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‘जिंदगी बीत गई लेकिन…’ 83 साल के अमिताभ बच्चन को है इस चीज का अफसोस, उम्र और समय पर कही ये बात

अमिताभ बच्चन ने अपने लेटेस्ट ब्लॉग में बताया कि आखिर उन्हें उम्र के इस पड़ाव पर किन बातों का पछतावा है। इसी के साथ उन्होंने अपने पोस्ट में कुछ चीजें समय पर न सीख पाने को लेकर अफसोस भी जाहिर किया है।अमिताभ बच्चन भले ही 83 साल के हो चुके हैं, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर भी वह सुपर एक्टिव हैं। बैक टू बैक फिल्में, शो और विज्ञापनों की शूटिंग और इसी बीच वह सोशल मीडिया के लिए भी समय निकाल लेते हैं। आए दिन बिग बी सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ जरूर पोस्ट करते रहते हैं। कभी अपनी फिल्मों तो कभी निजी जिंदगी की झलक फैंस को देते रहते हैं। इस बीच अमिताभ बच्चन का लेटेस्ट ब्लॉग भी सुर्खियों में हैं, जिसमें उन्होंने कुछ चीजों को लेकर पछतावा जाहिर किया है। अमिताभ बच्चन ने अपने हालिया व्लॉग में कुछ चीजों को लेकर पछतावा जाहिर किया है।
अमिताभ बच्चन को इन बातों का है पछतावा
अमिताभ बच्चन ने अपने लेटेस्ट ब्लॉग में बताया कि उन्हें उम्र के इस पड़ाव पर कुछ चीजें समय पर न सीख पाने का पछतावा है। उन्होंने अपने ब्लॉग में बताया कि उन्हें पछतावा है कि वह अपने काम से जुड़ी कई चीजें समय पर नहीं सीख पाए और उन्हें ये बात काफी खलती है। बिग बी अपने ब्लॉग में लिखते हैं- ‘हर दिन कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता है, लेकिन अफसोस इस बात का है कि जो चीजें सीखने की हैं, वह सालों पहले सीख ली जानी चाहिए थी।’
क्यों है पछतावा?
अमिताभ बच्चन अपने पोस्ट में आगे लिखते हैं- ‘अफसोस इसलिए ज्यादा है क्योंकि जो कुछ अब सीखा जा रहा है वह उन दिनों मौजूद ही नहीं था… और अब सीखने की इच्छा, प्रयास और ऊर्जा समय और उम्र के साथ कम होती जा रही है। नए अविष्कारों और तकनीक की गति इतनी तेज है कि जब तक आप उन्हें सीखना शुरू कर ते हैं, तब तक समय निकल चुका होता है। इसलिए आज कई मीटिंग्स से यही रिजल्ट निकला है कि बेसिक चीजों को पहले ठीक से समझ लेना चाहिए और फिर काम पूरा करने के लिए अब के समय के बेस्ट टैलेंट्स और एक्सपर्ट्स को नियुक्त करें और काम हो जाएगा।’विशेषज्ञों को दें काम- अमिताभ बच्चन
बिग बी ने अपने ब्लॉग में बताया कि कैसे अगर आप दिए गए काम को नहीं कर पाते तो उसे कैसे कराना है। उन्होंने लिखा- ‘अगर आप किसी दिए गए काम से अनजान हैं या उसे पूरा करने के लिए योग्य नहीं हैं, तो कोई बात नहीं। आप उसे स्वीकार करें, फिर उसे अपनी पसंद के विशेषज्ञों को सौंप दें और काम पूरा करवा लें। काम स्वीकार किया… विशेषज्ञों को नियुक्त किया… और हो गया…। मेरे जमाने में… अगर आपको काम की जानकारी नहीं होती थी, तो आपको पछतावा होता था और आप उसे कर नहीं पाते थे या नहीं कर सकते थे… लेकिन अब ऐसा नहीं है। आप काम हाथ में लेते हैं और आउटसोर्सिंग के जरिए उसे पूरा करवा लेते हैं। वाह, सही शब्द का इस्तेमाल करके कितनी राहत मिली!’

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