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चुनावों से कुछ महीने पहले BJP को लगा झटका, इस पार्टी ने छोड़ दिया NDA का साथ

कडलूर: तमिलनाडु की सियासत में विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले एक बड़ा उलटफेर हुआ है। टीटीवी दिनाकरन की अगुवाई वाली अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कड़गम यानी कि AMMK ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया। दिनाकरन ने BJP पर ‘धोखा’ देने का इल्जाम लगाया और कहा कि उनकी पार्टी अब इस गठबंधन यानी कि NDA का हिस्सा नहीं रहेगी। बता दें कि AMMK ने 2024 के लोकसभा चुनावों में 2 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली थी। बता दें कि अप्रैल 2026 के आसपास तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने हैं।2018 में हुई थी AMMK की स्थापना?
AMMK की स्थापना 2018 में टीटीवी दिनाकरन ने की थी, जो पहले अन्नाद्रमुक यानी कि AIADMK के नेता थे। अन्नाद्रमुक से निकाले जाने के बाद दिनाकरन ने अपनी अलग पार्टी बनाई, जो जयललिता की विरासत को आगे बढ़ाने का दावा करती है। AMMK के मुताबिक पार्टी का मुख्य मकसद तमिलनाडु की जनता के हक के लिए लड़ना और उनकी आवाज को बुलंद करना है। कडलूर जिले के कट्टुमन्नारकोइल में पत्रकारों से बात करते हुए दिनाकरन ने कहा, ‘हमारी पार्टी AMMK की शुरुआत ही कुछ लोगों के धोखे के खिलाफ हुई थी। हमने सोचा था कि शायद दिल्ली में बैठे लोग बदल जाएंगे या उन्हें बदल दिया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।’

‘हमने कई महीनों तक इंतजार किया’
दिनाकरन ने तंज कसते हुए कहा, ‘हम मूर्ख नहीं हैं कि दूसरों को अपने कंधों पर ढोते रहें। हमने कई महीनों तक इंतजार किया कि दिल्ली से कोई अच्छा फैसला आएगा, लेकिन अब हमें कुछ होता नहीं दिख रहा।’ दिनाकरन ने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी अब NDA से पूरी तरह अलग हो रही है। उन्होंने कहा, ‘हम दिसंबर में अपनी अगली रणनीति का ऐलान करेंगे।’ हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इस ‘धोखे’ के पीछे कौन लोग हैं।

NDA से एक और पार्टी हुई थी बाहर
AMMK तमिलनाडु में NDA से अलग होने वाली दूसरी पार्टी है। हाल ही में अन्नाद्रमुक से निकाले गए नेता ओ. पन्नीरसेल्वम ने भी अपनी पार्टी को NDA से बाहर कर लिया था। तमिलनाडु में NDA की अगुवाई अभी अन्नाद्रमुक कर रही है, जिसने इस साल अप्रैल में BJP के साथ फिर से गठबंधन किया था। दोनों पार्टियों ने 2023 में कुछ समय के लिए रास्ते अलग कर लिए थे, लेकिन बाद में फिर से हाथ मिला लिया।

2024 में कैसा था AMMK का प्रदर्शन?
2024 के लोकसभा चुनाव में AMMK ने NDA के साथ मिलकर तमिलनाडु की दो सीटों, थेनी और तिरुचिरापल्ली पर चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों जगह उसे हार का सामना करना पड़ा। खुद दिनाकरन ने थेनी सीट से अपनी किस्मत आजमाई थी, मगर कामयाबी नहीं मिली। दिनाकरन के इस फैसले ने तमिलनाडु की सियासत में नई हलचल मचा दी है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि AMMK दिसंबर में क्या नया ऐलान करती है और क्या वह किसी नए गठबंधन की ओर कदम बढ़ाएगी। फिलहाल, BJP और NDA के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि तमिलनाडु में वह अपना आधार मजबूत करने में जुटी है।

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