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आजाद भारत के पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने कितनी सीटें जीती थीं? तब देश में कितने वोटर्स थे

10 फरवरी 1952 को आजाद भारत के पहले लोकसभा चुनाव का परिणाम सामने आया था। आइए जानते हैं कि इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने कितनी सीटें जीती थीं और तब देश में कितने वोटर्स थे।भारत इस दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। देश में हर 5 साल में आम चुनाव का आयोजन कराया जाता है जिसकी मदद से जनता अप्रत्यक्ष तौर पर अपने देश के प्रधानमंत्री का चुनाव करती है। इसके अलावा भारत में राज्य विधानसभा और पंचायत स्तर के भी चुनाव का आयोजन होता है। ऐसे में 10 फरवरी की तारीख चुनाव को लेकर काफी खास है। आपको बता दें कि इसी तारीख को आजाद भारत के पहले लोकसभा के चुनाव परिणाम सामने आए थे। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने पंडित जवाहर जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जीत हासिल की थी। आइए जानते हैं कि इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी को कितनी सीटें हासिल हुई थी।

कब हुए थे चुनाव?
1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद साल 1949 में भारत में चुनाव आयोग का गठन किया गया था। इसके बाद 1950 में सुकुमार सेन देश के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त बने। इसके करीब 1 महीने बाद भारत की संसद ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम को पारित किया था। इसी में संसद और राज्य विधानसभा के चुनाव आयोजित करवाने के तरीकों पर बात की गई थी। इसके बाद भारत में 25 अक्टूबर 1951 से 21 फरवरी 1952 के बीच लोकसभा चुनाव का आयोजन कराया गया। भारत के ज्यादातर हिस्सों में चुनाव 1952 में हुए लेकिन बर्फबारी को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश में 1951 में वोटिंग करा ली गई। सिर्फ जम्मू और कश्मीर में चुनाव नहीं करा गए थे। जानकारी के मुताबिक, पहली लोकसभा के लिए चुनाव 68 चरणों में आयोजित किए गए थे।

1952 में देश में कितने वोटर्स थे?
1951 में हुआ पहली जनगणना के मुताबिक, भारत की आबादी 361,088,090 थी। तब इनमें से कुल 173,212,343 रजिस्टर्ड वोटर थे। इस दौरान 21 साल से ज्यादा उम्र के सभी नागरिक वोटिंग के लिए पात्र थे। पहला लोकसभा चुनाव देश के लिए एक बड़ी चुनौती था। ऐसे में इस चुनाव में वोटर लिस्ट को टाइप करने और इकट्ठा करने के लिए 16,500 क्लर्कों को 6 महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया था। चुनाव के लिए कुल 196,084 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे।

क्या रहा था चुनाव का परिणाम?
आजाद भारत में पहला लोकसभा चुनाव कुल 489 सीटों के लिए कराया गया था। जानकारी के मुताबिक, इस चुनाव में कुल 1,949 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। जब 10 फरवरी को चुनाव के परिणम सामने आने शुरू हुए तो नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस ने लोकसभा की 489 में से 249 सीट पर विजय हासिल कर बहुमत प्राप्त कर लिया। जब चुनाव के आखिरी परिणाम सामने आए तो कांग्रेस ने 45% वोट हासिल किए और 364 सीटों पर जीत हासिल की। सोशलिस्ट पार्टी को 11% वोट के साथ 12 सीटें मिलीं। वहीं, किसान मजदूर प्रजा पार्टी को 5.79 प्रतिशत वोट और 9 सीटें मिलीं। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 3.29 फीसदी वोट और 16 सीटों पर जीत मिली। बाकी की सीटों पर अन्य दलों ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस की जीत के साथ ही जवाहरलाल नेहरू ने पीएम पद की शपथ ली थी।

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