सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

इंदौर: दूषित पानी के मामले में 29वीं मौत का दावा, 62 साल के बुजुर्ग ने तोड़ा दम

इंदौर में दूषित पानी पीने के मामले में एक और मौत हो गई है। उल्टी-दस्त से परेशान 62 साल के खूबचंद बंधैया को अपनी जान गंवानी पड़ी है।इंदौर: मध्य प्रदेश में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में 62 साल के एक शख्स की मौत हो गई है। उनके परिजनों ने बताया कि उन्हें दूषित पीने के पानी से उल्टी-दस्त हुआ और इसी वजह से उन्हें जान गंवानी पड़ी। ताजा मामले को मिलाकर लोकल लोगों ने महीने भर पहले फैले इस प्रकोप में अब तक 29 लोगों की मौत हो जाने का दावा किया है। हालांकि, एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में 27 जनवरी को मध्य प्रदेश सरकार की पेश ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट में संभावना जताई गई कि भागीरथपुरा में 16 लोगों की मौत हुई। इसका कनेक्शन इस इलाके में दूषित पेयजल की वजह से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण हो सकता है।

15-20 दिन से उल्टी और दस्त से थे परेशान
परिजनों के अनुसार, भागीरथपुरा के निवासी खूबचंद बंधैया ने उल्टी-दस्त के इलाज के दौरान मंगलवार को अंतिम सांस ली। बंधैया के बेटे रोहित ने बताया,‘दूषित पानी पीने की वजह से मेरे पिता को पिछले 15-20 दिन से उल्टी-दस्त था। हम उनको भागीरथपुरा के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए ले गए थे, जहां उन्हें दवाइयां दी गई थीं। लेकिन बाद में हमारे घर में जारी इलाज के दौरान उनकी मंगलवार को मौत हो गई।’बेटे ने अफसरों पर लगाया लापरवाही का आरोप
रोहित का दावा है कि उन्होंने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अफसरों से कहा था कि उनके पिता को हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाए, लेकिन उनके घर पर एम्बुलेंस नहीं भेजी गई।

रिटायर्ड जज की निगरानी में हो रही जांच
जान लें कि एमपी हाईकोर्ट ने भागीरथपुरा की पेयजल त्रासदी की जुडिशियल जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता की अगुवाई में एक मेंबर की कमेटी गठित की है। हाईकोर्ट ने इस कमेटी को न्यायिक जांच की कार्यवाही शुरू होने की तारीख से 4हफ्ते के भीतर अंतरिम रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

हालांकि, अफसरों ने बताया कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के मामले आना दिसंबर के अंतिम में शुरू हुए थे। भागीरथपुरा में 51 नलकूपों में दूषित पानी मिला। यहां पानी की जांच के दौरान रिपोर्ट में ‘ई-कोलाई’ बैक्टीरिया के बारे में जानकारी मिली। इस बैक्टीरिया की वजह से भागीरथपुरा में बड़े पैमाने पर लोग संक्रमित हो गए। भागीरथपुरा में नगर निगम की पेयजल पाइपलाइन में रिसाव की वजह से इसमें एक टॉयलेट के सीवर का पानी मिल गया था।

संबंधित समाचार

दुनिया की सबसे लंबी स्लैग रोड बनाकर जिंदल स्टील ने रचा इतिहास, बना गिनीज रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जिंदल स्टील ने देश के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने फैक्ट्रियों से निकलने...

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img