सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

CM मोहन यादव की बड़ी पहल, वैदिक घड़ी और ऐप का उद्घाटन, 7000 वर्षों का पंचांग अब मोबाइल पर

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की भारतीय संस्कृति विज्ञान ज्योतिष और समय गणना की प्राचीन परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की योजना वैदिक घड़ी का आज शुभारंभ होने जा रहा है। यह घड़ी पारंपरिक भारतीय समय गणना की प्रणाली को पुनर्जीवित करने का प्रयास है, जो सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को महत्व देती है।भारतीय काल गणना पर आधारित पहली घड़ी
भारत में अक्सर हम तीज त्योहारों के दिन काल और समय को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं लेकिन आने वाले दिनों में ये परेशानी दूर हो जाएगी। एमपी के सीएम डॉ मोहन यादव द्वारा शुरू की गई विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की मदद से कोई भी आम आदमी तिथि और मुहूर्त का आसानी से पता लगा सकेगा। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय काल गणना पर आधारित यह विश्व की पहली घड़ी है। यह सिर्फ समय नहीं बताती, बल्कि पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, नक्षत्र, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति, सूर्य-चंद्र ग्रहण, और चौघड़िया जैसी विस्तृत ज्योतिषीय जानकारी भी प्रदान करती है।

घड़ी की अनोखी खूबियां
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी और उसके मोबाइल ऐप में 3179 विक्रम पूर्व (श्रीकृष्ण के जन्म), महाभारतकाल से लेकर 7000 से अधिक वर्षों के पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मास, व्रत एवं त्यौहारों की दुर्लभ जानकारियां शामिल की गई हैं। आइए जानते हैं इसकी कुछ खूबियां-:

ऐप 189 से अधिक वैश्विक भाषाओं में उपलब्ध
धार्मिक कार्यों, व्रत और साधना के लिए 30 अलग-अलग शुभाशुभ मुहूर्तों की जानकारी
इन सभी कार्यों के लिए अलार्म की सुविधा भी
प्रचलित समय में वैदिक समय (30 घंटे) की जानकारी
GMT और IST समय, तापमान, हवा की गति, आर्द्रता एवं मौसम संबंधी सूचनाएं भी लोगों को उपलब्ध करायी जा रही है। यह ऐप 189 से अधिक वैश्विक भाषाओं में उपलब्ध है। जिसमें दैनिक सूर्योदय और सूर्यास्त की गणना इसी आधार पर हर दिन के 30 मुहूर्तों का सटीक विवरण शामिल है। घड़ी में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक जैसे 12 ज्योतिर्लिंग, नवग्रह और विभिन्न धार्मिक स्थल प्रदर्शित होते हैं। यह आधुनिक तकनीक जैसे इंटरनेट और GPS से जुड़ी है और इसकी जानकारी मोबाइल और स्मार्ट टीवी पर भी देखी जा सकती है।

उज्जैन में लगी थी दुनिया की पहली वैदिक घड़ी
भारतीय संस्कृति और भारतीय वैज्ञानिक विरासत का प्रदर्शन करने वाली दुनिया की पहली वैदिक घड़ी महाकाल की नगरी उज्जैन में लगी थी वहीं आज मुख्यमंत्री निवास में भारत की वैज्ञानिक विरासत को दुनिया के सामने लाने की कोशिश इस विक्रमादित्य वैदिक एप के जरिए की जा रही है।

 

संबंधित समाचार

दुनिया की सबसे लंबी स्लैग रोड बनाकर जिंदल स्टील ने रचा इतिहास, बना गिनीज रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जिंदल स्टील ने देश के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने फैक्ट्रियों से निकलने...

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img