सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

खलासी के बाद कोक स्टूडियो भारत में गूंजेगा आदित्य गढ़वी का नया गीत ‘मीठा खारा

नई दिल्ली, सितंबर, 2025: कोक स्टूडियो भारत ने अपने सीज़न 3 का नया गीत ‘मीठा खारा’ रिलीज़ किया है। नवरात्रि के उत्सव के साथ पेश किया गया यह गीत गुजरात की लोक-धरोहर को नई आवाज़ देता है। इस गाने को सिद्धार्थ अमित भावसार ने क्यूरेट और कम्पोज़ किया है, और इसमें लोकगायक आदित्य गढ़वी, मधुबंती बागची की सुरीली आवाज़ और युवा कलाकार थानू खान की ताज़गी शामिल है।कोक स्टूडियो भारत के लिए खास तौर पर तैयार किया गया ‘मीठा खारा’ लोकसंगीत की मिट्टी से जुड़ी धुनों को आधुनिक सुरों से जोड़ता है। यह गीत ‘खलासी’ की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एक बार फिर गुजरात की सांस्कृतिक जड़ों को उजागर करता है।

600 साल पुरानी अग्रिया कम्युनिटी की विरासत से जुड़ा ‘मीठा खारा’ उनके जीवन के गहरे विरोधाभास को सामने लाता है। गुजरात में ‘मीठू’ यानी नमक—एक ऐसी चीज़ जो आवश्यक भी है और कठिन परिश्रम से भी जुड़ी है। अग्रिया समुदाय के लिए नमक सिर्फ़ रोज़गार नहीं, बल्कि धैर्य और गर्व से जुड़ी उनकी धरोहर है। यह गीत दिखाता है कि किस तरह हर पीढ़ी इस मीठे-खारे सफर को अपनाती है—जहां कठोरता ही उनकी सबसे बड़ी मिठास बन जाती है। यही है ‘मीठा खारा’—हौसले और पहचान का गीत, जो नमक की तरह समय के साथ कायम रहता है।

कोका-कोला INSWA के आईएमएक्स (इंटीग्रेटेड मार्केटिंग एक्सपीरियंस) लीड शांतनु गंगाने ने कहा,
“त्योहार ऐसे मौके होते हैं जब संगीत लोगों को जोड़ने का सबसे सशक्त जरिया बनता है। ‘मीठा खारा’ के ज़रिए हमने परंपरा और युवाओं के संगीत प्रेम के बीच एक सेतु बनाने की कोशिश की है। कोक स्टूडियो भारत ऐसा मंच है, जहां आदित्य गढ़वी और मधुबंती बागची जैसे दिग्गज कलाकारों की आवाज़ें थानू खान जैसे युवा टैलेंट के साथ मिलकर ऐसी कहानियां रचती हैं, जो संगीत, संस्कृति और उपभोक्ताओं—तीनों को जोड़ती हैं।”

मीठा खारा’ की खूबसूरती इसके सभी कलाकारों के सामूहिक योगदान में है। भार्गव पुरोहित के संवेदनशील बोलों ने इस गीत को गहराई और असली पहचान दी। संगीतकार सिद्धार्थ अमित भावसार ने अग्रिया समुदाय की कहानी को स्वर देकर उनके संघर्ष और विरासत को एक सशक्त संगीत कथा में बदला। आदित्य गढ़वी की दमदार आवाज़ ने इसमें ताक़त भरी, वहीं मधुबंती बागची ने नर्मी और भावुकता जोड़ी। अंत में थानू खान के अनोखे अंदाज़ ने इस रचना को पूरा कर इसकी आत्मा को साकार कर दिया।

संगीतकार और निर्माता सिद्धार्थ अमित भावसार ने बताया कि ‘मीठा खारा’ की जड़ें लोकसंगीत से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, “गीत की रचना बेहद सरल धुनों से शुरू हुई और कहानी ने हर चरण में संगीत की दिशा तय की। लय और वाद्ययंत्रों को परत-दर-परत जोड़ा गया, ताकि हर ध्वनि श्रोताओं को परंपरा से जोड़ते हुए आज के समय में भी जीवंत और प्रामाणिक महसूस हो।”

गीतकार भार्गव पुरोहित ने कहा, “‘मीठा खारा’ लिखना मेरे लिए सम्मान की बात थी, क्योंकि इससे अग्रिया समुदाय के अनुभवों को शब्द देने का अवसर मिला। इस कहानी में गर्व, संघर्ष और परंपरा की कई परतें हैं और मैंने कोशिश की है कि गीत के बोल उस सच्चाई को सादगी और ईमानदारी के साथ दर्शाएं। यह मेरे लिए खुशी की बात है कि मेरे लिखे शब्द कोक स्टूडियो भारत के ज़रिए संगीत में ढलकर जीवंत हो उठे।”

लोकगायक आदित्य गढ़वी ने कहा, “कोक स्टूडियो भारत के साथ दोबारा जुड़ना मेरे लिए बेहद खास अनुभव है। ‘मीठा खारा’ के ज़रिए हम‘खलासी’ से शुरू हुई यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं और गुजरात की लोककथाओं को नए अंदाज़ में प्रस्तुत कर रहे हैं। यह गीत बनाना मेरे लिए खुशी का अनुभव था, क्योंकि इसमें सचमुच हमारी संस्कृति की आत्मा और हमारे लोगों का गर्व झलकता है।”

गायिका मधुबंती बागची ने कहा, “‘मीठा खारा’ मेरे लिए अपनी कला को उसके सच्चे रूप में अभिव्यक्त करने का अवसर था। एक कलाकार के रूप में मुझे हमेशा ऐसे मंच की तलाश रहती है, जहां तकनीक और भावनाओं, परंपरा और व्यक्तित्व को साथ लेकर आगे बढ़ सकूं। कोक स्टूडियो भारत ने मुझे यह अवसर दिया, जहां मैं अपनी आवाज़, अपने अनुभव और अपनी अभिव्यक्ति को पूरी तरह से गीत में उतार सकी।”

युवा कलाकार थानू खान ने कहा, “कोक स्टूडियो भारत का हिस्सा बनना मेरा सपना रहा है। ‘मीठा खारा’ में अपनी धुनों के ज़रिए गीत के सार को जोड़ पाना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है, जो हमेशा मेरे साथ रहेगा।”

‘खलासी’ की सफलता के बाद कोक स्टूडियो भारत सीज़न 3 देश की समृद्ध संगीत परंपरा का जश्न मना रहा है। यह मंच एक ओर दिग्गज कलाकारों को जोड़ रहा है, वहीं उभरती प्रतिभाओं को भी मौका दे रहा है। समकालीन और पारंपरिक धुनों के इस संगम से ऐसे गीत सामने आ रहे हैं, जो भारत की जनता और उनकी साझा कहानियों को प्रतिबिंबित करते हैं। हर नया ट्रैक दर्शकों के लिए एक जुड़ाव का अहसास लेकर आता है।

संबंधित समाचार

Jindal Panther Edge Bharat Select 16–14 in Thrilling Indian Masters League Encounter at Jindal Polo Estate

The match witnessed an electrifying start, with Jindal Panther taking an early 5–1 lead after the first chukker. However, Bharat Select fought back strongly, overturning the deficit to take a 7–6 lead.

सीजन के अंतिम टूर्नामेंट में पोलो एस्टेट और मेफेयर पोलो संयुक्त रूप से बने जिन्दल एस्टेट कप के विजेता

नोएडा स्थित जिन्दल पोलो एस्टेट में आयोजित पोलो सीजन के अंतिम टूर्नामेंट जिन्दल एस्टेट कप में पोलो एस्टेट और मेफेयर पोलो संयुक्त विजेता रहे। टूर्नामेंट के दौरान खेले गए दो रोमांचक मुकाबलों में इन दोनों टीमों ने जीत दर्ज की।

Polo Estate and Mayfair Polo Share Jindal Estate Cup Title in Season’s Final Tournament

Polo Estate and Mayfair Polo emerged joint winners of the Jindal Estate Cup, the final tournament of the polo season, following victories in two exciting encounters at the Jindal Polo Estate in Noida.

ताज़ा समाचार

Jindal Panther Edge Bharat Select 16–14 in Thrilling Indian Masters League Encounter at Jindal Polo Estate

The match witnessed an electrifying start, with Jindal Panther taking an early 5–1 lead after the first chukker. However, Bharat Select fought back strongly, overturning the deficit to take a 7–6 lead.

सीजन के अंतिम टूर्नामेंट में पोलो एस्टेट और मेफेयर पोलो संयुक्त रूप से बने जिन्दल एस्टेट कप के विजेता

नोएडा स्थित जिन्दल पोलो एस्टेट में आयोजित पोलो सीजन के अंतिम टूर्नामेंट जिन्दल एस्टेट कप में पोलो एस्टेट और मेफेयर पोलो संयुक्त विजेता रहे। टूर्नामेंट के दौरान खेले गए दो रोमांचक मुकाबलों में इन दोनों टीमों ने जीत दर्ज की।

Polo Estate and Mayfair Polo Share Jindal Estate Cup Title in Season’s Final Tournament

Polo Estate and Mayfair Polo emerged joint winners of the Jindal Estate Cup, the final tournament of the polo season, following victories in two exciting encounters at the Jindal Polo Estate in Noida.

अरावली को 10–5.5 से हराकर जिन्दल पैंथर ने जीता जिन्दल पैंथर शील्ड 2026 का खिताब

सिमरन शेरगिल और सिद्धांत शर्मा ने चार-चार गोल किए, गौरव सहगल बने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नवीन जिन्दल ने 2036 ओलंपिक में पोलो की वापसी की उम्मीद जताई, खेल प्रेमियों को नोएडा के जिन्दल पोलो एस्टेट में मैच देखने का दिया न्योता

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img