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हरियाणा मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए डॉक्टरों और नर्सों के लिए करेगा विशेष प्रशिक्षण आयोजित

हरियाणा को मातृत्व देखभाल वितरण में आदर्श राज्य बनाने के लिए सरकार कर रही है निरंतर प्रयास: आरती सिंह राव

एसीएस स्वास्थ्य सुधीर राजपाल ने स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र की गवर्निंग बॉडी बैठक की अध्यक्षता की

चंडीगढ़, 5 जून — हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग, मातृत्व देखभाल प्रसव में हरियाणा को एक आदर्श राज्य बनाने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है कि जीवन को जन्म देते समय किसी भी महिला की मृत्यु न हो।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव ने कहा ‘हर रोकी जा सकने वाली मातृ मृत्यु एक त्रासदी है जिसे समय पर देखभाल, कुशल प्रसव प्रबंधन और अद्यतन ज्ञान के माध्यम से टाला जा सकता है।‘ इस संबंध में बुधवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान) की गवर्निंग बॉडी की बैठक हुई। बैठक में फ्रंटलाइन चिकित्सा कर्मियों की क्षमता निर्माण के माध्यम से हरियाणा में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मातृ स्वास्थ्य संकेतकों पर प्रगति में तेजी लाने के उद्देश्य से चिकित्सा अधिकारियों और नर्सिंग अधिकारियों के लिए एक राज्यव्यापी रिफ्रेसर प्रशिक्षण कार्यक्रम की आवश्यकता पर जोर दिया, विशेष रूप से सुरक्षित प्रसव और प्रसव प्रथाओं को लक्षित करते हुए। उन्होंने कहा कि पूरा प्रशिक्षण छह महीने के भीतर पूरा किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मातृत्व देखभाल में शामिल प्रत्येक डॉक्टर और नर्स नवीनतम प्रोटोकॉल, क्लीनिकल कौशल और डायग्नोस्टिक जागरूकता से लैस हों।

उन्होंने हरियाणा में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) को कम करने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता पर कहा कि, ‘प्रसव के दौरान समय पर और कुशल हस्तक्षेप जीवन और मृत्यु के बीच अंतर ला सकता है। यही कारण है कि हम अपने फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण को प्राथमिकता दे रहे हैं। रिफ्रेसर प्रशिक्षण में सामान्य और जटिल प्रसव का प्रबंधन, खतरे के संकेतों की पहचान, रेफरल प्रोटोकॉल और आधुनिक उपकरणों के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के साथ संरेखण का भी आह्वान किया और इस बात पर प्रकाश डाला कि जमीनी स्तर पर कौशल को मजबूत करने से दीर्घकालिक प्रणालीगत सुधार होंगे।

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