सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

कांग्रेस: समूचे प्रदेश को अंधेरे ने घेरा है, खुद सत्ता के चिराग तले भी अंधेरा

भाजपा सरकार का आज मध्यप्रदेश के लिए घोषित किया गया बजट समाचार की सुर्खियों के लायक भी नहीं है। वित्त मंत्री ने जिस नीरसता से बजट भाषण पढ़ा उससे साफ प्रतीत हो रहा था कि सरकार झूठ बोलती है तो आवाज भारी रखती है और नये झूठ की तैयारी रखती है। भाजपा का यह बजट दलित-आदिवासी, पिछड़ों, किसानों, नौजवानों, बहनों और उद्यमियों, किसी के लिए भी भविष्य का कोई मार्ग प्रशस्त नहीं कर सका। सिर्फ आंकड़ों में हेरफेर करके बजट के आंकड़ों को बढ़ाया गया। जैसा कि केग ने अपनी 2024 की रिपोर्ट में लिखा था कि भाजपा सरकार का बजटरी अलोकेशन अवास्तविक आंकड़ों पर आधारित होता है, वह बात आज के बजट से भी प्रमाणित होती है। इतना ही नहीं वित्त मंत्री ने सदन में स्वीकार किया है कि प्रदेश का सर्विस सेक्टर और उद्योग की प्रगति बहुत मंद है।

आंकड़े बताते हैं हर बार बजट में हेरफेर किये जाते हैं:-

मप्र की भाजपा सरकार ने 421032.09 करोड़ रू. का बजट 2025-26 के लिए प्रस्तावित किया है। जिसमें राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.66 प्रतिशत होकर (78902.09 करोड़ रू) अलॉर्मिंग स्चिवेशन में आ गया है, क्योंकि एफआरबीएम एक्ट के अनुसार राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 3 प्रतिशत होना चाहिए। जो राजकोषीय घाटा 2023-24 में 3.26 प्रतिशत था वह आज भयावह स्तर पर पहुंच गया है।
वास्तविकता में राजकोषीय घाटा इससे भी अधिक भयावह है। क्योंकि जीएसडीपी के आंकड़े मनगणंत और बढ़ाचढ़ा कर बताये गये हैं।

जीएसडीपी 2024-25 में बजट अनुमान में 1522220 करोड़ रू. बताया गया था, जिसे पुनरिक्षित अनुमान में 18825 करोड़ रू. कम करके 1503395 करोड़ रू. किया गया तब यह कैसे संभव है कि 2025-26 में जीएसडीपी में 12.71 प्रतिशत की वृद्धि होकर यह 1694477 करोड़ रू. कर दिया जाये। अर्थात यह स्पष्ट है कि अपने राजकोषीय घाटे पर पर्दा डालने और कर्ज को बढ़ा चढ़ाकर लेने के लिये यह किया गया है।

कर्ज के बोझ तले दबाया मप्र को:-
मप्र में आज घोषित किये गये बजट से भी अधिक कर्ज हो गया है। मप्र पर 2025-26 में कुल कर्ज 499772.26 करोड़ रू. होगा। अर्थात 62 हजार रू. प्रतिव्यक्ति पर कर्ज चढ़ाया जा रहा है। इस वर्ष भाजपा सरकार 78770.56 करोड़ रू. का नया कर्ज लेगी।

राजस्व घाटे को राजस्व आधिक्य बताने का खेल:-

राज्य को हासिल होने वाले कर को भी बढ़ा चढ़ाकर बताया गया, ताकि राजस्व आधिक्य (रिवेन्यु सरप्लस) दिखाया जा सके, 2024-25 में भाजपा सरकार ने राज्य को हासिल होने वाला कर बजट अनुमान में 102096.51 करोड़ रू. बताया था, जिसे पुनरीक्षित अनुमान 2024-25 में 5.86 प्रतिशत कम करके 5980.69 करोड़ रू. कम हासिल होना बताया गया है। मगर 2025-26 में इसे 13.57 प्रतिशत बढ़ाकर अर्थात 109157 करोड़ रू. बताया गया है। यह इसलिए किया गया है कि राज्य को रेवेन्यु सरप्लस दिखा जा सके।
मध्य प्रदेश में 2023-24 में राजस्व आधिक्य 12487.78 करोड़ रू. था जो 2025-26 में 95 प्रतिशत कम होकर मात्र 617.95 करोड़ रू. रह गया है। जबकि इसकी सच्चाई यह है कि अगर राज्य के करों को बढ़ा चढ़ाकर नहीं बताया गया होता तो यह बजट बड़ा रेवेन्यु डेफिसिट बजट होता।

अनुसूचित जाति-जनजाति को दिया धोखा:-
अनुसूचित जनजाति सबप्लान में 47295.65 करोड़ रू. का प्रावधान रखा गया है, जो कि जीएसडीपी का मात्र 2.7 प्रतिशत है। जबकि मप्र को गौरव हासिल है कि सबसे ज्यादा आदिवासी भाई मप्र में रहते हैं।

अनुसूचित जाति के सबप्लान में 32633.33 करोड़ रू. का प्रावधान है जो कि जीएसडीपी का 1.93 प्रतिशत है।

अनुसूचित जाति में 15092 करोड़ रू. और जनजाति के सबप्लान में 28639 करोड़ रू. 2024-25 में आज दिनांक तक 80 और 82 प्रतिशत राशि ही खर्च की गई है।

पूंजीगत व्यय 2025-26 में 82513.41 करोड़ रू. बताया गया है जो कि बजट का मात्र 23 प्रतिशत है और इसकी भी सच्चाई यह है कि 2024-25 में जो पूंजीगत व्यय का प्रावधान 76561.17 करोड़ रू. रखा था, उसमें से मात्र 51763.75 करोड़ रू. किया गया है, अर्थात बजट का 67 प्रतिशत।

मप्र की भाजपा सरकार प्रदेश के विकास के साथ कुठाराघात कर रही है। अगर टेªजरी के डेटा पर नजर डाली जाये तो आज दिनांक तक 2024-25 के बजट का 61 प्रतिशत राशि ही खर्च की गई है। इतना ही नहीं केंद्रीय प्रायोजित योजना में भी दिल्ली की भाजपा सरकार ने 50 प्रतिशत राशि ही केंद्र के हिस्से की भेजी है।

कृषि और ग्रामीण विकास की स्थिति यह है कि 2024-25 के बजट के 35 हजार करोड़ रूपये में से 29 हजार करोड़ रू. ही 12 मार्च 2025 तक खर्च किये गये हैं। यही हाल महिला एवं बाल विकास, उच्च शिक्षा, उद्योग विभाग, युवा एवं खेल कल्याण, लघु उद्योग सहित लगभग सभी विभागों का है।

संबंधित समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

इटानगर में लोगों की बात सुनकर बोले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह– हर पीड़ित परिवार तक मदद पहुंचाकर ही चैन लेंगे

पूर्वोत्तर के दौरे में केंद्रीय मंत्री श्री किरन रिजिजू और मुख्यमंत्री भी साथ, अरुणाचल में अधिकारियों की बैठक भी लेंगे शिवराज सिंह चौहान*इटानगर/गुवाहाटी/नई दिल्ली,...

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

Jyotiraditya M. Scindia Reviews Flood Situation Across Northeast, Assures Full Central Support

*Ministry of Development of North Eastern Region Closely...

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img