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कभी नौकरी सपना था, आज खुद नौकरी दे रहे भारतीय युवा’ पीएम मोदी ने बताया कैसे गरीब और मिडिल क्लास के सपने बने बिजनेस

एक समय था जब भारत के युवा का सबसे बड़ा सपना एक पक्की नौकरी पाना होता था। सरकारी या बड़ी प्राइवेट कंपनी में काम मिल जाए, यही सफलता मानी जाती थी। लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अब देश का युवा नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बन रहा है। नेशनल स्टार्टअप डे और स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी बदले हुए भारत की झलक देश के सामने रखी।दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने स्टार्टअप्स की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और युवा उद्यमियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि नेशनल स्टार्टअप डे पर स्टार्टअप फाउंडर्स और इनोवेटर्स के बीच खड़े होकर उन्हें नए और विकसित भारत का भविष्य नजर आता है। पीएम मोदी ने कहा कि आज का युवा केवल मुनाफे के बारे में नहीं सोच रहा, बल्कि असली समस्याओं का समाधान खोजने पर फोकस कर रहा है।

स्टार्टअप इंडिया के 10 साल
प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया की 10 साल की यात्रा को सिर्फ एक सरकारी योजना की सफलता नहीं, बल्कि करोड़ों सपनों की उड़ान बताया। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। यह बदलाव इसलिए खास है, क्योंकि इससे पहले बिजनेस शुरू करना सिर्फ अमीर परिवारों के बच्चों तक सीमित था। फंडिंग तक आसान पहुंच होने के कारण वही लोग रिस्क उठा पाते थे, जबकि मिडिल क्लास और गरीब परिवारों के बच्चे नौकरी के सपने तक सीमित रह जाते थे।

छोटे शहरों की उड़ान
पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया ने इस मानसिकता को पूरी तरह बदल दिया है। अब देश के छोटे शहरों और गांवों से भी युवा उद्यमी उभर रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म, सरकारी सपोर्ट और फंडिंग स्कीम्स ने उन सपनों को पंख दिए हैं, जो पहले केवल कागजों तक सीमित थे।

महिला उद्यमियों की भागीदारी
इस बदलाव में महिलाओं की भूमिका को भी प्रधानमंत्री ने खास तौर पर सराहा। उन्होंने बताया कि आज 45% से ज्यादा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर या पार्टनर मौजूद है। यह आंकड़ा बताता है कि स्टार्टअप क्रांति सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव भी ला रही है।

ग्लोबल स्टार्टअप ताकत
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब स्टार्टअप फंडिंग के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम बन चुका है। यह इनक्लूसिव ग्रोथ देश की ताकत को और बढ़ा रही है। आज भारत अपने भविष्य को स्टार्टअप रिवॉल्यूशन में देख रहा है, जहां इनोवेशन, रोजगार और आत्मनिर्भरता साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।

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