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AISECT पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई, कुलपति समेत इन पर हो चुकी है FIR

कम्प्यूटर प्रशिक्षण के क्षेत्र में काम कर रही संस्था आईसेक्ट (AISECT) को छत्तीसगढ़ में ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा यह कार्रवाई की है। कार्यवाही से पहले लोक लेखा समिति ने यहां 1.82 करोड़ की गड़बड़ी पकड़ी थी, जिसके बाद समिति की अनुशंसा के आधार पर ही ये कार्रवाई की गयी है।

कुलपति, रजिस्ट्रार समेत कई लोगों पर एफआईआर

बिलासपुर कोटा स्थित डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी जिसे AISECT द्वारा संचालित किया जाता है। उसके कुलपति संतोष चौबे, रजिस्ट्रार गौरव शुक्ला, उप रजिस्ट्रार नीरज कश्यप और पूर्व रजिस्ट्रार शैलेष पांडेय के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज हो चुका है।

फर्जी डिग्री बेचने का आरोप

वहीं यूनिवर्सिटी पर मोटी रकम लेकर फर्जी डिग्रिया बांटने के आरोप लगे थे। इसके अलावा मान्यता नहीं होने के कारण कई युवाओं की डिग्रियों को नौकरी के समय अमान्य कर दिया गया था जिससे युवाओं ने भी इसके खिलाफ आवाज उठाई थी।

शिक्षा विभाग के अवर सचिव ने जारी किया आदेश :

आईसेक्ट संस्था ने साल 2001 से साल 2004 के बीच प्रदेश के स्कूलों में इंदिरा सूचना शक्ति योजना के तहत कम्प्यूटर प्रशिक्षण का कार्य कराया गया था। लोक लेखा समिति ने अपने 36वें प्रतिवेदन में इस योजना के दोषपूर्ण क्रियान्वयन के लिए 1.82 करोड़ का अनियमित भुगतान पाया गया। जिस पर विभाग द्वारा संस्था को नोटिस भी जारी किया गया था लेकिन AISECT संस्था ने समिति के सर्वे को ही अविश्वसनीय बता दिया था। इसके बाद समिति ने ही आईसेक्ट को ब्लैक लिस्टेड करने की अनुशंसा की और फिर शिक्षा विभाग के अवर सचिव ने सोमवार को इसका आदेश जारी किया है।

अन्य राज्यों में भी दिया जाता था कम्प्यूटर प्रशिक्षण

आईसेक्ट कम्प्यूटर का प्रशिक्षण देने वाली संस्था है जिसने पिछले कई सालों में छात्रों को कम्प्यूटर आधारित डिग्री और डिप्लोमा का कोर्स कराया है। इसके अलावा कई सरकारी स्कूलों और विभिन्न संस्थाओं में वोकेशनल ट्रेनिंग भी आईसेक्ट के द्वारा आयोजित की जाती रही है। प्रदेश में लाखों युवाओं ने इस संस्था से ट्रेनिंग ली है लेकिन नौकरी के समय इस संस्था की डिग्रियों को ही अमान्य कर दिया गया था। जिससे इसकी मान्यता और विश्वसनीयता पर कई कई सवाल उठ रहे थे। आईसेक्ट द्वारा कम्प्यूटर प्रशिक्षण केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी दिया जाता है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस संस्था को ब्लैक लिस्टेड किए जाने के बाद प्रदेश में किसी भी तरह के सरकारी प्रशिक्षण या कोर्स इस संस्था के द्वारा आयोजित नहीं किए जा सकेंगे।

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