सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

भारत के इस पड़ोसी देश में कांपी धरती, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग; इतनी रही तीव्रता

नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके सुबह 8 बजकर 32 मिनट पर महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र दार्चुला जिले के मुरई क्षेत्र के आस-पास बताया गया है।नेपाल के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित सुदूरपश्चिम प्रांत में गुरुवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई है। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (NEMRC) के अनुसार, भूकंप के झटके सुबह 8 बजकर 32 मिनट पर महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र दार्चुला जिले के मुरई क्षेत्र के आस-पास बताया गया है। भूकंप के झटके पास के बैतड़ी और बझांग जिलों में भी महसूस किए गए।
नुकसान की खबर नहीं
स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों ने पुष्टि की है कि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण फिलहाल किसी भी इमारत के गिरने या किसी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है।

बता दें कि नेपाल दुनिया के सबसे सक्रिय ‘टेक्टॉनिक’ जोन में स्थित है, जिसके कारण यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नेपाल भूकंपीय क्षेत्र चार और पांच के अंतर्गत आता है। यही वजह है कि यह हिमालयी राष्ट्र दुनिया के सबसे अधिक भूकंप संभावित देशों की सूची में 11वें स्थान पर है।

एक हफ्ते में दूसरी बार आया भूकंप
इससे पहले, नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत में सोमवार दोपहर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई थी। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (NEMRC) के अनुसार, भूकंप सोमवार दोपहर बाद 1 बजकर 14 मिनट पर आया। इसका केंद्र बाझंग जिले के रायल क्षेत्र के पास जमीन के भीतर स्थित था। भूकंप के झटके इतने प्रभावी थे कि बाझंग के पड़ोसी जिलों बाजुरा और बैतड़ी में भी लोग दहशत में आ गए और खुले मैदानों की ओर भागने लगे।

नेपाल का सुदूरपश्चिम प्रांत पिछले कुछ दिनों से लगातार भूकंपीय गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। इससे पहले, 17 मार्च को भी इसी प्रांत के दार्चुला जिले (सीतौला क्षेत्र) में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था।

संबंधित समाचार

दुनिया की सबसे लंबी स्लैग रोड बनाकर जिंदल स्टील ने रचा इतिहास, बना गिनीज रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जिंदल स्टील ने देश के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने फैक्ट्रियों से निकलने...

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img