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ट्रंप के एक फैसले से सोना ₹2300 और चांदी ₹13,000 हुई सस्ती; जानिए आज के ताजा भाव

लंबे समय से ऊंचे स्तरों पर बनी हुई सोना-चांदी की कीमतों में एक झटके में तेज गिरावट दर्ज की गई। वायदा बाजार से लेकर हाजिर बाजार तक सोने और चांदी की चमक थोड़ी फीकी पड़ती नजर आई, वहीं इस गिरावट को कई लोग खरीदारी के मौके के तौर पर भी देख रहे हैं।
वायदा बाजार में एक ही सत्र में सोने की कीमत 2300 रुपये से ज्यादा टूट गई, जबकि चांदी ने 13,000 रुपये प्रति किलो की बड़ी गिरावट दर्ज की। इस अचानक आई नरमी ने निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों, दोनों का ध्यान खींचा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार सुबह 10:15 बजे सोना बीते सत्र के मुकाबले 2.21 प्रतिशत गिरकर 1,49,477 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, चांदी में और भी ज्यादा दबाव देखने को मिला। MCX पर चांदी करीब 4 प्रतिशत टूटकर 3,05,753 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। एक दिन में चांदी का 13,000 रुपये तक सस्ता होना बाजार में बड़ी हलचल की वजह बना।

दिलचस्प बात यह है कि बीते कुछ दिनों से वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितताओं के कारण सोना-चांदी में सुरक्षित निवेश के तौर पर जबरदस्त मांग देखने को मिल रही थी। इसी वजह से इनके भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। लेकिन गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय संकेतों में बदलाव के बाद मुनाफावसूली हावी हो गई, जिसका असर सीधे कीमतों पर पड़ा।

प्रमुख शहरों के दाम
हाजिर बाजार की बात करें तो देश के प्रमुख महानगरों में सोने के दाम अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। goodreturns के अनुसार,

राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 15,446 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना 14,160 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना 11,528 रुपये प्रति ग्राम है।
मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव 15,431 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट 14,145 रुपये और 18 कैरेट सोना 11,573 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया।
चेन्नई में सोने के दाम सबसे ऊंचे रहे, जहां 24 कैरेट सोना 15,491 रुपये, 22 कैरेट 14,200 रुपये और 18 कैरेट सोना 11,850 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीतम
ग्लोबल मार्केट में भी सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4800 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसल गया। इसकी बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यूरोपीय NATO देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी से पीछे हटना और ग्रीनलैंड को लेकर NATO के साथ डील के फ्रेमवर्क की घोषणा मानी जा रही है। इन फैसलों से वैश्विक बाजारों मेंजोखिम लेने की भावना बढ़ी, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग घटी और सोना-चांदी दबाव में आ गए।

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