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महिन्द्रा युनिवर्सिटी ने पीएमआई पर्ल सिटी चैप्टर की मेजबानी की, विद्यार्थियों के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट अवसरों को बढ़ाया

नई दिल्ली, फरवरी, 2024: महिन्द्रा युनिवर्सिटी ने अपने परिसर में पीएमआई पर्ल सिटी चैप्टर (पीएमआईपीसीसी) के साथ मिलकर इंटरनेशनल स्टूडेंट लीडरशिप डे (आईएसएलडी) की मेजबानी की। इस आयोजन में नेतृत्व, प्रोजेक्ट मैनजमेंट और नवप्रवर्तन की संभावना तलाशने के लिए 134 से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक और उद्योग पेशेवर शामिल हुए। सम्मेलन में डाक्टर बिष्णु पाल, डीन एकैडमिक्स, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, महिन्द्रा युनिवर्सिटी, डाक्टर प्रदीप रछेरला, असिस्टेंट डीन, प्रोफेसर (मार्केटिंग), स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, महिन्द्रा युनिवर्सिटी, डाक्टर पेंड्याल किरणमई दत्त, बोर्ड सदस्य, यूनाइटेड वे, हैदराबाद और श्री मनोहर येरागुंटला, अध्यक्ष पीएमआईपीसीसी और अमार राजा ग्रुप के पीएमओ समेत प्रतिष्ठित वक्ताओं ने व्याख्यान और प्रस्तुतियां दीं। साथ ही इन्होंने नेतृत्व की विशेषताएं, मानव-एआई गठबंधन और टिकाऊपन की चुनौतियां जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों से बातचीत की।

श्री येरागुंटला ने विद्यार्थियों के समक्ष स्पार्क रूपरेखा- स्वयं या नेतृत्व पेश की और इस बात पर जोर दिया कि नेतृत्व प्रभाव के बारे में है ना कि खिताब के बारे में। एक जबरदस्त परिचर्चा में विशेषज्ञों ने नेतृत्व में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की उभरती भूमिका को रेखांकित किया। मनोविज्ञान की विद्यार्थी सुश्री शाज़िया ने एआई टेक्नोलॉजीज को अपनाते समय सतर्कता बरतने का अनुरोध किया। वहीं, जेएनटीयू में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थी श्री वरुणतेजा समेत अन्य विद्यार्थियों ने इस बात पर जोर दिया कि भले ही नेतृत्व की भूमिका में एआई के लिए भारी संभावनाएं हैं, मानव गठबंधन का प्रभुत्व बना रहेगा। इस आयोजन में पिच फॉर दि प्लैनेट सेशन भी हुआ जिसमें विद्यार्थियों ने वैश्विक चुनौतियों के समक्ष अनूठे समाधान पेश किए। बीवीआरआईटी फॉर वुमेन की बीटेक की छात्रा अक्षरा हिरनमाई ने एक पर्यावरण अनुकूल जल संरक्षण उपकरण प्रदर्शित किया, जबकि इसी संस्थान की बीटेक की छात्रा बोपन्ना श्री नेहा ने स्कूटर दुर्घटनाएं रोकने के लिए एक एआई युक्त सेंसर का प्रस्ताव किया। अंततः महिन्द्रा युनिवर्सिटी के बीबीए के छात्र विनय जैन ने जिम्मेदारी के साथ प्लास्टिक का उपयोग करने और कचरा घटाने के लिए उसकी रिसाइक्लिंग की वकालत की।

महिन्द्रा युनिवर्सिटी के कुलपति डाक्टर यजुलु मेदुरी ने कहा, “विद्यार्थियों के नेतृत्व में अपेक्स पीएमआईपीसीसी एमयू की शुरुआत व्यवहारिक तौर पर सीखने और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट को अकादमिक सीख में एकीकृत करने की दिशा में कदम बढ़ाने को लेकर महिन्द्रा युनिवर्सिटी की सतत प्रतिबद्धता प्रदर्शित करती है। यह पहल विद्यार्थियों को उद्योग की सर्वोत्तम व्यवस्थाओं में लगने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए आवश्यक कौशल से युक्त बनाती है।”

पीएमआईपीसीसी के अध्यक्ष श्री मनोहर येरागुंटला ने कहा, “आईएसएलडी एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसे युवाओं को सशक्त करने के लिए डिजाइन किया गया है जहां उन्हें महत्वपूर्ण नेतृत्व और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का कौशल विकसित करने में मदद मिलती है। पीएमआई पर्ल सिटी चैप्टर में हम विद्यार्थियों को सही ज्ञान, कौशल और सोच विचार की मदद से उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे वे विश्वास के साथ सार्थक बदलाव लाने में अग्रणी भूमिका निभा सकें। यहां विद्यार्थियों की उत्सुकता और जुनून को देखना प्रेरणादायी रहा। महिन्द्रा युनिवर्सिटी के शिक्षकों, प्रबंधन, स्वयंसेवकों और सभी प्रतिभागियों को इस आयोजन को जबरदस्त सफल बनाने के लिए ह्रदय से आभार।”

इस आयोजन में अपेक्स पीएमआईपीसीसी एमयू को आधिकारिक तौर पर लांच किया गया जो विद्यार्थियों के नेतृत्व वाला एक क्लब है और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट शिक्षा के लिए समर्पित है। डाक्टर देबोपम चक्रबर्ती, प्रोफेसर, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, महिन्द्रा युनिवर्सिटी और डाक्टर मुकेश नरमेट्टा, सहायक प्रोफेसर, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, महिन्द्रा युनिवर्सिटी के मार्गदर्शन में इस क्लब का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मानकों, टूल्स और पद्धतियों से रूबरू कराना है। कार्यशालाओं, मार्गदर्शन और नेटवर्किंग अवसरों के जरिए अपेक्स पीएमआईपीसीसी एमयू अकादमिक सीख और उद्योग की अपेक्षाओं के बीच अंतर खत्म करेगा और युवा पेशेवरों को गठबंधन के जरिए व्यवहारिक कौशल क्षमता का निर्माण करने में मदद करेगा एवं साथ ही अनूठे विचारों को सामने लाएगा।

वर्ष 1969 में स्थापित प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (पीएमआई) एक वैश्विक गैर लाभकारी संस्थान है जो उद्योग के मानक तय करता है, प्रमाणन की पेशकश करता है और सभी क्षेत्रों में पेशेवरों का सहयोग करता है। पीएमआई पर्ल सिटी चैप्टर (हैदराबाद) की स्थापना 2001 में हुई। यह तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और नेटवर्किंग के जरिए सर्वोत्तव व्यवस्थाओं को बढ़ावा देता है और उद्योग के साथ संबंध स्थापित करने में मदद के साथ ही नेतृत्व विकास करता है।

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