सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

ISRO का PSLV C62/EOS N1 मिशन हुआ असफल, थर्ड फेज के आखिरी चरण में आई तकनीकी खामी

नए साल में भारत के ISRO ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई। इसरो ने PSLV C-62 मिशन के तहत भारत के सैटेलाइट EOS-N1 को अंतरिक्ष में लॉन्च किया है। ये लॉन्चिंग सुबह करीब 10 बजकर 17 मिनट पर श्री हरिकोटा से की गई। हालांकि, ये मिशन असफल रहा।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO ने आज सोमवार 12 जनवरी को अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगा दी है। इसरो ने देश के सैटेलाइट EOS-N1 अन्वेषा को PSLV C-62 मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजा। इस सैटेलाइट की मदद से सीमा निगरानी, छिपे लक्ष्यों की पहचान और पर्यावरण मॉनिटरिंग में क्रांति आने की संभावना थी। जानकारी के मुताबिक, इसरो का साल 2026 का पहला सेटेलाईट लॉन्च सुबह करीब 10 बजकर 17 मिनट पर श्री हरिकोटा स्पेस पोर्ट से हुआ। हालांकि, ये मिशन थर्ड फेज के आखिरी चरण में आई तकनीकी खामी के कारण असफल रहा।
14 अन्य पेलोड को अंतरिक्ष में स्थापित होंगे
इसरो ने अपने 2026 के प्रक्षेपण कैलेंडर की शुरुआत सोमवार को ‘पीएसएलवी-सी62’ मिशन के साथ किया। इस मिशन के तहत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ‘ईओएस-एन1’ और 14 अन्य पेलोड को अंतरिक्ष में स्थापित किया जाना था। इसरो की वाणिज्यिक शाखा ‘न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड’ (एनएसआईएल) के इस मिशन में शामिल 14 अन्य सह-यात्री उपग्रह देशी और विदेशी ग्राहकों के हैं वे सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम प्रक्षेपण स्थल से लॉन्च किए गए थे।
EOS-N1 की खूबियां
मुख्य पेलोड DRDO का EOS-N1 (अन्वेषा) हाइपरस्पेक्ट्रल अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है, जो सीमा निगरानी, छिपे लक्ष्यों की पहचान और पर्यावरण मॉनिटरिंग में क्रांति लाएगा। यह 2025 की असफलता के बाद PSLV का महत्वपूर्ण कमबैक था। इसरो EOS-N1 के अलावा आज 14 दूसरे पेलोड को भी अंतरिक्ष में स्थापित करने वाला था।
सारे पैरामीटर्स लॉन्च के माकूल
पहले PSLV C62/ EOS N1 लॉन्च का ऑटोमेटिक सिक्वेंस जारी कर दिया गया। इसका मतलब है कि सारे पैरामीटर्स लॉन्च के माकूल हैं। इसके बाद एक बार अंतिम परीक्षण किया गया। फिर 10 बजकर 18 मिनिट और 30 सेकेंड पर लिफ़्ट ऑफ किया गया। हालांकि, थर्ड फेज के आखिरी चरण में तकनीकी खामी के कारण ये मिशन असफल रहा।

संबंधित समाचार

गुरुग्राम में बच्ची से रेप की असंवेदनशील जांच के लिए हरियाणा पुलिस को SC ने लगाई फटकार, SIT का किया गठन

गुरुग्राम में 4 साल की बच्ची के साथ हुए रेप के मामले में निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने महिला IPS अधिकारियों की...

सेना में स्थायी कमीशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, महिलाओं अधिकारियों को दिया हक; जानें पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय सेना में स्थायी कमीशन को लेकर अहम फैसला सुनाया है। इस निर्णय में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन का हक...

तेल-अवीव के आसमान में जब इजरायल और ईरान की मिसाइलों के बीच हुआ भीषण युद्ध…आ गई रामायण और महाभारत सीरियल की याद, देखें

इजरायल और ईरान के बीच जंग के दौरान तेल-अवीव के आसमान में रोचक युद्ध देखने को मिला है। इसमें कुछ ईरानी मिसाइलों को इजरायल...

ताज़ा समाचार

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img