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होंडा मोटरसाइकिल और स्कूटर इंडिया ने टपूकारा में युवाओं के लिए शानदार किड्स कार्निवल आयोजित कर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया

टपूकारा, 18 नवंबर 2025: होंडा मोटरसाइकिल और स्कूटर इंडिया ने आज राजस्थान के टपूकारा स्थित अपने उत्पादन संयंत्र में बच्चों के महीने का जश्न एक रंगारंग बच्चों के मेले के साथ मनाया। ‘सुरक्षा खोजी: ट्रैफिक लैंड की यात्रा’ थीम पर आधारित इस पहल का उद्देश्य बच्चों को सड़क सुरक्षा की सीख मज़ेदार और दिलचस्प तरीके से देना है, ताकि कम उम्र से ही सुरक्षित आदतें विकसित हो सकें।

टपूकारा में आयोजित बाल उत्सव में 9 से 15 वर्ष आयु के स्कूली बच्चों ने भाग लिया। यह अनुभव शिक्षा और रचनात्मकता का संगम रहा, जहाँ बच्चों ने विशेष रूप से बनाए गए क्षेत्रों जैसे ‘ज़ेब्रा क्रॉसिंग क्षेत्र’, ‘हेलमेट पहाड़ियाँ’ और ‘संकेत नगर’ में घूमकर सड़क सुरक्षा के ज़रूरी नियमों को यादगार तरीके से सीखा। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा प्रश्नोत्तरी और रचनात्मक प्रदर्शनी भी शामिल रही, जिसने सीखने की प्रक्रिया को जीवंत और आनंददायक बना दिया। इस पहल ने बच्चों को प्रेरित किया कि वे अपने परिवार और समाज में सुरक्षित यातायात व्यवहार के दूत बनें। सरकारी और प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर यातायात नियमों, सड़क संकेतों और जिम्मेदार आचरण का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।

ऐसी ही गतिविधियाँ एचएमएसआई के सभी उत्पादन संयंत्रों में, जिनमें टपूकारा भी शामिल है, तथा इसके 10 यातायात प्रशिक्षण पार्कों और 6 सुरक्षा ड्राइविंग शिक्षा केंद्रों में आयोजित की जा रही हैं। इन पहलों के ज़रिए एचएमएसआई का लक्ष्य सभी स्थानों पर कुल 2,600 से अधिक लोगों तक पहुँचना है।

होंडा का वैश्विक सुरक्षा नारा ‘सभी के लिए सुरक्षा’ इस विश्वास को दर्शाता है कि हर व्यक्ति की सुरक्षा बेहतर बनाने से समाज भी अधिक सुरक्षित बनता है। होंडा ने वर्ष 2050 तक अपने दोपहिया और चारपहिया वाहनों से जुड़े सड़क हादसों में शून्य मृत्यु लक्ष्य की घोषणा की है। यह पहल होंडा के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ‘शून्य यातायात टक्कर समाज’ का निर्माण करना है — न केवल सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में, बल्कि सभी के लिए सुरक्षित भविष्य बनाने के संकल्प के साथ।

एचएमएसआई का सड़क सुरक्षा शिक्षा कार्यक्रम वैज्ञानिक रूप से तैयार किए गए पाठ्यक्रमों पर आधारित है, जिसमें सिद्धांत और व्यवहारिक सीख को जोड़ा गया है। अपने यातायात प्रशिक्षण पार्कों और सुरक्षा वाहन शिक्षा केंद्रों में एचएमएसआई प्रतिदिन ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता है, जिनमें आभासी वाहन सिमुलेटर, सहभागिता वाले खेल और खतरे की पहचान का प्रशिक्षण शामिल है, ताकि सीखने की प्रक्रिया प्रभावी बने। अब तक एचएमएसआई की सड़क सुरक्षा पहल से पूरे भारत में 1 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं।

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया की सड़क सुरक्षा के प्रति CSR प्रतिबद्धता:

2021 में होंडा ने वर्ष 2050 के लिए अपना वैश्विक विज़न स्टेटमेंट जारी किया, जिसमें उसने होंडा के दोपहिया और चारपहिया वाहनों से जुड़े सड़क हादसों मेंशून्य मृत्यु दरप्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया।भारत मेंएचएमएसआईइस विज़न के अनुरूप कार्य कर रहा है और भारत सरकार के उस दिशा-निर्देश के साथ भी कदम मिला रहा है, जिसके तहत 2030 तक सड़क हादसों में मृत्यु दर को आधा करनेका लक्ष्य तय किया गया है।

इस लक्ष्य को हासिल करने का एक अहम पहलू यह है कि 2030 तक बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित की जाएऔर उसके बाद भी उन्हें निरंतर शिक्षित किया जाए।स्कूलों और कॉलेजों में दी जाने वाली सड़क सुरक्षा शिक्षा का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि युवाओं के मन मेंसुरक्षा की संस्कृतिको विकसित करना है, ताकि वे भविष्य मेंसड़क सुरक्षा के सशक्त प्रतिनिधिबन सकें।यह शिक्षा आने वाली पीढ़ियों को ज़िम्मेदार नागरिक बनने के लिए सशक्त बनाती है और उन्हें एकसुरक्षित समाज के निर्माण में सक्रिय योगदानदेने के लिए प्रेरित करती है।

एचएमएसआईका उद्देश्य है कि वह ऐसी कंपनी बनेजिसके अस्तित्व की समाज को आवश्यकता महसूस हो।इस दिशा में एचएमएसआई सड़क सुरक्षा जागरूकता को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने पर विशेष ध्यान दे रहा है।स्कूल के बच्चों से लेकर कॉर्पोरेट्स और व्यापक समाज तक हर वर्ग के लिए एचएमएसआईविशेष और अनोखी पहलेंतैयार कर रहा है, ताकि हर व्यक्ति को उसकी ज़रूरत और समझ के अनुसार सड़क सुरक्षा की जानकारी दी जा सके।यह समावेशी दृष्टिकोण एचएमएसआई को एक ज़िम्मेदार और समाज-केंद्रित संगठन के रूप में स्थापित करता है।

एचएमएसआईके प्रशिक्षित सड़क सुरक्षा प्रशिक्षक देशभर में फैले 10 ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क (टीटीपी) और 6 सेफ्टी ड्राइविंग एजुकेशन सेंटर्स (एसडीईसी) में रोज़ाना कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है। अब तक यह पहल 10 मिलियन से अधिक भारतीयों तक पहुँच चुकी है। एचएमएसआई का राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम सीखने की प्रक्रिया को रोचक और वैज्ञानिक बनाने पर केंद्रित है। इसके तहत वर्चुअल राइडिंग सिमुलेटर, इंटरैक्टिव गेम्स और खतरे की पहचान पर आधारित प्रशिक्षण जैसे आधुनिक तरीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक और प्रभावशाली अनुभव प्राप्त होता है। यह समग्र दृष्टिकोण सड़क सुरक्षा को व्यवहार में लाने और समाज में जिम्मेदार यातायात संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

वैज्ञानिक रूप से तैयार किया गया शिक्षण मॉड्यूल:होंडा के दक्ष प्रशिक्षक सड़क सुरक्षा की मजबूत नींव रखने के लिए थ्योरी सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण की शुरुआत करते हैं। इन सत्रों में प्रतिभागियों कोसड़क संकेत और चिन्हों की जानकारी, सड़क पर चालक की जिम्मेदारियाँ, सुरक्षित सवारी के लिए उपयुक्त गियर और बैठने की मुद्रा, तथासुरक्षित और शिष्ट सवारी व्यवहारजैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से समझाया जाता है।यह संरचित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रतिभागियों को न केवल जागरूक बनाता है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और सतर्क यात्री बनने के लिए प्रेरित भी करता है।

1. प्रायोगिक प्रशिक्षण:एक विशेष प्रशिक्षण गतिविधि के तहत प्रतिभागियों को होंडा के वर्चुअल राइडिंग सिमुलेटर पर अभ्यास कराया गया, जिसमें उन्होंने सड़क पर सवारी से पहले 100 से अधिक संभावित खतरोंका अनुभव किया। यह तकनीक उन्हें वास्तविक परिस्थितियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करती है।

2. इंटरैक्टिव सत्र:प्रतिभागियों कोकिकेन योसोकु ट्रेनिंग (KYT) के माध्यम से खतरे की पहचान और पूर्वानुमान का प्रशिक्षण दिया गया। यह तकनीक चालक की संवेदनशीलता को बढ़ाती है और सड़क परसुरक्षित ड्राइविंग व्यवहारसुनिश्चित करती है।

3. मौजूदा चालकों के कौशल को निखारना:स्कूलों के छात्र और स्टाफ सदस्य जो पहले से ही वाहन चलाते हैं, उन्होंनेधीमी गति से सवारी करने की गतिविधियोंऔरसंकीर्ण पट्टियों पर संतुलन साधनेजैसे अभ्यासों के माध्यम से अपने राइडिंग कौशल को और बेहतर बनाया।

एचएमएसआईने हाल ही में अपना डिजिटल रोड सेफ्टी लर्निंग प्लेटफ़ॉर्मई-गुरुकुललॉन्च किया है। यह एक इंटरैक्टिव और यूज़र-फ्रेंडली प्लेटफ़ॉर्म है, जो 5 से 18 साल तक के बच्चों के लिए तीन अलग-अलग एज ग्रुप्स में तैयार किए गए ट्रेनिंग मॉड्यूल्स ऑफर करता है।ई-गुरुकुल फिलहालकन्नड़, मलयालम, हिंदी, तेलुगु, तमिल और अंग्रेज़ीभाषाओं में उपलब्ध है, ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले बच्चे इसे आसानी से समझ सकें। इस प्लेटफ़ॉर्म कोgurukul.honda.hmsi.in पर एक्सेस किया जा सकता है। इसमेंलाइव स्ट्रीमिंग और डाउनलोडिंगदोनों ऑप्शन हैं, जिससे कंटेंट को कहीं भी, कभी भी देखा जा सकता है।इस पहल का मकसद बच्चों, टीचर्स और डीलर्स को रोड सेफ्टी के लिए तैयार करना है, ताकि वे आगे चलकरसुरक्षित ड्राइविंग के एंबेसडरबन सकें। एचएमएसआई इस प्रोग्राम को देश के हर राज्य के स्कूलों तक ले जाने की योजना बना रहा है, जिससे हर उम्र के बच्चों को उनकी ज़रूरत के मुताबिक रोड सेफ्टी की जानकारी दी जा सके।अगर कोई स्कूल इस जानकारी को पाना चाहता है, तो वह Safety.riding@honda.hmsi.in पर संपर्क कर सकता है।

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