भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने की घोषणा की। आरबीआई के इस फैसले की वजह से लोन की ब्याज दरें भी जस की तस रहेंगी और ग्राहकों को कोई नहीं राहत नहीं मिलेगी। भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने अपने रुख को Neutral यानी तटस्थ पर बरकरार रखा है, यानी आरबीआई भविष्य में जरूरत पड़ने पर ब्याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी करने के लिए तैयार है। संजय मल्होत्रा ने कहा कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील से भारत के एक्सपोर्ट को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
भारत की इकोनॉमी और ग्रोथ अभी मजबूत स्थिति में
आरबीआई ने रेपो रेट के अलावा, SDF (स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी) और MSF (मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी) में भी कोई बदलाव नहीं किया है। SDF को 5 प्रतिशत और MSF को 5.50 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि भारत अभी भी FDIs के लिए पसंदीद डेस्टिनेशन बना हुआ है। संजय मल्होत्रा ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर कहा कि भारत की इकोनॉमी और ग्रोथ अभी मजबूत स्थिति में है। आरबीआई ने बताया कि देश की रियल जीडीपी ग्रोथ 7.4 प्रतिशत की राह पर है।
अभी भी नियंत्रित दायरे में बनी हुई है महंगाई
संजय मल्होत्रा ने बताया कि देश में महंगाई अभी भी नियंत्रित दायरे में बनी हुई है। वित्त वर्ष 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर 2 प्रतिशत से बढ़कर 2.1 प्रतिशत हो गई है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के लिए महंगाई अनुमान को 2.9 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.2 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई गवर्नर ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए महंगाई अनुमान को 3.9 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। जबकि, दूसरी तिमाही के लिए महंगाई के अनुमान को 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.2 प्रतिशत कर दिया है।




