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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में जुटा विपक्ष-सूत्र

विपक्षी दल लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए विपक्षी दल लामबंद हो रहे हैं और जल्द ही अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है।नई दिल्ली: विपक्ष अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। सूत्रों के मुताबिक विपक्षी दल इस तैयारी में जुट गए हैं। दरअसल, बजट सत्र की शुरुआत ही काफी हंगामेदार रही है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के बाद हर रोज सदन की कार्यवाही में बाधा आई और स्पीकर को लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। वहीं विपक्ष की ओर से भी स्पीकर पर भेदभाव का आरोप लगाया जाता रहा है। अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक अब विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। आज भी लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले तमाम विपक्षी नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पहुंचे थे जहां उनकी एक मीटिंग हुई।

पक्ष और विपक्ष में रार
बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार इतनी बढ़ गई कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब तक नहीं दे पाए। विपक्ष खासतौर से कांग्रेस की महिला सांसदों ने उनकी सीट घेर रखी जिसके कारण उन्हें अपना भाषण स्थगित करना पड़ा।
लोकसभा महासचिव को नोटिस सौंपने की तैयारी
बजट सत्र के दौरान विपक्ष के तेवर को देखते हुए स्पीकर ने बार-बार उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन विपक्ष के सांसद हंगामे पर उतारू रहे और सदन के काम काज में बाधा आती रही। विपक्ष के 8 सांसदों को सदन के कामकाज में बाधा पहुंचाने के चलते निलंबित भी कर दिया गया था। वहीं विपक्ष की ओर से बार-बार स्पीकर पर यह आरोप लगाया जाता रहा कि वे सत्ता पक्ष को बोलने का अवसर देते हैं लेकिन विपक्ष को नहीं। सूत्रों के मुताबिक लगभग सभी विपक्षी दल स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर सहमत हैं और जल्द ही लोकसभा महासचिव को नोटिस सौंपने की तैयारी है।
सूत्रों के मुताबिक विपक्ष की ओर से राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने देने की मांग की जा रही है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक के कुछ अंश को पढ़ा और चीन के लद्दाख में हुए गतिरोध का मुद्दा उठाया था। वहीं चेयर की ओर से यह कहा गया कि अप्रकाशित किताब के अंश को पढ़ना उचित नहीं है। इस पर खूब हंगामा हुआ। विपक्ष की ओर राहुल गांधी को बोलने देने की मांग की जाती रही। वहीं विपक्ष 8 सांसदों का निलंबन वापस लेने की मांग भी कर रहा है। संसद में हंगामे के चलते विपक्ष के 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था।

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