगामी चुनावों के संदर्भ में एक भावनात्मक कार्ड के तौर पर भी देखा जा रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:

कमला बिसेसर उन लाखों भारतीयों की संतान हैं जिनके पूर्वज 19वीं सदी में गिरमिटिया मजदूरों के तौर पर भारत (खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश) से कैरेबियाई देशों में ले जाए गए थे। आज भी त्रिनिदाद और टोबैगो की एक बड़ी आबादी भारतीय मूल की है, और वहां की संस्कृति में भारत की गूंज साफ सुनाई देती है।

राजनीतिक विश्लेषण:

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने एक डिप्लोमैटिक स्ट्रोक के साथ-साथ घरेलू राजनीति में भी एक सधा हुआ संदेश दिया है। खासकर बिहार में चुनावी माहौल को देखते हुए यह बयान मतदाताओं के दिल को छूने वाला हो सकता है।

संबंधित समाचार

दुनिया की सबसे लंबी स्लैग रोड बनाकर जिंदल स्टील ने रचा इतिहास, बना गिनीज रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जिंदल स्टील ने देश के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने फैक्ट्रियों से निकलने...

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img