सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

एलन मस्क का बदला प्लान, अब मंगल से पहले चंद्रमा पर शहर बसाने की है तैयारी; बताई डेडलाइन

दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने कहा है कि अब उनका फोकस मंगल ग्रह से पहले चंद्रमा पर शहर बसाने का है। उन्होंने इसे लेकर डेडलाइन भी बताई है। दिग्गज कारोबारी एलन मस्क ने बड़ा ऐलान कर दिया है। मस्क ने कहा है कि स्पेसएक्स अब मंगल ग्रह पर शहर बसाने से पहले चंद्रमा पर एक आत्मनिर्भर शहर स्थापित करने पर फोकस कर रहा है। कंपनी के फाउंडर और सीईओ एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि चंद्रमा पर ‘सेल्फ-ग्रोइंग’ या खुद से विकसित होने वाला शहर बनाने का लक्ष्य 10 साल से भी कम समय में हासिल किया जा सकता है, जबकि मंगल पर ऐसा करने में 20 साल से ज्यादा लग सकते हैं।मंगल पर भी बसेगा शहर
मस्क ने इस दौरान यह भी साफ कर दिया कि स्पेसएक्स मंगल पर भी शहर बनाने की कोशिश जारी रखेगा, लेकिन इसकी शुरुआत लगभग 5 से 7 साल बाद होगी। फिलहाल, कंपनी की प्राथमिकता चंद्रमा पर मानव बस्ती बसाना है। यह घोषणा हाल के दिनों में आई है, जब स्पेसएक्स ने अपने संसाधनों को मंगल मिशन से हटाकर चंद्रमा की ओर मोड़ दिया है।

2027 तक चंद्रमा पर अनक्रूड लैंडिंग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अब मार्च 2027 तक चंद्रमा पर एक अनक्रूड (बिना इंसान वाली) लैंडिंग का लक्ष्य रख रही है। इससे पहले मस्क ने 2026 के अंत तक मंगल पर अनक्रूड मिशन भेजने की बात कही थी, लेकिन अब टाइमलाइन में बदलाव आया है। यह बदलाव स्पेसएक्स के स्टारशिप रॉकेट के विकास से जुड़ा है। स्टारशिप दुनिया का सबसे बड़ा और शक्तिशाली रीयूजेबल रॉकेट है, जो चंद्रमा और मंगल दोनों के लिए डिजाइन किया गया है। नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम के तहत स्पेसएक्स को चंद्रमा पर एस्ट्रोनॉट्स उतारने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। स्टारशिप को लूनर लैंडर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

‘चंद्रमा पर आसान होगा बेस बनाना’
मस्क का मानना है कि चंद्रमा पर पहले बेस बनाना आसान और तेज होगा, क्योंकि पृथ्वी से दूरी कम है (करीब 3 दिन का सफर), जबकि मंगल तक पहुंचने में 6-9 महीने लगते हैं। चंद्रमा पर बर्फ मिलने की संभावना है, जिसे ईंधन (ऑक्सीजन और हाइड्रोजन) में बदला जा सकता है। साथ ही, साउथ पोल के पास शैकलटन क्रेटर जैसे इलाकों में लगभग लगातार सूरज की रोशनी मिलती है, जो सोलर पावर के लिए फायदेमंद है।

खुद की जरूरतें पूरी करेगा शहर
मस्क की योजना में स्टारशिप को ही शुरुआती हैबिटेट या बेस के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। कार्गो मिशन्स से सामग्री पहुंचाई जाएगी, फिर 3डी प्रिंटिंग और रोबोट्स से बेस को बढ़ाया जाएगा। यह शहर सेल्फ-सस्टेनिंग होगा, यानी खुद की जरूरतें पूरी करने वाला। मंगल की तुलना में चंद्रमा पर रेडिएशन, डस्ट स्टॉर्म्स और कम ग्रैविटी जैसी चुनौतियां कम हैं। मस्क का लक्ष्य है कि चंद्रमा पर बेस बनाकर इंसान मल्टी-प्लैनेटरी स्पीशीज बने, जो मानवता को लंबे समय तक बचाए रखने में मदद करेगा।

संबंधित समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

इटानगर में लोगों की बात सुनकर बोले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह– हर पीड़ित परिवार तक मदद पहुंचाकर ही चैन लेंगे

पूर्वोत्तर के दौरे में केंद्रीय मंत्री श्री किरन रिजिजू और मुख्यमंत्री भी साथ, अरुणाचल में अधिकारियों की बैठक भी लेंगे शिवराज सिंह चौहान*इटानगर/गुवाहाटी/नई दिल्ली,...

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

Jyotiraditya M. Scindia Reviews Flood Situation Across Northeast, Assures Full Central Support

*Ministry of Development of North Eastern Region Closely...

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img