सुनते हैं कि....

एनजीओ संचालिका का IAS डॉटर कनेक्शन-करोड़ों की फंडिंग  

राजधानी में खुद को समाजसेवी बताने वाली एक महिला...

‘मेरे पापा पावरफुल’

राजधानी भोपाल में बन रहे अत्याधुनिक बीजेपी दफ्तर को...

हिंदुत्व का असली रक्षक कौन?

2024 के आम चुनावों में बीजेपी अपने ट्रंप कार्ड...

कोका-कोला और गूगल जेमिनी ने ‘फेस्टिकॉन्‍स’ के साथ दीवाली को रौशन किया, परंपरा का संगम एआई के जादू से होगा

नई दिल्ली, अक्टूबर 2025: इस दिवाली, कोका-कोला इंडिया भारत के जश्‍न मनाने के तरीके को नया स्‍टाइल दे रही है जिसमें संस्कृति, क्रिएटिविटी और नई टेक्‍नोलॉजी का संयोजन किया गया है। गूगल के साथ पहली बार के सहयोग से कोका-कोला ने फेस्टिकॉन्स दिवाली ग्रीटिंग्स लॉन्च की है। इससे लोग गूगल जेमिनी ऐप से अपनी पर्सनल डिजिटल शुभकामनाएं बनाकर शेयर कर सकते हैं।

कोका-कोला के सीमित संस्करण के उत्सव पैक्स पर उपलब्ध यह पहल लोगों को QR कोड स्कैन करके जेमिनी ऐप में ही अपना व्यक्तिगत फेस्टिव अवतार बनाने और साझा करने की अनुमति देती है, जिसमें इसकी उन्नत इमेज जनरेशन क्षमताओं का उपयोग होता है। इस नवीन डिजिटल अनुभव के माध्यम से कोका-कोला उपभोक्ताओं को अपनी त्‍योहारी भावना साझा करने का अनोखा तरीका दे रही है।

फेस्टिव पैक स्कैन करके उपभोक्ता एक इंटरैक्टिव गूगल जेमिनी अनुभव में पहुंच जाते हैं। वहां वे अपना अनोखा “फेस्टिकॉन” डिजाइन कर सकते हैं, जिसमें अपनी पसंद का मजेदार और संबंधित फेस्टिव शख्सियत चुनें और एक क्लासिक दिवाली आइकन को कस्टमाइज करें। अपनी शक्तिशाली इमेज जनरेशन मॉडल्स का लाभ उठाते हुए जेमिनी इन सेलेक्‍शंस को मिलाकर एक अनोखा, साझा करने योग्य डिजिटल स्टिकर बनाता है। यूजर्स अपनी रचना डाउनलोड कर सकते हैं और दोस्तों-परिवार से साझा कर सकते हैं, जिससे #MyFesticon हैशटैग के साथ एक चेन शुरू होती है।

कार्तिक सुब्रमणियन, कोका-कोला कैटेगरी के सीनियर डायरेक्टर (मार्केटिंग) ने कहा, “कोका-कोला हमेशा भारत के जश्नों का हिस्सा रही है। इस दिवाली हम लोगों को खुद को जाहिर करने का नया और क्रिएटिव तरीका देकर खुश हैं। गूगल के साथ फेस्टिकॉन्स पर हमारा सहयोग इसी साधारण बात से आया है कि लोग उत्सव मनाने के ज्यादा पर्सनल और मतलब वाले तरीके चाहते हैं। गूगल जेमिनी से चलने वाली यह मुहिम एआई, आर्ट और कल्चर को जोड़ती है। इससे कोका-कोला की यह सोच मजबूत होती है कि जब लोग साथ आते हैं, तो वे हमेशा याद रहने वाली यादें बनाते हैं।”

यह मुहिम कोका-कोला की जेनरेटिव एआई वाली सफल गतिविधियों पर बनी है। दिवाली वाली मैजिक – ब्रांड का पिछला कैंपेन जो DALL-E के साथ मिलकर था – ने लोगों को अपना पर्सनल फेस्टिव कार्ड्स बनाने की सुविधा दी, जो भारत के घरों में खूब पसंद की गई। फेस्टिकॉन्स के साथ कोका-कोला इस आइडिया को आगे बढ़ा रही है, जिसमें रीयल-टाइम और इंटरैक्टिव तरीके से साथ मिलकर बनाना संभव हो रहा है। इससे हर दिवाली की शुभकामना उत्सव जितनी बेहद विचारात्‍मक, पर्सनल और क्रिएटिव बन जाती है।

अपने दिल में कोका-कोला हमेशा एकता, जुड़ाव और जश्न का नाम रही है। फेस्टिकॉन्स दीये की पुरानी गर्माहट को एआई की अनगिनत संभावनाओं से मिलाता है, जो फिर साबित करता है कि परंपरा जब नई चीजों से मिलती है तो जादू हो जाता है।

संबंधित समाचार

दुनिया की सबसे लंबी स्लैग रोड बनाकर जिंदल स्टील ने रचा इतिहास, बना गिनीज रिकॉर्ड

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जिंदल स्टील ने देश के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने फैक्ट्रियों से निकलने...

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

ताज़ा समाचार

अंगुल रथ यात्रा उत्सव में शामिल हुए नवीन जिन्दल; जिंदल फाउंडेशन ने पुरी में 12वें वार्षिक ‘अन्न सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की

दस से अधिक वर्षों से, फाउंडेशन की यह रथ यात्रा सेवा सहानुभूति और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक रही है। यह कार्यक्रम सुनिश्चित करता है कि जब पवित्र यात्रा के लिए पुरी में लाखों लोग एकत्रित हों, तो कोई भी श्रद्धालु भूखा न रहे।

नवीन जिन्दल समूह ने 18 गीगावाट की परमाणु परियोजनाओं के लिए 9 से अधिक राज्यों में संभावनाएं तलाशना शुरू किया

स्टील, खनन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के बाद नवीन जिन्दल समूह अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रख रहा है। इसके लिए 'जिन्दल रिन्यूएबल्स' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'जिन्दल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड' का गठन किया गया है।

सोशल मीडिया पर जुड़ें

560FansLike
245FollowersFollow
285FollowersFollow
320SubscribersSubscribe

विज्ञापन

spot_img