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PM मोदी ने मकर संक्रांति, माघ बिहू और पोंगल पर दी शुभकामनाएं; जानें अपने संदेश में क्या कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मकर संक्रांति, माघ बिहू और पोंगल पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने किसानों की मेहनत को नमन करते हुए इन फसल उत्सवों को उम्मीद, समृद्धि, प्रकृति और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया।नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश भर के लोगों को मकर संक्रांति, माघ बिहू और पोंगल की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। ये तीनों त्योहार अलग-अलग राज्यों में फसल कटाई के मौसम को खुशी से मनाने के लिए मनाए जाते हैं। प्रधानमंत्री ने अलग-अलग पत्र लिखकर लोगों को ये शुभकामनाएं भेजीं। उन्होंने कहा कि ये त्योहार उम्मीद और सकारात्मकता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों और तरीकों से मनाई जाती है, लेकिन उत्साह और भावना एक ही रहती है।
किसानों का खासतौर पर शुक्रिया अदा किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों का खास तौर पर शुक्रिया अदा किया, क्योंकि ये त्योहार किसानों की मेहनत से जुड़ा है, जो पूरे देश को अनाज देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि संक्रांति हमें भविष्य की ओर आत्मविश्वास और खुशी के साथ देखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सभी को समृद्धि, अच्छा स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।
‘असम की संस्कृति को दर्शाता है माघ बिहू’
माघ बिहू पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह असम की संस्कृति को दर्शाता है। यह खुशी, गर्मजोशी और भाईचारे का त्योहार है। माघ बिहू फसल कटाई के पूरा होने का जश्न है और यह कृतज्ञता तथा संतोष की भावना सिखाता है। प्रधानमंत्री ने फिर से किसानों के योगदान को याद किया और सभी के लिए शांति, अच्छा स्वास्थ्य और सफलता की कामना की।
पोंगल के मौके पर PM ने दी शुभकामनाएं
पोंगल के मौके पर प्रधानमंत्री ने ‘वनक्कम’ कहकर तमिल लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पोंगल इंसान और प्रकृति के बीच गहरे रिश्ते को दिखाता है। यह त्योहार कृषि, ग्रामीण जीवन और मेहनत की इज्जत को सेलिब्रेट करता है। पोंगल परिवारों को एक साथ लाता है और सामाजिक रिश्तों को मजबूत बनाता है। प्रधानमंत्री ने इसे तमिल परंपराओं की समृद्धि का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भारत को गर्व है कि तमिल भाषा दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है। उन्होंने तमिलनाडु, भारत के अन्य हिस्सों और दुनिया भर में रहने वाले तमिल समुदाय को गर्मजोशी से पोंगल की शुभकामनाएं दीं।
पोंगल समारोह में शामिल होंगे पीएम मोदी
बता दें कि माघ बिहू असम का प्रमुख फसल उत्सव है, जो माघ महीने में फसल कटाई के खत्म होने पर मनाया जाता है और सामुदायिक भोज के साथ मनाया जाता है। लोहड़ी, पोंगल, संक्रांति और उत्तरायण के साथ यह भारत में फसल उत्सव मनाने के अलग-अलग तरीकों को दर्शाता है। उत्तर भारत में लोहड़ी अलाव जलाकर, पारंपरिक खाने और लोक गीतों के साथ मनाई जाती है।

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