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मध्य प्रदेश के 10 हजार होमगार्ड को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, कॉल ऑफ प्रक्रिया खत्म; वेतन भी देने का आदेश

मध्य प्रदेश के होमगार्ड्स को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने कॉल ऑफ प्रक्रिया को खत्म करते हुए वेतन देने का आदेश दिया है।भोपालः मध्य प्रदेश के करीब 10 हजार होमगार्ड सैनिकों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने होमगार्ड सैनिकों की कॉल ऑफ प्रक्रिया को खत्म कर दिया है। अदालत ने 2020 से कॉल ऑफ किए गए होमगार्ड्स का वेतन भी देने का आदेश दिया है। अब होमगार्ड्स को पूरे 12 माह काम और वेतन मिलेगा। पहले 10 महीने ही मिलता था काम

अब तक होमगार्ड जवानों से साल भर में 10 महीने ही काम लिया जाता था। मध्य प्रदेश के होमगार्ड दो माह बेरोजगारों जैसी जिंदगी गुजारने मजबूर थे। लंबे समय से होमगार्ड कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। हाई कोर्ट में करीब 500 याचिकाएं दायर की गई थी। करीब 9 हजार होमगार्ड सैनिक़ों की ओर से ये याचिकाएं दायर की गई थी।

याचिकाकर्ताओं के वकील विकास महावर ने कहा कि,“यह फैसला हजारों होमगार्ड सैनिकों के जीवन को स्थिरता देगा। अब उन्हें सालभर काम और वेतन मिलेगा। यह फैसला प्रदेशभर के होमगार्ड सैनिकों के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है।

लंबे समय से कोर्ट में चल रहा था मामला

बता दें कि 2011 में दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से होमगार्डों के लिए सेवा नियम बनाने को कहा था और कहा था कि उनकी सेवाओं में कोई अंतराल नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील की थी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश को बरकरार रखा था।

राज्य सरकार ने 2016 में होमगार्डों के लिए सेवा नियम बनाए और हर साल दो महीने की अनिवार्य “कॉल ऑफ” अवधि का प्रावधान किया। हर साल “कॉल ऑफ” अवधि के प्रावधान के खिलाफ मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में कई याचिकाएं दायर की गईं। 2022 में हर साल दी जाने वाली “कॉल ऑफ” अवधि को बदलकर हर तीन साल में दो महीने की “कॉल ऑफ” अवधि कर दिया गया। इस आदेश को फिर से अदालत में चुनौती दी गई, जिसने आदेश पर रोक लगा दी।

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