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कोक स्टूडियो भारत ने लॉन्च किया ‘होलो लोलो’, असम के संगीत में जोड़ा एक नया रंग

नई दिल्ली, मार्च 2025: कोक स्टूडियो भारत, जो अलग-अलग संगीत शैलियों को एक मंच पर लाता है, ने अपने तीसरे सीज़न का दूसरा गाना ‘होलो लोलो’ जारी किया है। यह गाना एक फंदी (हाथी संभालने वाले) की कहानी को संगीत के जरिए बयां करता है। इसमें असम के लोक संगीत को आज के संगीत के साथ मिलाया गया है, जो फंदी और उसके हाथी के बीच के खास रिश्ते को जीवंत करता है। इस गाने को शंकुराज कुँवर और शाल्मली खोलगड़े ने अपनी आवाज़ दी है। असम की स्थानीय धुनों और हिंदी का मिश्रण इसे खास बनाता है।

असम के मोरन समुदाय की पुरानी परंपराओं से प्रेरित यह गाना अकेलेपन, प्यार और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है। यह एक फंदी की कहानी है, जो अपने हाथी के लिए चारा ढूंढने महीनों तक जंगलों और पहाड़ों में भटकता है। इस सफर में वह गीत गाता है और घाटी में अपने प्रिय की यादों को संजोता है। ‘होलो लोलो’ में कोक स्टूडियो भारत ने तोरानी गाँव की इस कहानी को भावुक संगीत और शानदार दृश्यों के साथ पेश किया है। पुरानी लोक कथाओं को आज के अंदाज़ में ढालकर यह गाना अतीत को वर्तमान से जोड़ता है और नई पीढ़ी तक परंपराओं को पहुंचाता है।

शंकुराज कुँवर ने कहा, “होलो लोलो’ को गाना मेरे लिए सम्मान की बात है। आज क्षेत्रीय संगीत को बहुत प्यार मिल रहा है और कोक स्टूडियो भारत इसे देश भर में फैला रहा है। यह गाना असम के इतिहास को सम्मान देता है। मैं खुश हूं कि इस मंच ने मुझे राष्‍ट्रीय स्‍तर पर अपनी कला दिखाने और अपनी जड़ों के साथ-साथ संगीत को पूरे देश तक पहुंचाने का मौका दिया।”

शाल्मली खोलगड़े ने कहा, “लोक संगीत में एक खास आत्मा होती है। ‘होलो लोलो’ असम की विरासत को नए संगीत के साथ खूबसूरती से जोड़ता है। कोक स्टूडियो भारत ऐसा मंच है, जहां आज के श्रोताओं की पंसद को ध्‍यान में रखते हुए पुराने संगीत को नया रूप मिल रहा है और यह ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों के दिलों तक पहुंच रहा है।”

कोका-कोला इंडिया के आईएमएक्स (इंटीग्रेटेड मार्केटिंग एक्सपीरियंस), शांतनु गंगाने ने कहा, “संगीत में वह ताकत होती है जिससे इतिहास भी जीवंत हो जाता है और कोक स्टूडियो भारत यही कर रहा है। सीज़न 3 सिर्फ गानों का नहीं, बल्कि भारत की कहानियों को फिर से जीने का मौका है। ‘होलो लोलो’ असम की विरासत को नई आवाज़ देता है। यह साबित करता है कि परंपराएं सिर्फ याद करने के लिए नहीं, बल्कि दोबारा जीने के लिए हैं। शंकुराज और शाल्मली के साथ हम इन कहानियों को आगे ले जा रहे हैं।”

कोक स्टूडियो भारत का तीसरा सीज़न संगीत और कहानियों को नए ढंग से पेश कर रहा है। अपने शानदार दृश्यों और भावनात्मक गीतों के साथ यह सीज़न लोगों को मंत्रमुग्‍ध करेगा और भारत की सांस्कृतिक धुनों को सामने लाएगा। आने वाले दिनों में और भी कहानियां, आवाज़ें और संगीत सुनने को मिलेंगे, जो लोगों को आपस में जोड़ेंगे और उन्‍हें प्रेरित करेंगे।

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