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पीएम मोदी के नेतृत्व में मजबूत हुए भारत-अफ्रीका संबंध, जानिए क्या रहा ‘मूल मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और अफ्रीकी देशों के बीच संबंध नए स्तर तक पहुंचे हैं। पीएम मोदी की अफ्रीकी देशों यात्राएं केवल औपचारिक नहीं बल्कि विकास, सम्मान और साझा भविष्य की नींव बनी हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और अफ्रीकी देशों के बीच संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। भारत की विदेश नीति का खास फोकस अफ्रीकी देशों पर रहा है और इसका सबसे बड़ा उदहराण है पीएम मोदी का अफ्रीकी देशों में जाना। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत और अफ्रीका के संबंधों को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। वो अफ्रीका जो कभी भारत की विदेश नीति में सीमित रूप से शामिल था, आज भारत की रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक साझेदारी का एक अहम स्तंभ बन चुका है।

नए स्तर पर भारत-अफ्रीका संबंध
पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अफ्रीका संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के एक नए स्तर पर पहुंचाया है। पिछले एक साल की बात करें तो पीएम मोदी ने अपनी यात्राओं के जरिए अफ्रीका के साथ इस जुड़ाव को और तेज किया है। इन यात्राओं ने पूरे अफ्रीका में राजनयिक और विकास संबंधों को मजबूती दी है। चलिए ऐसे में पीएम मोदी की एक साल में अफ्रीकी देशों की यात्रा पर एक नजर डालते हैं।

इथियोपिया: दिसंबर 2025
दक्षिण अफ्रीका: नवंबर 2025
घाना: जुलाई 2025
नामीबिया: जुलाई 2025
मॉरीशस: मार्च 2025
नाइजीरिया: नवंबर 2024
अफ्रीका नीति को मिली नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी ने अफ्रीका को समान भागीदार के रूप में देखा। उनकी नीति का मूल मंत्र रह है ‘विकास के लिए विकास, ना कि प्रभुत्व के लिए सहयोग।’ पीएम मोदी अब तक 10 से अधिक अफ्रीकी देशों की यात्रा कर चुके हैं जिनमें केन्या, तंजानिया, मोजाम्बिक, रवांडा और युगांडा जैसे देश भी शामिल हैं। कई देशों की उन्होंने पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में यात्रा की जिससे बदलते भारत का संदेश गया।

भारत की रही ऐतिहासिक भूमिका
2023 में भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से अफ्रीकी संघ को G20 की स्थायी सदस्यता मिली। यह कदम भारत-अफ्रीका संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना गया। इतना ही नहीं भारत ने अफ्रीका में जिस तरह का विकास सहयोग दिया, वह पश्चिमी या चीनी मॉडल से अलग है। हजारों की संख्या में छात्र भारत में पढ़ने आते हैं जिनमें डिजिटल शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट भी शामिल हैं।

मदद के लिए हमेशा आगे आया भारत
भारत ने अफ्रीकी देशों में स्वास्थ्य और मानवीय सहायता हमेशा सबसे पहले की है। कोविड-19 महामारी के दौरान अफ्रीकी देशों को वैक्सीन और दवाइयां भेजी हैं साथ ही बिजली परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास में भी अहम योगदान दिया है। रेलवे और सड़क निर्माण में भी भारत यहां अग्रणी भूमिका निभा रहा है। 2014 के बाद से भारत और अफ्रीका के व्यापार में तेज वृद्धि हुई। द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के करीब पहुंच गया है। अफ्रीका आज भारत को भरोसेमंद सहयोगी, विकास का साझेदार और वैश्विक मंच पर आवाज देने वाला मित्र मानता है।

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