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‘राइटर्स को नहीं देते महत्व’, ‘जवान’ के लेखक ने बताई फिल्ममेकर्स की सच्चाई, बोले- उन्हें लगता है सिर चढ़ जाएंगे

‘जवान’ और ‘बॉर्डर 2’ जैसी फिल्मों के राइटर सुमित अरोड़ा ने इंडस्ट्री में राइटर्स के हाल और अधिकारों के बारे में बात करते हुए कहा कि फिल्म मेकर पूरी कोशिश करते हैं कि लेखक ज्यादा पैसे न मांगे या फिर उन्हें महत्व न दिया जाए।बॉलीवुड में कई बार लेखकों के अधिकारों की मांग उठ चुकी है। लेखकों की मांग है कि फिल्मों में न सिर्फ लेखकों को क्रेडिट मिलना चाहिए बल्कि फिल्मों के पोस्टरों और प्रमोशनल कंटेंट में भी जगह मिलनी चाहिए। लेखकों को इंडस्ट्री में प्रसिद्धि पाने के लिए हमेशा संघर्ष करना पड़ा है। लेकिन, इंडस्ट्री में सलीम-जावेद जैसी लेखक जोड़ी भी रही और उनसे पहले साहिर लुधियानवी ने सम्मान और पैसे दोनों कमाए। लेकिन, समय के साथ बॉलीवुड में लेखकों के अधिकारों का ह्रास हुआ है और शाहरुख खान स्टारर ‘जवान’ और ‘स्त्री’ जैसी फिल्मों के लिए मशहूर लेखक सुमित अरोड़ा का भी यही कहना है।
लेखकों को कमतर महसूस कराया जाता है- सुमित अरोड़ा
हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में सुमित अरोड़ा ने फिल्म इंडस्ट्री में राइटर्स के हाल पर बात की और कहा कि इंडस्ट्री में लेखकों का महत्व एक ऐसे दौर फिर से लौट रहा है। सुमित कहते हैं “पिछले 20 सालों में सबकी सर्वश्रेष्ठ फिल्में ओरिजिनल रही हैं। अब अच्छी स्क्रिप्ट के बिना फिल्म बनाना और सफलता संभव ही नहीं रह गया और अगर कोई ऐसा करता है तो वो सुसाइडल मिशन पर है। मगर लेखकों को अभी भी कमतर महसूस कराया जाता है क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर उन्हें महत्व दिया गया तो वे ‘ज्यादा सर चढ़ जाएंगे।’ पैसे और महत्व के मामले में, फिल्ममेकर ये सुनश्चित करने की पूरी कोशिश करते हैं कि लेखकों को महत्व न मिले।”

लेखकों के अधिकारों पर सुमित अरोड़ा
बातचीत में सुमित अरोड़ा से जब पूछा गया कि क्या फिल्म मेकर्स सलीम-जावेद युग की वापसी को लेकर चिंतित हैं? जब बड़े लेखक लीड एक्टर्स से ज्यादा फीस लेते थे, तो सुमित ने कहा, “फिल्ममेकर्स को वो समय अच्छे से याद है। उन्हें पता है कि अगर लेखक को अपनी ताकत का एहसास हो गया तो क्या हो सकता है। यही बात है, जिससे हर कोई डरता है। अगर लेखकों को अपनी अहमियत और ताकत का एहसास हो गया तो ये खेल पूरी तरह पलट जाएगा। हालांकि, हालात पहले से बेहतर हुए हैं, लेकिन सुधार की गुंजाइश अभी भी है। जब मैं ज्यादा पैसे मांगता हूं तो वह कहते हैं- ‘इतना तो काफी है ना?’ वे सीधे तौर पर नहीं कहते, लेकिन बात समझ आ जाती है।”

सुमित अरोड़ा का करियर
सुमित अरोड़ा के करियर की बात करें तो उन्होंने शुरुआती दौर में टीवी के लिए काम किया। करीब 1 दशक तक टेलीविजन में काम करने के बाद, सुमित ने ‘स्त्री’ की कहानी लिखी और बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने ‘स्त्री 2’, ” और ‘जवान’ जैसी हिट फिल्मों के जरिए सुर्खियां बटोरीं। अब सुमित वॉर ड्रामा’बॉर्डर 2′ को लेकर चर्चा में हैं, जिनके लिखे डायलॉग हर तरफ छाए हैं। सनी देओल स्टारर फिल्म दुनिया भर में 400 करोड़ की कमाई कर चुकी है।

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