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ईशा फाउंडेशन विवाद: सद्गुरु और किशोरियों की दीक्षा से जुड़े आरोपों पर नया बवंडर

कोयंबटूर, भारत – 25 फरवरी, 2025 – सद्गुरु जाग्गी वासुदेव के नेतृत्व में संचालित आध्यात्मिक संगठन ईशा फाउंडेशन एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है, जब एक पत्रकार श्याम मीरा सिंह द्वारा 24 फरवरी, 2025 को एक्स पर साझा किए गए पोस्ट में किशोर लड़कियों के साथ कथित परेशान करने वाली प्रथाओं का खुलासा हुआ। ये आरोप फाउंडेशन की गतिविधियों पर जनता की निगरानी को फिर से तेज कर रहे हैं, जिसे संगठन ने बार-बार आधारहीन करार दिया है।
विवाद 2017 की एक ईमेल वार्ता से उत्पन्न हुआ है, जिसे सिंह के पोस्ट (https://x.com/ShyamMeeraSingh/status/1894077493055033624) में उजागर किया गया है। इस ईमेल में सद्गुरु, ईशा फाउंडेशन की सदस्य मां प्रद्युता और सद्गुरु की करीबी सहयोगी भारती वरदराज शामिल हैं, जो ईशा फाउंडेशन की कई कंपनियों की निदेशक भी हैं। पोस्ट के अनुसार, मां प्रद्युता ने किशोर लड़कियों को बिना कपड़ों के दीक्षा देने की प्रथा को लेकर चिंता जताई थी, यह कहते हुए कि अगर ये लड़कियां भविष्य में बाहर बोल दें तो इससे संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है। पोस्ट का दावा है कि सद्गुरु ने इस पर “हां, दोनों के लिए” (Yes to Both) का जवाब दिया, जिससे यह प्रथा मंजूर होती दिखाई देती है, भले ही चिंताएं उठाई गई हों। ईमेल में भारती वरदराज का भी जवाब शामिल है, जिन्हें सद्गुरु की सबसे करीबी महिला माना जाता है, और उन्होंने सद्गुरु से ऐसी प्रथाओं को बंद करने का आग्रह किया ताकि भविष्य में समस्याएं न हों।
सिंह के पोस्ट में ईमेल की तस्वीरें और ईशा योग केंद्र में एक आध्यात्मिक समारोह दिखाने वाले वीडियो भी शामिल हैं, जो चर्चा को और तेज कर रहे हैं। यह पोस्ट काफी ध्यान आकर्षित कर रहा है, और एक्स पर उपयोगकर्ता गुस्से और फाउंडेशन की प्रथाओं की गहरी जांच की मांग कर रहे हैं। टिप्पणियां विविध हैं, कुछ उपयोगकर्ता जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जबकि अन्य सद्गुरु पर धोखाधड़ी का आरोप लगा रहे हैं, और कुछ अन्य उच्च-प्रोफाइल आध्यात्मिक नेताओं के समान आरोपों से तुलना कर रहे हैं (उदाहरण के लिए, https://x.com/koshkipur53352/status/1894079426557612222)।
यह पहली बार नहीं है जब ईशा फाउंडेशन की आलोचना हुई है। 2023 और 2024 में, संगठन ने अपने आधिकारिक वेबसाइट (https://isha.sadhguru.org) पर बंधक बनाने, लोगों को ब्रेनवॉश करने और सन्यास या ब्रह्मचर्य में जबरन डालने के आरोपों को खारिज कर दिया था। एक उल्लेखनीय कानूनी जीत में, अगस्त 2023 में मद्रास हाईकोर्ट ने दो महिलाओं, मां मथी और मां मायु के बंधक होने के दावे वाली हैबियस कॉर्पस याचिका को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि वे ईशा योग केंद्र में स्वेच्छा से रह रही हैं (https://isha.sadhguru.org/article/high-court-ends-controversy-rules-in-favor-of-isha-yoga-center)। फाउंडेशन ने हमेशा यह दावा किया है कि उसकी गतिविधियां कानूनी हैं और लाखों स्वयंसेवक स्वेच्छा से इसमें भाग लेते हैं।
हालांकि, नवीनतम आरोपों ने फाउंडेशन की प्रथाओं, विशेष रूप से नाबालिगों के साथ उसके व्यवहार पर सवाल फिर से खड़े कर दिए हैं। आलोचक ईमails को संभावित गलत आचरण का सबूत मान रहे हैं, जबकि समर्थक यह कहकर बचाव कर रहे हैं कि ये पोस्ट सद्गुरु और फाउंडेशन के खिलाफ बदनामी अभियान का हिस्सा हैं। क्वोरा जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी सद्गुरु और भारती वरदराज के संबंधों पर चर्चा हुई है, जिसमें उनके संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका और उनके विवाहित जीवन और बच्चों के बाद ईशा से गहरे जुड़ाव की बात उजागर की गई है (https://www.quora.com/What-is-the-relationship-between-Sadhguru-Jaggi-Vasudev-and-Bharathi-Varadaraj)।
25 फरवरी, 2025 तक, ईशा फाउंडेशन ने अभी तक सिंह के पोस्ट पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। संगठन की वेबसाइट पर अभी भी इसके पर्यावरणीय और आध्यात्मिक पहल, जैसे कि प्रोजेक्ट ग्रीनहैंड्स, जो 3 करोड़ा से अधिक पौधे लगाने में मदद कर चुका है, पर जोर दिया गया है (https://isha.sadhguru.org/response-to-allegations-against-isha-foundation)। फिर भी, नया विवाद फाउंडेशन की प्रथाओं, विशेष रूप से दीक्षा रीति-रिवाजों और नाबालिगों के व्यवहार में स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है।
एक्स पर जनता की प्रतिक्रियाएं विभाजित हैं, कुछ उपयोगकर्ता सद्गुरु को वैश्विक आध्यात्मिक नेता के रूप में उनकी विरासत का बचाव कर रहे हैं, जबकि अन्य जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। यह बहस ईशा फाउंडेशन की व्यापक लोकप्रियता और वर्षों से संगठन पर लगे लगातार आरोपों के बीच चल रहे तनाव को उजागर करती है।
जैसा कि यह कहानी आगे बढ़ती है, हितधारक और जनता ईशा फाउंडेशन और संभावित कानूनी या नियामक कार्रवाई से और स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। फिलहाल, यह विवाद आध्यात्मिक संगठनों के सामने आने वाली चुनौतियों की याद दिलाता है, जो गलत आचरण के आरोपों के बीच जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए संघर्ष करते हैं।
उल्लेखनीय लिंक:
श्याम मीरा सिंह का एक्स पोस्ट: https://x.com/ShyamMeeraSingh/status/1894077493055033624
ईशा फाउंडेशन का पिछले आरोपों पर जवाब: https://isha.sadhguru.org/article/high-court-ends-controversy-rules-in-favor-of-isha-yoga-center
ईशा फाउंडेशन की पर्यावरणीय पहल: https://isha.sadhguru.org/response-to-allegations-against-isha-foundation
क्वोरा पर सद्गुरु और भारती वरदराज के संबंध पर चर्चा: https://www.quora.com/What-is-the-relationship-between-Sadhguru-Jaggi-Vasudev-and-Bharathi-Varadaraj

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