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जापान ने हटाई Megaquake की चेतावनी, लोगों से सतर्क रहने को कहा; की बड़ी अपील

जापान में पिछले सप्ताह 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप के बाद मेगाक्वेक एडवाइजरी जारी की गई थी। अब जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने मेगाक्वेक एडवाइजरी हटा ली है साथ ही लोगों से सतर्क रहने को भी कहा है।Japan Lifts Megaquake Advisory: जापान ने मंगलवार को देश के उत्तर-पूर्वी तट के लिए मेगाक्वेक एडवाइजरी हटा दी है। एक सप्ताह पहले उत्तरी जापान में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके बारे में अधिकारियों ने कहा था कि इससे बाद में एक बड़े भूकंप का खतरा बढ़ गया है। एडवाइजरी हटाने का मतलब यह है कि तय इलाके में रहने वाले लोगों से अब यह नहीं कहा जाएगा कि वो अपने दिन के कपड़ों में सोएं और अपने बिस्तर के पास हेलमेट, जूते और ग्रैब बैग रखें।
कम हो गई है मेगाक्वेक की संभावना
एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में, जापान मौसम विज्ञान एजेंसी और कैबिनेट ऑफिस के अधिकारियों ने कहा कि मेगाक्वेक की संभावना कुछ कम हो गई है, लेकिन एडवाइजरी हटाने का मतलब यह नहीं है कि खतरा खत्म हो गया है। इस दौरान लोगों से कहा गया है कि वो उचित स्तर की सतर्कता और तैयारी बनाए रखें।

जापान में आया था 7.5 तीव्रता का भूकंप
एजेंसी ने पिछले सोमवार को मेगाक्वेक एडवाइजरी जारी की थी, जब जापान के मुख्य द्वीप होन्शू के सबसे उत्तरी प्रांत आओमोरी के पूर्वी तट और उत्तरी द्वीप होक्काइडो के ठीक दक्षिण में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप से इन इलाकों में नुकसान भी हुआ था। फायर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के अनुसार, भूकंप की चपेट में आने से 40 से अधिक लोग घायल हुएऔर दर्जनों घरों को नुकसान पहुंचा था।

जारी किया गया था सुनामी का अलर्ट
भूकंप की वजह से सुनामी अलर्ट और एडवाइजरी भी जारी की गई थी। कुछ हिस्सों में 70 सेंटीमीटर (27 इंच) तक की लहरें रिकॉर्ड की गई थीं। सुनामी से किसी नुकसान की खबर नहीं मिली थी। अधिकारियों ने कहा कि नगर पालिकाओं और निवासियों ने एडवाइजरी पर शांति से प्रतिक्रिया दी और कोई घबराहट नहीं हुई।
2024 में लोगों में दिखी थी घबराहट
2024 की गर्मियों में जब जापान ने देश के प्रशांत तटरेखा के दक्षिणी आधे हिस्से के लिए पहली बार मेगाक्वेक एडवाइजरी जारी की थी, तो उस चेतावनी की वजह से खाने की चीजों की घबराहट में खरीदारी, इवेंट रद्द होने और बिजनेस बंद होने जैसी घटनाएं हुई थीं। एडवाइजरी जारी करने की व्यवस्था 2022 में 2011 की आपदा से सबक लेते हुए शुरू की गई थी, जब 9.0 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी ने जापान के उत्तर-पूर्वी तट को तबाह कर दिया था।

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