ईरान ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका के साथ उसकी वार्ता हो सकती है। वार्ता से पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अपने देश का रुख साफ कर दिया है।अमेरिका से जारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि उन्होंने देश के विदेश मंत्री को अमेरिका के साथ निष्पक्ष और न्यायसंगत बातचीत करने का निर्देश दिया है। यह तेहरान की ओर से पहला साफ संकेत है कि वह बातचीत करना चाहता है। पिछले महीने ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों को खामेनेई सरकार ने बेरहमी से कुचल दिया है। यहां हजारों की संख्या में लोगों की मौत हुई है।मसूद पेजेश्कियन ने क्या कहा?
सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अंग्रेजी और फारसी में कहा कि यह फैसला “क्षेत्र में मित्र देशों की सरकारों से संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के बातचीत के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देने के अनुरोधों के बाद आया है।” उन्होंने कहा, “मैंने अपने विदेश मंत्री को निर्देश दिया है कि, यदि एक उपयुक्त माहौल मौजूद हो- जो खतरों और अनुचित अपेक्षाओं से मुक्त हो – तो गरिमा, विवेक और औचित्य के सिद्धांतों पर निष्पक्ष और न्यायसंगत बातचीत करें।”
पेजेश्कियन को मिला खामेनेई का समर्थन
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का विदेश मंत्री को निर्देश इस बात का भी संकेत है कि राष्ट्रपति को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई से बातचीत के लिए समर्थन मिला है। खामेनेई ने इससे बातचीत को पूरी तरह खारिज किया था। लेकिन, क्या ईरान और अमेरिका किसी समझौते पर पहुंच पाएंगे यह देखना दिलचस्प होगा।
साफ नहीं अमेरिका का रुख
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते साल जून में इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए 12 दिनों के युद्ध के दौरान 3 ईरानी परमाणु स्थलों पर बमबारी का आदेश दिया था। फिलहाल, अमेरिका ने अभी तक यह स्वीकार नहीं किया है कि बातचीत होगी।




