सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

‘रामायण’ की मंथरा की आपबीती, एक थप्पड़ ने चकनाचूर किया हीरोइन बनने का सपना, फट गई आंख की नस, मार गया लकवा

रामायण’ में मंथरा का किरदार निभाकर घर-घर में मशहूर हुईं ललिता पवार ने 9 साल की उम्र में मूक फिल्मों से अभिनय की शुरुआत की थी। फिल्मों में हीरोइन बनने की चाहत रखने वालीं ललिता पवार फिल्मों में हीरोइन बनना चाहती थीं, लेकिन एक थप्पड़ ने उनका सपना चकनाचूर कर दिया।बॉलीवुड में कुछ ऐसे दमदार कलाकार हैं, जिन्हें उनके नाम से ज्यादा किरदारों के लिए याद किया जाता है। ललिता पवार भी इन्हीं कलाकारों में से एक थीं। ललिता पवार इतनी दमदार अभिनेत्री थीं कि जिस भी फिल्म में होतीं, अपने अभिनय की छाप छोड़ देतीं। दर्शक कुछ भी भूल जाएं, लेकिन उन्हें नहीं भूल पाते थे। बड़े पर्दे पर तो उन्होंने अत्याचारी सास बनकर खूब सुर्खियां बटोरीं, लेकिन सभी किरदारों पर ‘रामायण’ में निभाया मंथरा का किरदार भारी पड़ गया। रामानंद सागर की रामायण में उन्होंने ये किरदार ऐसी शिद्दत से निभाया कि दर्शक उन्हें असल में ऐसी ही नजरों से देखने लगे, जैसे वह सच में मंथरा हों। मंथरा कभी फिल्मों में हीरोइन बनने की चाहत लेकर आई थीं, लेकिन एक थप्पड़ के साथ उनका सपना भी धराशायी हो गया। चलिए आपको इस पूरी घटना के बारे में बताते हैं।हीरोइन बनना चाहती थीं ललिता पवार
ललिता पवार ने मात्र 9 साल की उम्र में अभिनय करियर की शुरुआत कर दी थी। 1916 को महाराष्ट्र के नासिक जिले में जन्मीं ललिता पवार का असली नाम अंबा लक्ष्मण राव सगुन था और उनके पिता पेशे से रेशम के व्यापारी थे। वहीं उनकी मां घर संभालती थीं। ललिता पवार को बचपन से ही अभिनय का शौक था, वह हीरोइन बनना चाहती थीं और उनकी प्रतिभा को देखते हुए उनके पिता ने भी उन्हें फिल्मों की दुनिया में कदम रखने की इजाजत दे दी।

9 साल की उम्र में किया डेब्यू
ललिता पवार तब सिर्फ 9 साल की थीं, जब पहली फिल्म ‘राजा हरिशचंद्र’ में काम किया। ये फिल्म 1928 में रिलीज हुई थी। ये उस समय की बात है जब भारत में मूक फिल्में बना करती थीं। ललिता पवार ने 9 साल की छोटी उम्र में ही साबित कर दिया था कि उनमें अभिनय कला कूट-कूटकर भरी है। उन्होंने बतौर बाल कलाकार कई फिल्मों में काम किया और समय के साथ हिंदी सिनेमा का बड़ा नाम बन गईं।

एक थप्पड़ ने बदल दी जिंदगी
ललिता पवार सिनेमा की दुनिया की बड़ी हीरोइन बनना चाहती थीं, लेकिन 1942 में एक थप्पड़ ने सब उलट-पुलट कर दिया। ललिता पवार ‘जंग-ए-आजादी’ की शूटिंग कर रही थीं, तभी एक सीन में को-एक्टर ने उन्हें थप्पड़ मारा। थप्पड़ इतना जोर का था कि वह ललिता पवार धड़ाम से फर्श में गिर गईं। उनकी आंख की नस फट गई और शरीर के एक हिस्से को लकवा मार गया। इस हादसे के बाद वह कई साल फिल्मों से दूर रहीं और फिर खुद को नई किरदारों में ढालकर वापसी की।

हीरोइन बनने का सपना टूटा तो बन गईं विलेन
1942 में फिल्म के सेट पर घटी घटना के बाद ललिता पवार का चेहरा पूरी तरह बदल गया। चेहरे के भी एक तरफ के हिस्से पर काफी प्रभाव पड़ा। ऐसे में उन्होंने हीरोइन नने की चाहत छोड़ दी और खुद को खलनायिका के किरदार के लिए तैयार किया। रामानंद सागर की ‘रामायण’ में मंथरा का किरदार निभाकर तो वह घर-घर में फेमस हो गईं। ललिता पवार ने अपने करियर में 700 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। हिंदी ही नहीं मराठी और गुजराती फिल्मों में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ी और एक अलग पहचान बनाई। लेकिन, जिंदगी के आखिरी दिन भी उनके लिए कम मुश्किलों भरे नहीं रहे। 1998 में उन्होंने मुंह के कैंसर के चलते इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

संबंधित समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

इटानगर में लोगों की बात सुनकर बोले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह– हर पीड़ित परिवार तक मदद पहुंचाकर ही चैन लेंगे

पूर्वोत्तर के दौरे में केंद्रीय मंत्री श्री किरन रिजिजू और मुख्यमंत्री भी साथ, अरुणाचल में अधिकारियों की बैठक भी लेंगे शिवराज सिंह चौहान*इटानगर/गुवाहाटी/नई दिल्ली,...

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

Jyotiraditya M. Scindia Reviews Flood Situation Across Northeast, Assures Full Central Support

*Ministry of Development of North Eastern Region Closely...

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img