सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

अमित शाह का हमला: “आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर सबसे बड़ा धब्बा”

नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष सेमिनार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 1975 में लगे आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस मौके को लोकतंत्र की रक्षा के लिए “सचेत रहने की चेतावनी” बताया और कहा कि आपातकाल का कालखंड भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था।

अमित शाह ने कहा,

“25 जून 1975 को सत्ता के नशे में एक परिवार ने पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था को बंधक बना लिया। यह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक संघर्ष था—लोकतंत्र और तानाशाही के बीच।”

उन्होंने बताया कि किस तरह संविधान को ताक पर रखकर नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए, मीडिया पर सेंसरशिप लागू की गई और हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया। उन्होंने कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या एक पार्टी और एक परिवार के इशारे पर की गई थी।

सेमिनार में मौजूद वरिष्ठ पत्रकारों, इतिहासकारों और उन लोगों ने भी अपने अनुभव साझा किए जो आपातकाल के दौरान जेल में बंद थे। सबने इस बात पर जोर दिया कि आपातकाल से सीख लेकर लोकतंत्र की नींव को मजबूत करना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।

अमित शाह ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा:

“नई पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि लोकतंत्र हमें उपहार में नहीं मिला, इसके लिए लोगों ने संघर्ष और बलिदान दिए हैं। अगर आज हम सजग नहीं रहे, तो कल फिर कोई सत्ता लोलुप व्यक्ति इस प्रणाली को कुचलने की कोशिश कर सकता है।”

संबंधित समाचार

दुनिया की सबसे लंबी स्लैग रोड बनाकर जिंदल स्टील ने रचा इतिहास, बना गिनीज रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जिंदल स्टील ने देश के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने फैक्ट्रियों से निकलने...

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img