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रजत शर्मा को जब मित्र के रूप में हुए प्रभु श्रीराम के दर्शन! उन्होंने खुद सुनाया दिलचस्प किस्सा

मोरारी बापू की रामकथा में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होकर इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ने मित्र के रूप में प्रभु श्रीराम के दर्शन का किस्सा सुनाया। उन्होंने 27-28 साल पुरानी बात बताई।नई दिल्ली: विश्व शांति केंद्र की तरफ से नई दिल्ली के भारत मंडपम में मोरारी बापू की रामकथा का आयोजन किया गया है। 17 से 25 जनवरी तक जारी 9 दिनों की इस रामकथा में इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। इस मौके पर अपने संबोधन में रजत शर्मा ने बताया कि कैसे 27-28 साल पहले उन्होंने किसी एक मददगार के रूप में भगवान श्रीराम के दर्शन किए थे।

जब 43 लोगों ने रजत शर्मा के साथ छोड़ दिया चैनल
रजत शर्मा ने कहा, ‘मेरे दिल पर बोझ है। यह बात करीब 27-28 साल पहले की है। कैसे किसी को कभी-कभी भगवान के दर्शन हो जाते हैं। मोरारी बापू तो हमें रोज प्रभु राम के करीब ले जाते हैं। उनके दर्शन कराते हैं। यह उस समय की बात है जब मैं Zee टीवी में आप की अदालत करता था और एक न्यूज का शो भी करता था। परिस्थिति ऐसी बनी कि मुझे अचानक उसे छोड़ना पड़ा। और वो जनवरी का ही महीना था। मेरे पास काम नहीं था। मेरे पास में वाहन नहीं था। लेकिन सबसे बड़ी बात है कि करीब 43 लोग जो उस संस्थान में काम करते थे वह अपना काम छोड़कर मेरे साथ आ गए थे। वह कहने लगे कि हम तो आपके साथ रहेंगे।’

मित्र ने की अपना घर देने की पेशकश
रजत शर्मा ने बताया, ‘उनके घर गया तो मैंने देखा कि सारा सामान पैक हो रहा था। तो मैंने सोचा शायद इनके साथ भी मेरी जैसी परिस्थिति हुई होगी। उनकी किताबें जो उनको सबसे ज्यादा प्रिय थीं वह बंडल में थीं और बाहर ट्रक खड़ा था। तो उन्होंने कहा कि पंडित जी मैंने आपको एक मकसद से यहां बुलाया है। आपके पास स्टूडियो नहीं है। आपके पास दफ्तर नहीं है। आपके पास घर नहीं है। मैंने अपना घर खाली कर दिया है। यहां आप स्टूडियो बना लीजिएगा। यहां आपका ऑफिस होगा। यहां आपका किचन होगा।’

जब दोस्त के रूप में हुए प्रभु के दर्शन
उन्होंने आगे कहा कि ये सुनकर मेरी आंखों में आंसू थे। फिर मैंने कहा कि मैं ये अफोर्ड नहीं कर सकता हूं। तो उन्होंने कहा कि नहीं, इसको अफोर्ड नहीं करना है आपको। मैं और मेरी वाइफ दो हैं। हम लोग एक बरसाती में जाकर रह लेंगे। उस बरसाती का किराया आप दे देना। ये करुणा, ये परोपकार भावना, ये मित्र को सहायता देने का जज्बा, यही तो भगवान राम हैं।

रजत शर्मा ने कहा, ‘उन्हें आज यहां होना था। उनका नाम है आरिफ मोहम्मद खान। और आरिफ मोहम्मद खान के रूप में मैंने प्रभु के दर्शन किए। प्यार का, स्नेह का, त्याग का और करुणा का वो उदाहरण देखा। मुझे उस घर में शिफ्ट नहीं करना पड़ा। उनके पास रहना नहीं पड़ा। मैंने अनुनय-विनय करके उनको उसी घर में रहने दिया। लेकिन उस क्षण ने, उनके उस जज्बे ने, उनकी उस भावना ने मुझे जो हिम्मत दी, जो साहस दिया, जो शक्ति दी, वही शक्ति भगवान राम की शक्ति है और वही शक्ति जो मोरारी बापू हमें रोज सिखाते हैं।’

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